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Jharkhand: खरमास खत्म, कांग्रेस में राजनीतिक हलचल तेज; दिल्ली में डटे विधायक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jan 2026 08:03 PM IST
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सार
Jharkhand: झारखंड में खरमास समाप्त होने के बाद कांग्रेस में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक पिछले पांच दिनों से पांचों विधायक दिल्ली में पार्टी आलाकमान से मिलकर मंत्रीमंडल में होने वाले बदलाव से पहले मंत्री पद और संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर चर्चा कर रहे हैं।
झारखंड कांग्रेस के पांच विधायक दिल्ली में केसी वेणुगोपाल से मुलाकात करते हुए
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विस्तार
झारखंड में खरमास समाप्त होने के बाद राजनीतिक हलचल तेज होती दिख रही है। लंबे समय से जिस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की चर्चा थी, वह अब साकार होने की दिशा में बढ़ रहा है। पिछले पांच दिनों से झारखंड कांग्रेस के पांच विधायक राजधानी दिल्ली में रहकर पार्टी आलाकमान के समक्ष अपनी बात रख रहे हैं।
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झारखंड प्रभारी राज्य में मौजूद
हैरानी की बात यह है कि इसी दौरान झारखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू राज्य में ही मौजूद हैं। ऐसे में विधायकों का लगातार दिल्ली में बने रहना कई राजनीतिक संकेत दे रहा है। खरमास समाप्त होने और शुभ समय की चर्चा के बीच इन गतिविधियों ने अटकलों को और तेज कर दिया है।
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इन विधायकों ने कांग्रेस नेताओं से की मुलाकात
दिल्ली में मौजूद विधायकों में राजेश कच्छप, सोनाराम सिंकु, रामचंद्र सिंह, नमन विक्सल कोंगाड़ी और सुरेश बैठा शामिल हैं। इन सभी ने कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि इस दौरान संगठनात्मक मसलों के साथ-साथ मंत्री पद और बोर्ड-निगमों में नियुक्तियों पर भी चर्चा हुई।
दूसरे विधायकों को मंत्री बनाने की मांग
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इन विधायकों ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर आलाकमान के समक्ष अपनी राय रखी। चर्चा है कि वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के स्थान पर अन्य विधायकों को अवसर देने की मांग की गई है।
विधायकों ने दिया ये तर्क
विधायकों का तर्क है कि वित्त मंत्री चुनाव के समय दूसरी पार्टी से कांग्रेस में आए और पार्टी की टिकट पर जीतकर मंत्री बने। वहीं, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की मंत्री पद पर हैं, जबकि उनके पिता पार्टी संगठन में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री के कार्यों को लेकर संगठन और सरकार के भीतर पहले से असंतोष की बातें सामने आती रही हैं। विधायकों का मानना है कि यदि कांग्रेस पार्टी मंत्रिमंडल में आंशिक फेरबदल करती है तो इससे जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाएगा।
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विदेश दौरे पर हैं मुख्यमंत्री सोरेन
इधर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन फिलहाल विदेश दौरे पर हैं। उनके स्वदेश लौटने के बाद झारखंड की राजनीति में कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। राजनीति संभावनाओं का खेल है और झारखंड में इन दिनों कुछ भी संभव नजर आ रहा है।