Jharkhand News: तिरंगा यात्रा से रोके गए देवेंद्र महतो! अस्पताल के बाहर पुलिस तैनाती पर उठे सवाल, बढ़ा तनाव
झारखंड में 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जारी छात्र आंदोलन के बीच तनाव बढ़ गया। JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो, जो 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं और सदर अस्पताल में भर्ती हैं, ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आयोजित तिरंगा यात्रा और ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होने की इच्छा जताई।
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देश शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा था, वहीं झारखंड में जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो को लेकर सियासत गरमा गई। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता और छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल देवेंद्र नाथ महतो को कथित तौर पर पुलिस ने रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आयोजित तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोक दिया। महतो पिछले 14 दिनों से आमरण अनशन पर हैं। उन्होंने 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम इस समय छात्र आंदोलन का प्रमुख धरना स्थल बना हुआ है। यहां झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ हजारों छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं।
2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं देवेंद्र नाथ महतो
देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। रांची विधानसभा घेराव मार्च के दौरान स्थिति बिगड़ने के बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था और आंसू गैस के साथ पानी की बौछारों का भी इस्तेमाल किया गया था।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर महतो ने अस्पताल से तिरंगा यात्रा में शामिल होने की इच्छा जताई थी। इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि उनके अस्पताल के कमरे के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
महतो बोले- ‘आखिर ये कैसी आजादी है?’
महतो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि उन्होंने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित प्रदर्शन स्थल पर आयोजित ध्वजारोहण और तिरंगा यात्रा में शामिल होने की इच्छा जताई थी। इसके बाद सदर अस्पताल में उनके कमरे के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। उन्होंने कहा, “आखिर ये कैसी आजादी है? क्या हम अपने ही देश में तिरंगा फहराने और तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए भी स्वतंत्र नहीं हैं?” महतो ने कहा कि मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद वह शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम में शामिल होना चाहते हैं।
JPSC-JSSC परीक्षाओं में पारदर्शिता का CM हेमंत सोरेन ने दिया भरोसा
इधर, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में युवाओं और भर्ती परीक्षाओं को लेकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है, खासकर JPSC और JSSC जैसी संस्थाओं की ओर से आयोजित परीक्षाओं में।
हेमंत सोरेन ने कहा, “मेरे लिए राज्य के युवा और उनका हम पर विश्वास बहुत महत्वपूर्ण है। हमने व्यवस्था में बदलाव लाने का फैसला किया है। पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित की जाएगी।” मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने ‘छात्रों की बात-छात्रों के साथ’ पहल शुरू की है। इसके जरिए छात्रों से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव मांगे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था स्थापित करने में छात्रों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
महतो ने आंदोलन को तोड़ने की कोशिश का लगाया आरोप
इससे पहले अस्पताल के बिस्तर से देवेंद्र नाथ महतो ने छात्र आंदोलन को लेकर भी अपील जारी की थी। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल छात्रों को आंदोलन को कमजोर करने और उसे अलग-अलग हिस्सों में बांटने की कथित कोशिशों से सावधान रहने को कहा।
महतो ने आरोप लगाया कि आंदोलन शुरू होने के करीब एक महीने बाद कुछ बाहरी तत्व छात्र आंदोलन की दिशा को भटकाने और उसे कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे आंदोलन को टूटने या बिखरने न दें।
स्वतंत्रता दिवस पर मांगें नहीं उठाएंगे प्रदर्शनकारी छात्र
वहीं, छात्र नेता रविंद्र पासवान ने दिन में कहा कि 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्र सिर्फ देश की आजादी की बात करेंगे। उन्होंने कहा कि इस दिन छात्र सरकार के सामने अपनी मांगें नहीं रखेंगे।
झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र आंदोलन जारी है। इसी आंदोलन के बीच देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल और उन्हें तिरंगा यात्रा में शामिल होने से कथित तौर पर रोके जाने के मामले ने राज्य में राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।