झारखंड: दो महीने से बंधक बनाकर जबरन भीख मंगवाई जा रही थी, दिव्यांग की सुरक्षित घर वापसी
साहिबगंज के बोरियो में दो महीने से बंधक बनाकर रखे गए दिव्यांग को जबरन भीख मंगवाने के चंगुल से मुक्त कराया गया। समाजसेवियों और पुलिस की मदद से उन्हें सुरक्षित गोड्डा स्थित घर भेजा गया। पीड़ित केवल संताली भाषा जानते हैं।
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साहिबगंज जिले के बोरियो हाटपाड़ा क्षेत्र में करीब दो महीने से बंधक बनाकर रखे गए एक दिव्यांग व्यक्ति को जबरन भिक्षाटन कराने के मामले का खुलासा हुआ है। स्थानीय समाजसेवियों और पुलिस की मदद से गोड्डा जिले के सिकटिया निवासी को मुक्त कराया गया और सोमवार को उन्हें सुरक्षित उनके घर भेज दिया गया।
बताया गया कि पीड़ित को बरहड़वा से जबरन अपने साथ ले जाया गया था। बोरियो के हाटपाड़ा क्षेत्र में डेरा डाले कुछ लोग उनसे लगातार भीख मंगवा रहे थे। दिनभर उन्हें चारपहिया लकड़ी की गाड़ी पर बैठाकर अलग-अलग स्थानों पर घुमाया जाता था। भिक्षाटन से मिलने वाली रकम भी कथित तौर पर उनसे लेकर रख ली जाती थी।
दिनभर भीख मंगवाते, रात में मिलता था सिर्फ एक समय का खाना
पीड़ित के अनुसार, दिनभर भिक्षाटन कराने के बाद उन्हें रात में केवल एक समय का खाना दिया जाता था। करीब दो महीने से वह इस स्थिति में रह रहे थे। उन्हें परिवार से संपर्क करने की अनुमति भी नहीं दी जा रही थी। पीड़ित केवल संताली भाषा जानते हैं। भाषा की बाधा के कारण वह अपनी परेशानी आसपास के लोगों तक ठीक से नहीं पहुंचा पा रहे थे। उन्होंने कई बार राहगीरों और स्थानीय लोगों से अपनी स्थिति बताने की कोशिश की, लेकिन उनकी बात समझ में नहीं आ सकी।
समाजसेवी ने समझी पीड़ित की परेशानी
रविवार को हाटपाड़ा क्षेत्र में पीड़ित की मुलाकात समाजसेवी फूल कुमारी से हुई। उन्होंने अपनी आपबीती बताने की कोशिश की। समाजसेवी ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए अस्पताल के सुरक्षा गार्ड और स्थानीय ग्रामीणों की मदद ली और मामले की सूचना बोरियो थाना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद बोरियो थाना प्रभारी रोहित कुमार के निर्देश पर पुलिस की गश्ती टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने पीड़ित से जानकारी ली और उन्हें वहां से मुक्त कराया। सुरक्षा के लिहाज से रविवार रात उन्हें अस्पताल परिसर में रखा गया।
समाजसेवियों की मदद से घर भेजा गया
सोमवार सुबह समाजसेवियों, अस्पताल के सुरक्षा गार्ड और ग्रामीण सोनू की मदद से बाबूलाल को गोड्डा जाने वाले वाहन में बैठाया गया। इसके बाद उन्हें सुरक्षित उनके घर के लिए रवाना कर दिया गया। पुलिस ने मौके पर मौजूद संबंधित लोगों को कड़ी फटकार लगाई, जिसके बाद वे वहां से चले गए।
परिवार से महीनों से दूर थे बाबूलाल
पीड़ित ने बताया कि उनके परिवार में बेटी, दामाद और वृद्ध मां हैं। कई महीनों से घर नहीं पहुंच पाने के कारण परिवार के लोग भी परेशान थे। सुरक्षित घर लौटने के बाद परिवार से उनके मिलने की उम्मीद है। घटना के बाद क्षेत्र में घूमने वाले अस्थायी समूहों की गतिविधियों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी विशेष समुदाय के आधार पर किसी व्यक्ति पर संदेह न करें। किसी संदिग्ध गतिविधि या ठोस आचरण की जानकारी मिलने पर ही तत्काल नजदीकी थाने को सूचित करें।