Jharkhand Legislative Assembly Session: विधानसभा सत्र से पहले आरोप-प्रत्यारोप, नीतीश-ममता के लेकर बयानबाजी तेज
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र से पहले सत्तापक्ष और विपक्ष में तीखी बयानबाजी हुई। बंगाल में राष्ट्रपति अपमान, बिहार की राजनीति और नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा पर कांग्रेस-बीजेपी आमने-सामने रहीं, जबकि विपक्ष ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।
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झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के नौवें दिन सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों ने विभिन्न मुद्दों पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी।मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के अपमान के मुद्दे पर बीजेपी ने कांग्रेस और ममता बनर्जी पर हमला बोला। वहीं कांग्रेस ने ममता बनर्जी का बचाव करते हुए बीजेपी पर ही पलटवार किया।
इसके अलावा बिहार की राजनीति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और सीएम पद छोड़ने की अटकलों को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बिहार की जनता ने नीतीश कुमार को जनादेश दिया है, इसलिए उन्हें बिहार की सेवा करनी चाहिए।
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कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी सत्ता हासिल करने के लिए एक साजिश के तहत नीतीश कुमार को बिहार की राजनीति से दूर करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने यह भी कहा कि यदि नीतीश कुमार अपनी स्थिति स्पष्ट करें तो पार्टी उनकी मदद करने के लिए तैयार है। मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि वह नीतीश कुमार के समर्थन में खड़े रहेंगे।
वहीं बीजेपी विधायक और मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि झारखंड में विधि-व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो चुकी है और आए दिन हत्याएं हो रही हैं। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में अधिकारियों का मनोबल इस कदर बढ़ गया है कि उस पर नियंत्रण की जरूरत है।