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झारखंड में राजस्व संग्रह को बड़ा झटका: पहली छमाही में 13.86 प्रतिशत की गिरावट, जीएसटी कलेक्शन 22.54% घटा
Fri, 02 Oct 2026 11:47 AM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Fri, 02 Oct 2026 11:47 AM IST
सार
झारखंड में वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कुल राजस्व संग्रह में 13.86 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। सितंबर तक राज्य को 9,715.35 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, जबकि पिछले साल समान अवधि में यह 11,279.18 करोड़ रुपये था।
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झारखंड मंत्रालय
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
झारखंड में वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती छह महीनों के दौरान राजस्व संग्रह की रफ्तार धीमी रही है। वाणिज्य कर विभाग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में सितंबर तक कुल राजस्व संग्रह में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 13.86 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इस दौरान राज्य को पिछले वर्ष की तुलना में 1,564 करोड़ रुपये से अधिक कम राजस्व मिला है। राजस्व में आई इस गिरावट का मुख्य कारण वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में कमी को माना जा रहा है।
राजस्व संग्रह में भारी गिरावट
वाणिज्य कर विभाग के अनुसार, सितंबर 2026 तक राज्य का कुल राजस्व संग्रह (जीएसटी और गैर-जीएसटी मिलाकर) 9,715.35 करोड़ रुपये रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में यह संग्रह 11,279.18 करोड़ रुपये था। इस तरह चालू वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में कुल राजस्व प्राप्ति में 13.86 प्रतिशत की कमी आई है। राजस्व संग्रह की धीमी रफ्तार से वाणिज्य कर विभाग की चिंता बढ़ रही है।
जीएसटी कलेक्शन पर असर
चालू वित्तीय वर्ष में सबसे बड़ा झटका जीएसटी संग्रह के मोर्चे पर लगा है। सेटलमेंट को मिलाकर राज्य में कुल जीएसटी संग्रह 5,736.25 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 7,405.22 करोड़ रुपये की तुलना में 22.54 प्रतिशत कम है। जीएसटी कलेक्शन के तहत एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (आईजीएसटी) सेटलमेंट में 56.98 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। आईजीएसटी सेटलमेंट में आई इस बड़ी कमी ने जीएसटी के कुल आंकड़े को नीचे खींच दिया।
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ये भी पढ़ें- झारखंड: हेमंत सोरेन पर आरोप तय, क्या अब बढ़ेगा सीएम पद से इस्तीफे का दबाव? भाजपा की मांग पर झामुमो का पलटवार
गैर-जीएसटी मद से मिली राहत
जीएसटी संग्रह में गिरावट के विपरीत गैर-जीएसटी राजस्व मदों में मामूली सुधार देखने को मिला है। गैर-जीएसटी संग्रह में 2.71 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष की समान अवधि में गैर-जीएसटी संग्रह 3,873.96 करोड़ रुपये था, जो चालू वित्तीय वर्ष में बढ़कर 3,979.10 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस बढ़ोतरी में मुख्य योगदान मूल्य वर्धित कर (वैट) संग्रह का रहा है। वैट संग्रह में 13.30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
लक्ष्य हासिल करने की स्थिति
राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 24,000 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया है। छह महीने पूरे होने के बाद विभाग कुल लक्ष्य का केवल 40.48 प्रतिशत राजस्व ही जुटा पाया है।मदवार आंकड़ों के अनुसार, जीएसटी के 14,563.74 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य का मात्र 39.39 प्रतिशत हासिल हुआ है। वहीं, गैर-जीएसटी मद के 9,436.26 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य का 42.17 प्रतिशत हिस्सा ही प्राप्त हो सका है।
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राजस्व संग्रह में भारी गिरावट
वाणिज्य कर विभाग के अनुसार, सितंबर 2026 तक राज्य का कुल राजस्व संग्रह (जीएसटी और गैर-जीएसटी मिलाकर) 9,715.35 करोड़ रुपये रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में यह संग्रह 11,279.18 करोड़ रुपये था। इस तरह चालू वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में कुल राजस्व प्राप्ति में 13.86 प्रतिशत की कमी आई है। राजस्व संग्रह की धीमी रफ्तार से वाणिज्य कर विभाग की चिंता बढ़ रही है।
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जीएसटी कलेक्शन पर असर
चालू वित्तीय वर्ष में सबसे बड़ा झटका जीएसटी संग्रह के मोर्चे पर लगा है। सेटलमेंट को मिलाकर राज्य में कुल जीएसटी संग्रह 5,736.25 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 7,405.22 करोड़ रुपये की तुलना में 22.54 प्रतिशत कम है। जीएसटी कलेक्शन के तहत एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (आईजीएसटी) सेटलमेंट में 56.98 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। आईजीएसटी सेटलमेंट में आई इस बड़ी कमी ने जीएसटी के कुल आंकड़े को नीचे खींच दिया।
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गैर-जीएसटी मद से मिली राहत
जीएसटी संग्रह में गिरावट के विपरीत गैर-जीएसटी राजस्व मदों में मामूली सुधार देखने को मिला है। गैर-जीएसटी संग्रह में 2.71 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष की समान अवधि में गैर-जीएसटी संग्रह 3,873.96 करोड़ रुपये था, जो चालू वित्तीय वर्ष में बढ़कर 3,979.10 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस बढ़ोतरी में मुख्य योगदान मूल्य वर्धित कर (वैट) संग्रह का रहा है। वैट संग्रह में 13.30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
लक्ष्य हासिल करने की स्थिति
राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 24,000 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया है। छह महीने पूरे होने के बाद विभाग कुल लक्ष्य का केवल 40.48 प्रतिशत राजस्व ही जुटा पाया है।मदवार आंकड़ों के अनुसार, जीएसटी के 14,563.74 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य का मात्र 39.39 प्रतिशत हासिल हुआ है। वहीं, गैर-जीएसटी मद के 9,436.26 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य का 42.17 प्रतिशत हिस्सा ही प्राप्त हो सका है।