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झारखंड: हेमंत सोरेन पर आरोप तय, क्या अब बढ़ेगा सीएम पद से इस्तीफे का दबाव? भाजपा की मांग पर झामुमो का पलटवार
Fri, 02 Oct 2026 08:12 AM IST
राँची ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Fri, 02 Oct 2026 08:12 AM IST
सार
बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े पीएमएलए मामले में रांची की विशेष अदालत ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर आरोप तय कर दिए हैं। इसके बाद भाजपा ने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की है, जबकि झामुमो ने पलटवार करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई है।
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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
झारखंड की राजनीति में एक बार फिर उबाल आ गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर पीएमएलए कोर्ट से बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन मामले में आरोप तय होने के बाद भाजपा को राज्य सरकार को घेरने का मौका मिल गया है। कोर्ट में जैसे ही सीएम हेमंत सोरेन पर आरोप गठित हुए, भाजपा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग शुरू कर दी। विशेष पीएमएलए अदालत में आरोप तय होने के बाद अब मामले में ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
भाजपा का कहना है कि मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए हेमंत सोरेन मामले की जांच के दौरान गवाहों और साक्ष्यों को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं, झामुमो ने मुख्यमंत्री का बचाव करते हुए पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। हेमंत सोरेन ने कोर्ट में अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। भाजपा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की है। भाजपा का कहना है कि मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए वे गवाहों और साक्ष्यों को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए जब तक मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया चल रही है, तब तक उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
जेएमएम ने भाजपा पर किया पलटवार
वहीं, झामुमो के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा है कि भाजपा में यदि दम है तो पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा दिलाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में अपराध की स्थिति का भी जिक्र करते हुए कहा कि यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाई है। बैद्यनाथ राम ने सवाल उठाया कि भाजपा योगी सरकार से इस्तीफा क्यों नहीं मांगती है। उन्होंने देश की जीडीपी के आंकड़ों और शेयर बाजार को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर कई गंभीर आरोप लगे हैं, क्या इन लोगों ने इस्तीफा दिया है?
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ये भी पढ़ें- झारखंड: जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच का सरकार को अल्टीमेटम, 18 अक्तूबर तक मांग नहीं मानीं तो छात्र महापंचायत
इरफान अंसारी भी हेमंत के बचाव में उतरे
इस बीच स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बचाव करते हुए भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि वोट चोरी करने वाले ज्ञानेश कुमार का पहले इस्तीफा होना चाहिए। यह सबसे बड़ा गुनाह है। इरफान अंसारी ने कहा कि भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है और एक आदिवासी मुख्यमंत्री को बदनाम करने के लिए वह अपने सारे हथकंडे इस्तेमाल करने से नहीं हिचक रही है।
आरोप तय होने के बाद अब ट्रायल
बहरहाल, बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर अदालत द्वारा आरोप तय किए जाने के बाद अब मामले में ट्रायल शुरू होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों और साक्ष्यों को अदालत के सामने पेश किया जाएगा। मामले में हेमंत सोरेन समेत कुल 17 आरोपी हैं और अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले ही आरोप तय किए जा चुके हैं।
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भाजपा का कहना है कि मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए हेमंत सोरेन मामले की जांच के दौरान गवाहों और साक्ष्यों को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं, झामुमो ने मुख्यमंत्री का बचाव करते हुए पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। हेमंत सोरेन ने कोर्ट में अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। भाजपा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की है। भाजपा का कहना है कि मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए वे गवाहों और साक्ष्यों को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए जब तक मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया चल रही है, तब तक उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
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जेएमएम ने भाजपा पर किया पलटवार
वहीं, झामुमो के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा है कि भाजपा में यदि दम है तो पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा दिलाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में अपराध की स्थिति का भी जिक्र करते हुए कहा कि यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाई है। बैद्यनाथ राम ने सवाल उठाया कि भाजपा योगी सरकार से इस्तीफा क्यों नहीं मांगती है। उन्होंने देश की जीडीपी के आंकड़ों और शेयर बाजार को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर कई गंभीर आरोप लगे हैं, क्या इन लोगों ने इस्तीफा दिया है?
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इरफान अंसारी भी हेमंत के बचाव में उतरे
इस बीच स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बचाव करते हुए भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि वोट चोरी करने वाले ज्ञानेश कुमार का पहले इस्तीफा होना चाहिए। यह सबसे बड़ा गुनाह है। इरफान अंसारी ने कहा कि भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है और एक आदिवासी मुख्यमंत्री को बदनाम करने के लिए वह अपने सारे हथकंडे इस्तेमाल करने से नहीं हिचक रही है।
आरोप तय होने के बाद अब ट्रायल
बहरहाल, बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर अदालत द्वारा आरोप तय किए जाने के बाद अब मामले में ट्रायल शुरू होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों और साक्ष्यों को अदालत के सामने पेश किया जाएगा। मामले में हेमंत सोरेन समेत कुल 17 आरोपी हैं और अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले ही आरोप तय किए जा चुके हैं।