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Jharkhand: छेड़खानी का विरोध करने पर युवक की हत्या, पुलिस वाहन से खींचकर किया था हमला; तीन पुलिसकर्मी निलंबित
Tue, 30 Jun 2026 01:06 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Tue, 30 Jun 2026 01:06 PM IST
सार
जमशेदपुर में बार के बाहर कथित छेड़खानी का विरोध करने पर चाकू से घायल हुए युवक हिमांशु सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद लोगों ने छह घंटे तक सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। मामले में पुलिस की लापरवाही पाए जाने पर तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
झारखंड के जमशेदपुर में छेड़खानी का विरोध करना एक युवक को भारी पड़ गया। बिष्टूपुर थाना क्षेत्र स्थित एक बार के बाहर हुए विवाद में चाकू से गंभीर रूप से घायल हुए युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद शहर में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने कई घंटों तक सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। मृतक की पहचान हिमांशु सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, शनिवार रात हिमांशु और उसके एक साथी ने बार के बाहर कथित छेड़खानी का विरोध किया था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया।
पुलिस वाहन से उतारकर किया हमला
जानकारी के मुताबिक, सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को अपनी गश्ती गाड़ी में बैठा लिया। आरोप है कि इसी दौरान हमलावरों ने दोनों को पुलिस वाहन से जबरन बाहर खींच लिया और उन पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह ने सोमवार शाम इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि दूसरा युवक अब भी अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती है।
10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में बार संचालक सहित 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। घटना की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की गई। जांच में गश्ती दल की लापरवाही सामने आने के बाद सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) रतन कुमार दास, राजेश कुमार रंजन और कांस्टेबल मनोज कुमार को निलंबित कर दिया गया।
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मौत के बाद फूटा लोगों का गुस्सा
हिमांशु की मौत की खबर फैलते ही सैकड़ों लोग बिष्टूपुर गोलचक्कर पर एकत्र हो गए और सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब छह घंटे तक शहर की प्रमुख सड़क पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पुलिस ने मुख्य आरोपियों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया है। उन्होंने सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
ये भी पढ़ें- Jharkhand: पलामू में तांत्रिक के कहने पर राख खा रहा था एक परिवार, 10 दिन में पांच लोगों की मौत; हड़कंप
प्रदर्शन के दौरान हुई तोड़फोड़
विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर विरोध जताया। इस दौरान मौके पर पहुंचे सिटी एसपी ललित मीणा के वाहन पर भी पथराव किया गया, जिससे वाहन का एक शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
जनप्रतिनिधियों ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने घटना के लिए पुलिस व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पुलिस वाहन से युवकों को खींचकर हमला किया जाना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
वहीं, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने भी घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि अपराधी पुलिस वाहन से लोगों को बाहर निकालकर हमला कर सकते हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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पुलिस वाहन से उतारकर किया हमला
जानकारी के मुताबिक, सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को अपनी गश्ती गाड़ी में बैठा लिया। आरोप है कि इसी दौरान हमलावरों ने दोनों को पुलिस वाहन से जबरन बाहर खींच लिया और उन पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह ने सोमवार शाम इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि दूसरा युवक अब भी अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती है।
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10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में बार संचालक सहित 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। घटना की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की गई। जांच में गश्ती दल की लापरवाही सामने आने के बाद सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) रतन कुमार दास, राजेश कुमार रंजन और कांस्टेबल मनोज कुमार को निलंबित कर दिया गया।
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मौत के बाद फूटा लोगों का गुस्सा
हिमांशु की मौत की खबर फैलते ही सैकड़ों लोग बिष्टूपुर गोलचक्कर पर एकत्र हो गए और सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब छह घंटे तक शहर की प्रमुख सड़क पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पुलिस ने मुख्य आरोपियों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया है। उन्होंने सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
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प्रदर्शन के दौरान हुई तोड़फोड़
विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर विरोध जताया। इस दौरान मौके पर पहुंचे सिटी एसपी ललित मीणा के वाहन पर भी पथराव किया गया, जिससे वाहन का एक शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
जनप्रतिनिधियों ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने घटना के लिए पुलिस व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पुलिस वाहन से युवकों को खींचकर हमला किया जाना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
वहीं, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने भी घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि अपराधी पुलिस वाहन से लोगों को बाहर निकालकर हमला कर सकते हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।