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Jharkhand: पुलिस ने घेरा मुख्य रास्ता, छात्रों ने खोज ली नई राह... विधानसभा पहुंचने के लिए अपनाया ये रूट मैप
Mon, 10 Aug 2026 01:51 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Mon, 10 Aug 2026 01:51 PM IST
सार
रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी।
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बैरिकेड लांघ खेतों-पगडंडियों से विधानसभा पहुंचे छात्र
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों ने सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देने के लिए अनोखा रास्ता अपनाया। विधानसभा के सभी प्रमुख मार्गों पर पुलिस की नाकाबंदी, कंटीले तारों वाली बैरिकेडिंग, वॉटर कैनन और भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद छात्रों ने मुख्य सड़क का रास्ता छोड़कर खेतों और पगडंडियों के जरिए विधानसभा की ओर बढ़ने का ‘रूट मैप’ तैयार किया। छात्रों की इस रणनीति से पुलिस-प्रशासन को उन्हें रोकने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान कई जगह प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया।
विधानसभा के रास्तों पर पुलिस का सख्त पहरा
रांची की सड़कें सोमवार को आम दिनों से अलग नजर आईं। झारखंड विधानसभा की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर पुलिस का सख्त पहरा रहा। जगह-जगह मजबूत बैरिकेडिंग के साथ कंटीले तार लगाए गए थे। इसके अलावा वॉटर कैनन की गाड़ियां और बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। प्रशासन की कोशिश थी कि प्रदर्शनकारी छात्रों को विधानसभा के करीब पहुंचने से रोका जाए।
मुख्य सड़क छोड़ी, खेत और पगडंडियों से बढ़े छात्र
पुलिस ने जब विधानसभा की ओर जाने वाले मुख्य रास्तों को बंद कर दिया तो छात्रों ने भी अपनी रणनीति बदल दी। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सड़क से जाने के बजाय खेतों और पगडंडियों का रास्ता पकड़ लिया। छात्रों ने अलग-अलग रास्तों से आगे बढ़ते हुए पुलिस की कई बंदिशों को पार किया और विधानसभा की ओर बढ़ने में कामयाब रहे। छात्रों की इस रणनीति ने सुरक्षा व्यवस्था के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी। पुलिस जहां मुख्य सड़कों पर बैरिकेडिंग के जरिए प्रदर्शनकारियों को रोकने की तैयारी में थी, वहीं छात्र वैकल्पिक ग्रामीण रास्तों से आगे बढ़ते नजर आए।
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JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन
JPSC और JSSC की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी JSSC CGL परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। इन्हीं मांगों को लेकर हजारों की संख्या में छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से विधानसभा घेराव के लिए निकले। छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को सरकार के सामने रखने के लिए विधानसभा तक पहुंचना चाहते हैं।
कंटीले तारों और बैरिकेडिंग को लांघकर आगे बढ़े प्रदर्शनकारी
विधानसभा घेराव को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर रास्ते बंद कर दिए थे। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी छात्रों ने कई जगह बैरिकेडिंग को पार किया और कंटीले तारों के बीच से निकलकर आगे बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
लाठीचार्ज में घायल छात्र ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
लाठीचार्ज में घायल छात्र प्रदर्शनकारी विक्रम कुमार ने कहा, “हेमंत सोरेन जी, आपको ऐसा नहीं करना चाहिए था। हम शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। हमने किसी तरह की गाली-गलौज भी नहीं की। अचानक पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। यह सही नहीं है।”
एक अन्य छात्र प्रदर्शनकारी ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर आरोप लगाया कि बैरिकेडिंग के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया गया। उसने कहा कि लाठी का इस्तेमाल कमर के नीचे किया जाना चाहिए, लेकिन पुलिस ने सिर, हाथ, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी लाठियां बरसाईं। प्रदर्शनकारी छात्र ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई से सरकार का “दोहरे मापदंड” वाला रवैया सामने आया है। हालांकि, पुलिस की ओर से लाठीचार्ज को लेकर अलग से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
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विधानसभा के रास्तों पर पुलिस का सख्त पहरा
रांची की सड़कें सोमवार को आम दिनों से अलग नजर आईं। झारखंड विधानसभा की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर पुलिस का सख्त पहरा रहा। जगह-जगह मजबूत बैरिकेडिंग के साथ कंटीले तार लगाए गए थे। इसके अलावा वॉटर कैनन की गाड़ियां और बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। प्रशासन की कोशिश थी कि प्रदर्शनकारी छात्रों को विधानसभा के करीब पहुंचने से रोका जाए।
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मुख्य सड़क छोड़ी, खेत और पगडंडियों से बढ़े छात्र
पुलिस ने जब विधानसभा की ओर जाने वाले मुख्य रास्तों को बंद कर दिया तो छात्रों ने भी अपनी रणनीति बदल दी। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सड़क से जाने के बजाय खेतों और पगडंडियों का रास्ता पकड़ लिया। छात्रों ने अलग-अलग रास्तों से आगे बढ़ते हुए पुलिस की कई बंदिशों को पार किया और विधानसभा की ओर बढ़ने में कामयाब रहे। छात्रों की इस रणनीति ने सुरक्षा व्यवस्था के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी। पुलिस जहां मुख्य सड़कों पर बैरिकेडिंग के जरिए प्रदर्शनकारियों को रोकने की तैयारी में थी, वहीं छात्र वैकल्पिक ग्रामीण रास्तों से आगे बढ़ते नजर आए।
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JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन
JPSC और JSSC की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी JSSC CGL परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। इन्हीं मांगों को लेकर हजारों की संख्या में छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से विधानसभा घेराव के लिए निकले। छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को सरकार के सामने रखने के लिए विधानसभा तक पहुंचना चाहते हैं।
कंटीले तारों और बैरिकेडिंग को लांघकर आगे बढ़े प्रदर्शनकारी
विधानसभा घेराव को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर रास्ते बंद कर दिए थे। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी छात्रों ने कई जगह बैरिकेडिंग को पार किया और कंटीले तारों के बीच से निकलकर आगे बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
लाठीचार्ज में घायल छात्र ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
लाठीचार्ज में घायल छात्र प्रदर्शनकारी विक्रम कुमार ने कहा, “हेमंत सोरेन जी, आपको ऐसा नहीं करना चाहिए था। हम शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। हमने किसी तरह की गाली-गलौज भी नहीं की। अचानक पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। यह सही नहीं है।”
एक अन्य छात्र प्रदर्शनकारी ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर आरोप लगाया कि बैरिकेडिंग के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया गया। उसने कहा कि लाठी का इस्तेमाल कमर के नीचे किया जाना चाहिए, लेकिन पुलिस ने सिर, हाथ, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी लाठियां बरसाईं। प्रदर्शनकारी छात्र ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई से सरकार का “दोहरे मापदंड” वाला रवैया सामने आया है। हालांकि, पुलिस की ओर से लाठीचार्ज को लेकर अलग से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।