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JPSC-JSSC मामला: आयोग के तीन सदस्यों का इस्तीफा राज्यपाल ने किया मंजूर, कल से CID शुरू करेगी पूछताछ
Sun, 09 Aug 2026 07:16 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Sun, 09 Aug 2026 07:16 PM IST
सार
Jharkhand News: झारखंड लोक सेवा आयोग के तीन सदस्यों अजिता भट्टाचार्य, अनीमा हांसदा और जमाल अहमद ने इस्तीफा दे दिया। सभी के इस्तीफे राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने स्वीकार कर लिए हैं। कल से सीआईडी पूछताछ करना शुरू करेगी।
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JPSC के तीनों सदस्यों ने दिया इस्तीफा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
झारखंड लोक सेवा आयोग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आयोग के तीन सदस्यों अजिता भट्टाचार्य, अनीमा हांसदा और जमाल अहमद के पद से दिए गए इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। झारखंड लोक भवन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार की सिफारिश के आधार पर राज्यपाल ने यह फैसला लिया।
सरकार की सिफारिश पर राज्यपाल ने लगाई मुहर
राजभवन की ओर से बताया गया कि तीनों सदस्यों ने जेपीएससी में अपने पद से इस्तीफा दिया था। राज्य सरकार की सिफारिश के बाद राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने इन इस्तीफों को स्वीकार कर लिया।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं। छात्र संगठनों की ओर से परीक्षाओं की प्रक्रिया में सुधार और कथित अनियमितताओं की जांच समेत कई मांगें उठाई जा रही हैं।
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पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष से चार दौर में किए गए थे सवाल
अधिकारियों के अनुसार, सीआईडी की टीम सोमवार को डॉ. अजीता भट्टाचार्य, मंगलवार को डॉ. अनिमा हांसदा और बुधवार को डॉ. जमाल अहमद से पूछताछ करेगी। आवश्यकता पड़ने पर तीनों को दोबारा भी बुलाया जा सकता है। इससे पहले जांच एजेंसी जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते से चार चरणों में पूछताछ कर चुकी है। इस दौरान उनसे परीक्षा प्रक्रिया और आयोग की ओर से लिए गए फैसलों को लेकर कई अहम सवाल किए गए थे।
रिमांड पर चल रहे दो आरोपियों से भी पूछताछ
14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच के बीच सीआईडी की कार्रवाई तेज है। पांच दिन की रिमांड के दूसरे दिन शनिवार को मुख्य सचिव कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार और परीक्षा कराने वाली एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड के अकाउंटेंट रक्षक सिंह से पूछताछ जारी रही। जांच टीम दोनों से परीक्षा संचालन, कथित अनियमितताओं और संबंधित लोगों के बीच संपर्क को लेकर जानकारी जुटा रही है। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ और जांच से मिले सुरागों के आधार पर आने वाले दिनों में कुछ और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
झारखंड सरकार के पैनल ने कहा कि छात्रों की ज्यादातर मांगों पर सहमति बन चुकी है। इसके बावजूद आंदोलन वापस नहीं लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार ने छात्रों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने और कल मार्च न करने की अपील की है।
यह भी पढ़ें: परीक्षा रद्द करने की मांग मानी, फिर भी नहीं थमा छात्रों का आंदोलन; CBI जांच पर अड़े अभ्यर्थी
अजिता भट्टाचार्य, अनीमा हांसदा और जमाल अहमद के इस्तीफे स्वीकार होने के बाद जेपीएससी में इन तीनों सदस्यों के पद खाली हो गए हैं। अब इन पदों पर नियुक्ति को लेकर आगे की प्रक्रिया सरकार और राजभवन के स्तर पर तय की जाएगी।
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सरकार की सिफारिश पर राज्यपाल ने लगाई मुहर
राजभवन की ओर से बताया गया कि तीनों सदस्यों ने जेपीएससी में अपने पद से इस्तीफा दिया था। राज्य सरकार की सिफारिश के बाद राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने इन इस्तीफों को स्वीकार कर लिया।
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यह फैसला ऐसे समय में आया है जब झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं। छात्र संगठनों की ओर से परीक्षाओं की प्रक्रिया में सुधार और कथित अनियमितताओं की जांच समेत कई मांगें उठाई जा रही हैं।
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पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष से चार दौर में किए गए थे सवाल
अधिकारियों के अनुसार, सीआईडी की टीम सोमवार को डॉ. अजीता भट्टाचार्य, मंगलवार को डॉ. अनिमा हांसदा और बुधवार को डॉ. जमाल अहमद से पूछताछ करेगी। आवश्यकता पड़ने पर तीनों को दोबारा भी बुलाया जा सकता है। इससे पहले जांच एजेंसी जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते से चार चरणों में पूछताछ कर चुकी है। इस दौरान उनसे परीक्षा प्रक्रिया और आयोग की ओर से लिए गए फैसलों को लेकर कई अहम सवाल किए गए थे।
रिमांड पर चल रहे दो आरोपियों से भी पूछताछ
14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच के बीच सीआईडी की कार्रवाई तेज है। पांच दिन की रिमांड के दूसरे दिन शनिवार को मुख्य सचिव कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार और परीक्षा कराने वाली एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड के अकाउंटेंट रक्षक सिंह से पूछताछ जारी रही। जांच टीम दोनों से परीक्षा संचालन, कथित अनियमितताओं और संबंधित लोगों के बीच संपर्क को लेकर जानकारी जुटा रही है। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ और जांच से मिले सुरागों के आधार पर आने वाले दिनों में कुछ और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
झारखंड सरकार के पैनल ने कहा कि छात्रों की ज्यादातर मांगों पर सहमति बन चुकी है। इसके बावजूद आंदोलन वापस नहीं लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार ने छात्रों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने और कल मार्च न करने की अपील की है।
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अजिता भट्टाचार्य, अनीमा हांसदा और जमाल अहमद के इस्तीफे स्वीकार होने के बाद जेपीएससी में इन तीनों सदस्यों के पद खाली हो गए हैं। अब इन पदों पर नियुक्ति को लेकर आगे की प्रक्रिया सरकार और राजभवन के स्तर पर तय की जाएगी।