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Jharkhand: झारखंड कांग्रेस में मचा घमासान! मंत्री के पत्र से बढ़ी तकरार, 20 मई की बैठक पर टिकी सबकी नजर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Sun, 10 May 2026 01:39 PM IST
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सार
Jharkhand: झारखंड प्रदेश कांग्रेस में चल रही अंतर्कलह को खत्म करने के लिए 20 मई को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अहम बैठक बुलाई गई है। मंत्री राधाकृष्ण किशोर के पत्र के बाद संगठन और सरकार के बीच बढ़ी असहजता को दूर करने के लिए पार्टी नेतृत्व सक्रिय हो गया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ( फाइल फोटो )
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विस्तार
झारखंड प्रदेश कांग्रेस के भीतर इन दिनों जारी अंतर्कलह राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। पार्टी संगठन और सरकार के बीच बढ़ती असहजता को लेकर कांग्रेस नेतृत्व अब सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में 20 मई को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें संगठन के भीतर उभरे विवादों को सुलझाने और नेताओं के बीच समन्वय स्थापित करने पर मंथन होगा।
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मंत्री के पत्र से बढ़ी सियासी हलचल
दरअसल, हेमंत सोरेन सरकार में कांग्रेस कोटे से मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा संगठन के खिलाफ लिखे गए पत्र ने पार्टी के अंदर हलचल तेज कर दी है। मंत्री ने प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए प्रदेश प्रभारी के. राजू को शिकायत पत्र भेजा है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कमेटी की “जंबो कमेटी” पर भी सवाल खड़े किए हैं।
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चुनावी वादों को लेकर उठाए सवाल
राधाकृष्ण किशोर ने विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस द्वारा किए गए वादों को भी याद दिलाया है। उन्होंने खास तौर पर 450 रुपये में एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने की घोषणा का जिक्र करते हुए सिलेंडर पर 200 रुपये की सब्सिडी लागू करने की मांग उठाई है। उनके इस बयान को संगठन और सरकार दोनों पर दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
सरकार की छवि को लेकर बढ़ी चिंता
पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों का असर राज्य सरकार की कार्यशैली पर भी दिखाई देने लगा है। कांग्रेस नेतृत्व इस बात को लेकर चिंतित है कि अंदरूनी विवाद का सीधा असर गठबंधन सरकार की छवि पर पड़ सकता है। यही कारण है कि प्रदेश प्रभारी आगामी बैठक में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों और पदाधिकारियों के साथ चर्चा कर संगठनात्मक एकजुटता मजबूत करने की कोशिश करेंगे।
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कांग्रेस के लिए अहम मानी जा रही बैठक
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक कांग्रेस के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, क्योंकि आगामी राजनीतिक रणनीति और संगठन की दिशा तय करने में इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है।