सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   Ranchi News ›   Major Relief in Tender Commission Scam Former Minister Alamgir Alam Granted Bail by Supreme Court

टेंडर कमीशन घोटाले में बड़ी राहत: पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत; जेल से आएंगे बाहर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: Ashutosh Pratap Singh Updated Mon, 11 May 2026 11:56 AM IST
विज्ञापन
सार

टेंडर कमीशन घोटाले में गिरफ्तार पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। करीब दो साल बाद वह जेल से बाहर आएंगे। ईडी ने उन पर टेंडरों में कमीशन लेने और संगठित भ्रष्टाचार नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप लगाया था।
 

Major Relief in Tender Commission Scam Former Minister Alamgir Alam Granted Bail by Supreme Court
पूर्व मंत्री आलमगीर आलम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

झारखंड के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और उनके निजी सहायक संजीव लाल को जमानत दे दी है। दोनों को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने टेंडर कमीशन घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया था।

Trending Videos


32.20 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी हुई बरामदगी 
ईडी ने आलमगीर आलम को 15 मई 2024 को गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई उनके करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान 32.20 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद होने के बाद की गई थी। जांच एजेंसी का दावा था कि टेंडर आवंटन के बदले कमीशन लिया जाता था और यह रकम हवाला व अन्य माध्यमों से पहुंचाई जाती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने आलमगीर आलम और उनके पीए संजीव लाल की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद दोनों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुनवाई के दौरान आलमगीर आलम की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने दलील दी कि मामले में उनके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है और न ही उनके घर से कोई नकदी बरामद हुई थी। बचाव पक्ष ने उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी हवाला देते हुए राहत की मांग की।

मंत्री तक पहुंचती थी रकम
वहीं, ईडी की ओर से अदालत में कहा गया कि टेंडर आवंटन के बाद कमीशन की रकम मंत्री तक पहुंचती थी। जांच एजेंसी ने दावा किया कि संजीव लाल के यहां से बरामद डायरी में कथित रूप से मंत्री को कमीशन दिए जाने का उल्लेख था। ईडी ने यह भी आशंका जताई थी कि जमानत मिलने पर आरोपी गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं या साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकते हैं।

पढ़ें: झारखंड कांग्रेस में मचा घमासान! मंत्री के पत्र से बढ़ी तकरार, 20 मई की बैठक पर टिकी सबकी नजर

दो अप्रैल को भी हुई थी सुनवाई
इस मामले में इससे पहले दो अप्रैल को भी सुनवाई हुई थी, जिसमें जांच एजेंसी ने कहा था कि ट्रायल कोर्ट में अभी चार महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज होना बाकी हैं। हालांकि, तमाम आपत्तियों के बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने दोनों आरोपियों को जमानत दे दी। इस फैसले के बाद झारखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों की नजर अब इस मामले की आगामी कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed