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Agnipath Scheme: रक्षा मंत्रालय की परामर्श समिति करेगी अहम बैठक, राजनाथ सिंह करेंगे अध्यक्षता
जॉब डेस्क, अमर उजाला
Published by: सुभाष कुमार
Updated Thu, 07 Jul 2022 07:05 PM IST
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सार
अग्निपथ योजना की घोषणा 14 जून, 2022 को की गई थी। योजना के तहत अब सेना के तीनों अंगों में 4 सालों के लिए भर्ती की जानी है।
Agnipath Scheme
- फोटो : Defense Ministry
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विस्तार
अग्निपथ योजना पर चर्चा के लिए रक्षा मंत्रालय की परामर्श समिति 7 जुलाई, 2022 को बैठक करने वाली है। इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। बता दें कि अग्निपथ योजना के तहत भर्ती के लिए सेना के तीनों अंग थल सेना, नौसेना और वायु सेना ने आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वायुसेना की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार अग्निवायु के लिए 5 जुलाई, 2022 (आवेदन की आखिरी तारीख) तक कुल 7.5 लाख युवाओं ने अपना पंजीकरण कराया है।
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14 जून को हुई थी घोषणा
अग्निपथ योजना की घोषणा 14 जून, 2022 को की गई थी। योजना के तहत अब सेना के तीनों अंगों में 4 सालों के लिए भर्ती की जानी है। इसके बाद सभी को रिटायर किया जाएगा और इनमें से 25 फीसदी को रेगुलर कैडर के लिए चुना जाएगा। इस योजना के जारी होने के बाद, इसके खिलाफ कई राज्यों में लगभग एक सप्ताह तक हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए और विभिन्न विपक्षी दलों ने इसे वापस लेने की मांग की थी।
अग्निपथ योजना की घोषणा 14 जून, 2022 को की गई थी। योजना के तहत अब सेना के तीनों अंगों में 4 सालों के लिए भर्ती की जानी है। इसके बाद सभी को रिटायर किया जाएगा और इनमें से 25 फीसदी को रेगुलर कैडर के लिए चुना जाएगा। इस योजना के जारी होने के बाद, इसके खिलाफ कई राज्यों में लगभग एक सप्ताह तक हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए और विभिन्न विपक्षी दलों ने इसे वापस लेने की मांग की थी।
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बिहार में मिलेगी अग्नविरों को वरीयता?
इधर, बिहार सरकार के मंत्री और भाजपा नेता नीरज कुमार सिंह ने बुधवार को कहा कि वे मुख्यमंत्री नितीश कुमार से अग्निवीरों को राज्य में फॉरेस्ट गार्ड की नौकरी देने के लिए पत्र लिखेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और असम जैसे राज्यों ने भी अग्निवीरों को रिटायर होने के बाद सुविधाएं देने की बात कही है। राज्य की एनडीए सरकार को भी ऐसा ही करना चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य के पर्यावरण विभाग के अधिकारियों को भी इस पर विस्तृत नोट तैयार करने के लिए बोल दिया गया है।
इधर, बिहार सरकार के मंत्री और भाजपा नेता नीरज कुमार सिंह ने बुधवार को कहा कि वे मुख्यमंत्री नितीश कुमार से अग्निवीरों को राज्य में फॉरेस्ट गार्ड की नौकरी देने के लिए पत्र लिखेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और असम जैसे राज्यों ने भी अग्निवीरों को रिटायर होने के बाद सुविधाएं देने की बात कही है। राज्य की एनडीए सरकार को भी ऐसा ही करना चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य के पर्यावरण विभाग के अधिकारियों को भी इस पर विस्तृत नोट तैयार करने के लिए बोल दिया गया है।
योजना को लेकर कोई भ्रम नहीं होना चाहिए
नीरज कुमार सिंह ने कहा कि इस योजना को लेकर कोई भ्रम नहीं होना चाहिए। हमारे केंद्रीय नेतृत्व ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि यह योजना देश के युवाओं के लिए बहुत अच्छी है। बता दें कि राज्य में अग्निपथ योजना के खिलाफ बड़े स्तर पर हिंसक प्रदर्शन हुए थे। सीएम नितीश कुमार ने अब तक इस पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है। हालांकि, उनकी पार्टी के जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने केंद्र से अग्निपथ योजना पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था।
नीरज कुमार सिंह ने कहा कि इस योजना को लेकर कोई भ्रम नहीं होना चाहिए। हमारे केंद्रीय नेतृत्व ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि यह योजना देश के युवाओं के लिए बहुत अच्छी है। बता दें कि राज्य में अग्निपथ योजना के खिलाफ बड़े स्तर पर हिंसक प्रदर्शन हुए थे। सीएम नितीश कुमार ने अब तक इस पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है। हालांकि, उनकी पार्टी के जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने केंद्र से अग्निपथ योजना पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था।