UP Jobs: यूपी के हर जिले में बनेगा सरदार पटेल रोजगार और औद्योगिक जोन, जानें कौन-कौन से सेक्टर में मिलेगी नौकरी
Vallabhbhai Patel: राज्य सरकार ने सोमवार रात को कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस पर घोषित सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार और औद्योगिक क्षेत्र को प्रशिक्षण, कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता के लिए एक एकीकृत केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
विस्तार
UP Government: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रस्तावित सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार और औद्योगिक क्षेत्र के लिए सभी जिलों में उपयुक्त भूमि जल्द से जल्द चिन्हित की जाए। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक विकास को सीधे रोजगार सृजन से जोड़ना है।
राज्य सरकार ने बताया कि उत्तर प्रदेश दिवस पर घोषित इस क्षेत्र को प्रशिक्षण, कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता के लिए एक एकीकृत केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे युवाओं को रोजगार और उद्योग के अवसर एक ही जगह मिल सकेंगे।
स्थानीय जरूरतों और रोजगार सुविधाओं के लिए एकीकृत योजना
सरकार ने अधिकारियों को कहा है कि इस बड़ी योजना को स्थानीय जरूरतों और क्षेत्र की क्षमता को ध्यान में रखते हुए सही तरीके से लागू किया जाए।प्रस्तावित क्षेत्र में उद्योग, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार और औद्योगिक मदद से जुड़ी सभी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका मकसद यह है कि उद्यमियों और नौकरी चाहने वालों को कई विभागों और सेवाओं के लिए अलग-अलग जगह जाने की जरूरत न पड़े।
किन से सेक्टर में मिलेगी नौकरी
बयान के अनुसार, आदित्यनाथ ने आधुनिक बुनियादी ढांचे जैसे प्लग-एंड-प्ले यूनिट और फ्लैटेड फैक्ट्रियों के माध्यम से लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME), सेवा-आधारित उद्योगों और नवाचार-संचालित क्षेत्रों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया है, जिससे उद्यमियों को न्यूनतम प्रारंभिक बाधाओं के साथ परिचालन शुरू करने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों ने कहा कि इस परियोजना में साझा सुविधा केंद्र, परीक्षण सुविधाएं, प्रदर्शन और डिजाइन केंद्र, उपकरण कक्ष, अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र, प्लग-एंड-प्ले यूनिट और फ्लैटेड फैक्ट्रियों का विकास शामिल होगा। इसके अतिरिक्त, परिसर में युवाओं के कौशल उन्नयन को बढ़ावा देने के लिए उद्यमिता प्रशिक्षण, मार्गदर्शन, सहायता और विभिन्न ऋण योजनाओं की जानकारी का प्रसार किया जाएगा।
- MSME (छोटे और मध्यम उद्योग) - छोटे और मध्यम कारोबार में रोजगार।
- सेवा-आधारित उद्योग - जैसे स्वास्थ्य, आईटी, लॉजिस्टिक्स, रिटेल आदि।
- नवाचार और तकनीकी क्षेत्र - स्टार्टअप और तकनीक से जुड़े उद्योग।
- औद्योगिक यूनिट और प्लग-एंड-प्ले फैक्ट्री - फैक्ट्रियों और उत्पादन केंद्रों में काम।
- फ्लैटेड फैक्ट्री और साझा सुविधा केंद्र - उपकरण, डिजाइन, परीक्षण और अपशिष्ट जल प्रबंधन जैसी सुविधाओं से जुड़ी नौकरियां।
- कौशल और उद्यमिता प्रशिक्षण केंद्र - प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और ऋण योजनाओं के जरिए स्वरोजगार और नौकरी के अवसर।
हर जिले में 50 एकड़ में रोजगार और औद्योगिक क्षेत्र होंगे स्थापित
- योजना को उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
- प्रत्येक जिले में कम से कम 50 एकड़ क्षेत्र में रोजगार और औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए जाएंगे।
- इस मॉडल के तहत युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता प्रशिक्षण, कौशल विकास कार्यक्रम, इंटर्नशिप और शिक्षुता के अवसर मिलेंगे।
- संबंधित उद्योगों में वेतन आधारित रोजगार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार और औद्योगिक क्षेत्र युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और उद्यमिता का सशक्त केंद्र बनेगा।
- अधिकारियों को स्थल की पहचान और कार्यान्वयन में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।
- इस पहल का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन का एक प्रभावी मॉडल तैयार करना है।
