(स्वतन्त्रता का पर्व)15 अगस्त।
यह केवल दिन नहीं,
सदियों का प्रतिमान है।
आसमान पर लहराता
भारत का सम्मान है।
वीरों के खून से सींचा
हर शहीदों का मान है।
15 अगस्त का पावन दिन
देश का...और पढ़ें
तुम कहते हो तुम देशभक्त हो,
तुम कहते हो तुम देशप्रेमी हो,
पर क्या तुम यह भी नहीं जानते,
कि इस मिट्टी की जनता शेर है?
वीर सपूतों की तुलना जहाँ सिंहों से होती है,
वहाँ तुम नव-युवा खुद को कीड़े-मकौड़े कहते हो!
क...और पढ़ें
आप की सोच में है मोच, तो हाँ हैं हम कॉकरोच,
काकरोच, कॉकरोच, कॉकरोच
हम सब बेरोज़गार हैं और यूथ हमारा नाम है,
दिन भर हिंदू मुस्लिम करना बी जे पी का काम है।
ना ही मोदी से दुश्मनी और ना राहुल हमारा मित्र है,
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लाल किले की छाया में : जब युवा सवाल पूछने लगे।
लाल किला देखा था इतिहास की किताब में,
आज देखा खबर की लाइन में।
शिक्षा के मंत्री,बड़े-बड़े वादे,
" हर बच्चा पढ़ेगा" वाले नारे,
जिनके हाथ में कलम होनी चाहिए थी,
उन...और पढ़ें
रणभेरी आज पुकार रही, सोया अभिमान जगाना है,
जिस माटी ने सर्वस्व दिया, उसका हर कर्ज चुकाना है।
लहरों की लहरें गरज उठीं, अंबर भी हुंकार भरे,
भारत माँ के बेटे अब तो, मौत से भी ना तनिक डरें।
तलवारों की धारों पर...और पढ़ें
"झलकारी बाई: बलिदान की अमर गाथा"
बुंदेलखंड की धरती पर 22 नवंबर को आई थी,
गरीब घर की बेटी, पर आँखों में आज़ादी लाई थी।
नाम था झलकारी, पर काम था सबसे न्यारा री,
झाँसी की 'दुर्गा दल' की बनीं थी सेनापति प्यारी।...और पढ़ें
तेरह माह बाद मरने के
मरे हुए जा रहे बताए
देशप्रेम वह पुण्य क्षेत्र है
जिन्दा जहां गए दफनाए
सत्ता सुख मादक सारहीन
यह नहीं समझते हैं नेता
मद में डूबे रहकर ही वे
बनते परपीड़क उरजेता
असली दा...और पढ़ें
भ्रष्ट सियासत की चपेट में
जब कोई आ जाता है
देशभक्ति में डूबा युवा
भी मुजरिम हो जाता है।
- अमित प्रेमशंकर ...और पढ़ें
जब भोर तिरंगे की रंगत लेकर आती है,
भारत माँ के चेहरे पर मुस्कान सज जाती है।
खेतों की हरियाली गाती, नदियाँ गीत सुनाती हैं,
आजादी की अमर कहानी पर्वत भी दोहराते हैं।
यह केवल एक तारीख नहीं, बलिदानों की पहचान है,
अनगिनत...और पढ़ें
क्रांति और कुर्बानी
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कौन उम्र भर
जीने का हक देता है
वीर क्रांतिकारियों को
वे तो अमर हो जाते हैँ
अपने कर्मो से।
कुछ आलोचक जीते जी
कुछ आलोचक बाद में
कीचड़ आज भी भगत...और पढ़ें