उन्होंने कहा,
सोचना भी क़ानून में लिखो,
वरना सोच पर भी मुक़दमा होगा।
हर चौक पर हुक्म लटका है,
हर ज़ेहन पर पहरा बैठा है,
कलम अगर सच्चाई लिखे,
तो काग़ज़ भी देशद्रोही होगा।
कुर्सियों ने ख़...और पढ़ें
तुम चलो काकोरी करने मै साथ तुम्हारे जाऊंगा
जो पड़ी जरूरत मा को तो मैं बलिदान भी देकर आऊंगा
तुम बेशक गा सकते हो गजल अपने महबूब की
मै तो देश की वीरों की बलिदान कहानी गाऊंगा
जिस बगिया में फूल दिखा ये बस वही पे आते जात...और पढ़ें
प्यार है मुझको वतन से |
सींचता इसको नमन से |
भेदभाव ना रखूं मन,
प्यार है सबके चमन से |
मन को भाते फूल खिलते,
प्यार है झरते अमन से |
मरना हो गर सच वतन पर,
प्यार है तन पे कफ़न से...और पढ़ें
हिंदी फ़िल्मों की अदाकारा शबाना आज़मी के पिता कैफ़ी आज़मी साहब हिंदुस्तान की शायरी में एक दैदीप्यमान नक्षत्र की तरह चमकते रहे। बाल्यावस्था में ही शायरी का शौक़ इनको जो चढ़ा वह ता उम्र चढ़ता ही रहा। सच कहा है जो हमेशा चढ़ती है वह ख़ुदा की मस्ती होती ह...और पढ़ें
भक्ति का भाव है, स्वतंत्रता हमारा प्रेम का नाव है।
संघर्ष की लहरों में मेहनत करना हमारा परोपकार है,
इस देशभक्ति के संगीतों में नवल गान करना हमारे देश का प्रमाण है।
भक्ति का फूल हम धड़कन धड़का कर तेरे बगीचे में हम खिलाएंगे।
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वादों का मौसम रोज़ नया अख़बार हुआ,
सपनों का सूरज भी कितना बीमार हुआ।
फील गुड की खुशबू आई, फिर खो गई,
मेक इन इंडिया भी पोस्टर का यार हुआ।
काले धन की गंगा कब लौटेगी बोलो,
हर चौखट पर केवल झूठ प्रचार हुआ...और पढ़ें
इसी मिट्टी की खुशबू में बसती, मेरी पहचान सुनो।
माँ के आँचल सा प्यारा, मेरा हिंदुस्तान सुनो।
हर श्वास-श्वास में गूँजता, वंदे मातरम् का गान है।
रग-रग में लहराता है, तिरंगे का सम्मान है।
वीरों की चिताओं से रोश...और पढ़ें
है अद्भुत ये आलिंगन!
भूख और प्यास से तड़पता शिशु,
माँ के आलिंगन को पा हो जाता तृप्त,
मानो अमृत-पान कर ली हो,
जन्म के साथ ही मोक्ष मिल गया जैसे,
आभास ऐसा कि हो गया मुक्त,
जीवन और मृत्यु के चक्र से!
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याद करतें है वतन को लोग पन्द्रह अगस्त पर,
क्या माँ याद करती है तुम्हे केवल तुम्हारे जन्मदिन पर,
क्या पत्नि याद करती है तुम्हे केवल शादी की सालगिरह पर,
सोचो हम देश के लिए क्या करते है,
क्या हम उन्हें याद करतें है जो...और पढ़ें
राजस्थान की धरती पर,
शौर्य का एक नाम खड़ा है,
पत्थरों में भी जो बोले,
वो चित्तौड़गढ़ किला खड़ा है।
हर दीवार कहती कहानी,
वीरों के बलिदान की,
रानी पद्मिनी की ज्वाला,
मर्यादा और सम्मान की।
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