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                                                                           सुमधुर, सरस, सरल है जिनकी लेखनी
नमन करती उर्वशी और ध्रुवस्वामिनी,
प्रसाद तो हैं हिंदी साहित्य के प्रासाद,
तितली और इरावती करती हैं संवाद,
चन्द्रगुप्त, समुद्रगुप्त तो हैं अजय,
अजातशत्रु क़ो मिली है सदा विजय
काम...और पढ़ें
1 week ago
                                                                           यदि आ जाऊं हिंसा पर मैं, तो परशुराम बन जाऊंगा,
अन्याय के उस हर मस्तक को, मैं धूल में मिलाऊंगा।
यदि आ जाऊं अहिंसा पर, तो ऋषि वशिष्ठ बन जाऊंगा,
क्रोध की जलती ज्वाला को, मैं बोध से बुझाऊंगा।
यदि आ जाऊं मैं अपनी पर, तो आर्यभट्...और पढ़ें
2 weeks ago
                                                                           मुस्कुरा दो, कि अँधेरे की ये रात लम्बी है 
मुस्कुरा दो, कि फिर ये दिन निकल आये
मुस्कुरा दो, कि गुलों का रंग फीका है 
मुस्कुरा दो, कि गुलशन में फिर बहार आये
मुस्कुरा दो, कि वक़्त जैसे थम-सा गया है
मुस्कुरा दो, कि हर...और पढ़ें
2 weeks ago
                                                                           आँखों में देशभक्ति का जज्बा, चेहरे पर मौज है,
जग वालों हैरान न हों, ये हिंदुस्तान की फौज है l

आते हुए तूफ़ान को रोका नहीं करते,
वतनपरस्त फर्ज़ से धोखा नहीं करते,
इनकी ख़ामोशी को कभी कमजोरी न समझना,
शेर दहाड़ते ह...और पढ़ें
3 weeks ago
                                                                           सत्ता ने सच को कुर्सी से बाँध रखा है,
मीडिया उसकी रखवाली में खड़ा है।

जो सवाल पूछे, वही ग़द्दार ठहराया जाए,
भीड़ को नारा दे दो—हिन्दू खतरे में है।

स्क्रीन पर बहस बिकती है मिनटों में,
सच ब्रेकिंग में...और पढ़ें
1 month ago
                                                                           हाँ,मैं गर्व से कहता ठाकुर हूँ
स्वाभिमान मेरी साँसों में है,
पर मेरी अपनी पहचान
किसी को नीचा दिखाने में नहीं।।

जाति मुझे संस्कार सिखाती है,
स्वाभिमान सिखाती घमंड नहीं—
और देश पर मर मिटना, देशभक्ति...और पढ़ें
1 month ago
                                                                           उसका चिठ्ठी खोलते क्यों नही,
क्यों खामोश हो,बोलते क्यो नही?
कोई मेल नही आया है, कोई संदेश नही आया है।
मेरे बेटे का कोई पैगाम नही आया है।
क्यों खामोश हो,बोलते क्यो नही?
उसका चिट्ठी खोलते क्यों नही?
क्या उसने म...और पढ़ें
1 month ago
                                                                           छोड़ चला जब वो
अपना घर–आँगन,
नन्ही गुड़िया ने थाम लिया
उसका दामन—
“पापा, फिर कब आओगे?”

भर आया कंठ,
शब्द रूठ गए होठों से,
मौन उतर आया
पूरे माहौल पर,
आँखों से बह चली
संयम तोड...और पढ़ें
1 month ago
                                                                           देशभक्ति की जीवंत मिसाल थे बिस्मिल,
क्रांति की ज्वलंत मशाल थे बिस्मिल,
भारत की सच्ची संतान थे बिस्मिल,
राष्ट्रभक्त और निष्ठावान थे बिस्मिल,
शायर भी बेमिसाल थे बिस्मिल,
लिखते बहुत कमाल थे बिस्मिल,
हर देशभक्त क...और पढ़ें
1 month ago
                                                                           चलो, लोगों में,एक ख़बर फैलाया जाय
भ्रम को ही, बड़ी हकीकत बनाया जाय

आसमान पर ही टिक जाय, सबकी नजर
एक पत्थर ऐसा ही, ऊपर उछाला जाय

वादों में चमक और हरियाली दोनों साथ हो
सब्ज बाग सबको,ऐसा ही दिखाया जाय...और पढ़ें
1 month ago
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