करवा चौथ 2026: पति की लंबी आयु के लिए रखा जाता है व्रत, पर क्या सच में लंबे समय तक जी पा रहे भारतीय पुरुष?
Karwa Chauth 2026: करवा चौथ पर पति की लंबी उम्र की कामना के लिए व्रत रखा जाता है। पर क्या वास्तव में भारतीय पुरुष स्वस्थ और लंबी आयु जी पा रहे हैं? भारत में पुरुषों की औसत जीवन प्रत्याशा 70 साल है। दिल की बीमारी, डायबिटीज, फेफड़ों की समस्याएं और मानसिक तनाव बड़ी चुनौतियां हैं।
विस्तार
आज करवा चौथ है। इसमें सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य, सुरक्षा और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए व्रत रखती हैं। शाम को चांद देखकर व्रत खोलने की इस परंपरा में प्यार और साथ निभाने का भाव छिपा होता है। लेकिन क्या हमने कभी सोचा है कि जिन पतियों की लंबी उम्र के लिए महिलाएं दिनभर उपवास करती हैं, उनकी सेहत का हाल वास्तव में कैसा है? क्या भारतीय पुरुष सच में स्वस्थ हैं और लंबी उम्र जी पा रहे हैं? वे किन बीमारियों से जूझ रहे हैं और क्या काम का दबाव, आर्थिक चिंता व पारिवारिक जिम्मेदारियां उनकी मानसिक सेहत पर असर डाल रही हैं?
आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि दिल की बीमारियों से लेकर डायबिटीज और कैंसर से लेकर तनाव और आत्महत्या के जोखिमों तक, पुरुषों की सेहत से जुड़े कई सवाल बेहद गंभीर हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मौजूदा हालात को देखते हुए सिर्फ लंबी उम्र की कामना करना ही काफी नहीं है, पतियों की सेहत का ख्याल रखना, समय पर जांच कराना और मानसिक परेशानियों पर खुलकर बात करना भी जरूरी है।
आइए इस करवा चौथ पर जान लेते हैं कि असल में भारतीय पुरुषों की सेहत और उनकी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए और क्या-क्या उपाय किए जा सकते हैं? कैसे आपके पति की उम्र वास्तव में लंबी हो सकती है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, व्रत और धार्मिक मान्यताओं का अपना महत्व है, पर वास्तिवकता ये है कि क्रॉनिक बीमारियों से लेकर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं तक भारतीय पुरुष कई प्रकार से परेशान देखे जा रहे हैं।
'मर्द को दर्द नहीं होता' जैसी सोच ने समस्याओं को और बढ़ा दिया है। पुरुष अपनी परेशानियों के बारे में ज्यादा बात नहीं करते, जिससे समय पर बीमारियों का पता नहीं चल पाता, ऐसे में जो बीमारियां समय पर ध्यान देकर ठीक हो सकती थीं, उनके कारण भी बड़ी पुरुषों की असमय मौत हो रही है।
करवा चौथ का व्रत आस्था और प्रेम का प्रतीक है, लेकिन लंबी और स्वस्थ जिंदगी के लिए रोजमर्रा की आदतें, समय पर इलाज और परिवार का सहयोग भी जरूरी है। इस करवा चौथ सभी महिलाओं को पति की लंबी उम्र के लिए व्रत के साथ कुछ और बातों का प्रण लेना चाहिए।
भारतीय पुरुष कितने साल जी रहे हैं और कितने स्वस्थ?
आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि पुरुषों की तुलना में भारतीय महिलाएं आमतौर पर 3-4 साल ज्यादा जीती हैं। मौजूदा समय में जहां भारतीय पुरुषों की लाइफ एक्सपेक्टेंसी 70 से 70.7 साल है, वहीं महिलाएं 73 से 73.6 साल जी रही हैं।
- आजादी के शुरुआती कुछ दशकों (1950 के दशक) में, भारतीय पुरुषों की जीवन प्रत्याशा महिलाओं से अधिक थी।
- हालांकि 1980 के दशक के आते-आते ये आंकड़ा बदल गया।
- 2024 तक, एक नवजात बच्ची के, उसी साल जन्मे लड़के की तुलना में तीन साल से अधिक समय तक जीवित रहने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ अमरेंद्र सिंह कहते हैं, लंबी उम्र और स्वस्थ उम्र में फर्क है। सिर्फ ज्यादा साल जीना काफी नहीं, बल्कि उन वर्षों में बीमारियों से बचना और शारीरिक रूप से सक्रिय रहना भी जरूरी है। इसके लिए नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित खानपान, पर्याप्त नींद और रोजाना शारीरिक गतिविधि अहम हैं।
दिल की बीमारी, डायबिटीज जैसी बीमारियां पुरुषों के लिए चिंता
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के साल 2023 के आंकड़ों में भारतीय पुरुषों की मौत के प्रमुख कारणों में दिल की बीमारी, फेफड़ों की क्रॉनिक बीमारी, स्ट्रोक और डायबिटीज को सबसे ज्यादा जिम्मेदार पाया गया है।
नॉन कम्युनिकेबल डिजीज और कई बीमारियां भारतीय पुरुषों और महिलाओं को अलग-अलग तरह से प्रभावित करती हैं। इसके पीछे जैविक कारक, जीवनशैली की आदतें और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच जैसे अलग-अलग कारण होते हैं।
- विभिन्न राष्ट्रीय और आयु-समूह अध्ययनों से पता चलता है कि महिलाओं में दीर्घकालिक और नॉन कम्युनिकेबल डिजीज की व्यापकता अधिक है।
- जबकि पुरुषों में गंभीर और जानलेवा बीमारियों के मामले अधिक देखने को मिलते हैं, खासकर हृदय संबंधी गंभीर बीमारियां पुरुषों में समय से पहले मृत्यु दर का जोखिम काफी बढ़ा देती हैं।
- हाई ब्लड प्रेशर, तंबाकू-शराब की आदत, शारीरिक गतिविधियों में कमी, असंतुलित भोजन और मोटापा जैसी स्थितियां कई बीमारियों का खतरा बढ़ा देती हैं।
- पुरुष अक्सर काम की व्यस्तता में नियमित हेल्थ चेकअप को टाल देते हैं या लक्षण गंभीर होने तक डॉक्टर के पास नहीं जाते। ये स्थितियां उनमें गंभीर बीमारी और मौत के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
मेंटल हेल्थ और आत्महत्या के आंकड़े
पुरुषों की सेहत की बात केवल शारीरिक बीमारियों तक सीमित नहीं है। नौकरी का दबाव, आर्थिक जिम्मेदारियां, पारिवारिक समस्याएं और अपनी परेशानी किसी से साझा न कर पाने जैसी स्थितियां मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकती हैं।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में साल 2024 में 1.70 से अधिक आत्महत्या के मामले दर्ज किए गए। इनमें 73.5 प्रतिशत मृतक पुरुष थे। रिपोर्ट में पारिवारिक समस्याएं, बीमारी और नशे से जुड़ी आदतों को इसका प्रमुख कारण पाया गया।
पति की लंबी उम्र के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इस करवा चौथ पर पति की लंबी उम्र के लिए व्रत करने के साथ प्यार और साथ निभाने का संकल्प लेना और सेहत का वादा भी जरूरी है।
- पति के ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच नियमित रूप से कराती रहें।
- खानपान और व्यायाम के लिए प्रोत्साहित करें। खाने में फल-सब्जियां, दालें और साबुत अनाज दें। सप्ताह में कम से कम 150 मिनट व्यायाम करने का लक्ष्य रखें।
- पुरुषों को तंबाकू छोड़ने और शराब से बचने के लिए प्रोत्साहित करें। पर्याप्त नींद लें और वजन कंट्रोल रखने से भी सेहत को ठीक रखने में मदद मिल सकती है।
- जीवनसाथी से खुलकर बात करें और तनाव बढ़ने पर डॉक्टर की मदद लें। आत्महत्या के विचार आने पर तुरंत पेशेवर सहायता के लिए जाएं।
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स्रोत:
Life expectancy
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