MEDWACS Test: जांघ की लंबाई बताएगी आपको डायबिटीज का खतरा तो नहीं? अध्ययन में सामने आया चौंकाने वाला कनेक्शन
शोधकर्ताओं के मुताबिक, जांघ की लंबाई भी टाइप-2 डायबिटीज और प्रीडायबिटीज के जोखिम का संकेत देने वाले कई कारकों में शामिल हो सकती है। पर सवाल ये है कि आप इससे डायबिटीज का कैसे पता लगा सकते हैं? आइए जान लेते हैं।
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डायबिटीज हमारे शरीर के लिए कितनी खतरनाक बीमारी है, इसका सेहत पर किस-किस तरह से असर होता है, इन सबके बारे में हम सभी लगातार पढ़ते-सुनते आ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों से पता चलता है कि दुनियाभर में 589 मिलियन (करीब 59 करोड़) लोग इस समस्या के साथ जी रहे हैं। जिस गति से ये बीमारी बढ़ती जा रही है ऐसे में विशेषज्ञों को चिंता है कि साल 2050 तक ये आंकड़ा बढ़कर 85 करोड़ से ऊपर जा सकता है।
चिंता सिर्फ इतनी बड़ी संख्या में लोगों के डायबिटीज के शिकार होने की ही नहीं है। डायबिटीज अपने साथ कई अन्य बीमारियां जैसे आंखों-किडनी, हृदय रोग लेकर भी आती है, ऐसे में इन लोगों में डायबिटीज के साथ कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का भी जोखिम हो सकता है।
डायबिटीज का पता लगाने के लिए अक्सर ब्लड शुगर की जांच या HBA1C टेस्ट कराया जाता है। इससे अंदाजा लगता है कि खून में ग्लूकोज की मात्रा कितनी ज्यादा है और पिछले तीन महीनों का औसत ब्लड शुगर लेवल क्या रहा है? लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके शरीर की बनावट में छिपा कोई छोटा-सा संकेत भी यह बता सकता है कि आने वाले समय में आपको डायबिटीज का खतरा है या नहीं?
एक नए अध्ययन ने इसी सवाल को एक दिलचस्प दिशा दी है। शोधकर्ताओं ने बताया कि इंसानों के जांघ की लंबाई भी टाइप-2 डायबिटीज और प्रीडायबिटीज के जोखिमों का पता लगाने में काफी मददगार हो सकती है।
डायबिटीज का पता लगाने के लिए ऑनलाइन सेल्फ-टेस्ट
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डायबिटीज कई मामलों में सेहत के लिए खतरनाक मानी जाती है। कई लोगों में ब्लड शुगर लेवल बढ़ता रहता है, लेकिन शरीर में होने वाले बदलाव इतने धीरे-धीरे होते हैं कि उन्हें बीमारी का अंदाजा ही नहीं होता। थकान, ज्यादा प्यास लगने या बार-बार पेशाब आने जैसे संकेतों को लोग अक्सर दूसरी वजहों से जोड़कर नजरअंदाज कर देते हैं। नतीजा, डायबिटीज अंदर ही अंदर शरीर को खोखला करती जाती है।
- इन्हीं खतरों को देखते हुए डेनमार्क के वैज्ञानिकों की टीम ने एक ऑनलाइन सेल्फ-टेस्ट तैयार किया है।
- खास बात यह है कि इसके लिए किसी जटिल मशीन की जरूरत नहीं पड़ती।
- उम्र, लिंग और बीएमआई जैसी सामान्य जानकारी के साथ कुछ सवालों के जवाब देने होते हैं और घर पर टेप से शरीर की कुछ माप ली जाती है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों के जांघ की लंबाई छोटी होती है उनमें डायबिटीज का जोखिम थोड़ा ज्यादा हो सकता है। इसके पीछे बचपन का पोषण और जांघों में मौजूद बड़ी मांसपेशियों की भूमिका बताई गई है। आइए जानते हैं कि इसके लिए विशेषज्ञ क्या लॉजिक दे रहे हैं?
MEDWACS टेस्ट से डायबिटीज का चलेगा पता
जर्नल ऑफ क्लिनिकल एपिडेमियोलॉजी में प्रकाशित इस अध्ययन की रिपोर्ट में डेनमार्क की टेक्निकल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता डॉ. डैनियल यू ने कहते हैं, ब्लड टेस्ट से आसानी से टाइप-2 डायबिटीज का पता लगाया जा सकता है। लेकिन अगर आपको शक ही नहीं है कि आपको डायबिटीज हो सकती है, तो आप जांच कराने डॉक्टर के पास जाएंगे ही नहीं। ऐसे में घर पर ऑनलाइन किया जाने वाला ऐसा टेस्ट लोगों को डॉक्टर से जांच कराने के लिए प्रेरित कर सकता है।
- इस टेस्ट का नाम MEDWACS (मेडवॉक्स) है। इसे ऑनलाइन किया जा सकता है। अपना टेस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें
- इसे अमेरिका के नेशनल हेल्थ एंड न्यूट्रिशन एग्जामिनेशन सर्वे से मिले करीब 30 वर्षों के स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों पर प्रशिक्षित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करके बनाया गया था
अमेरिका और दक्षिण कोरिया में अलग-अलग समूहों पर इस टेस्ट को आजमाया गया। नतीजों में पाता चला कि यह टेस्ट प्रीडायबिटीज और ऐसी टाइप-2 डायबिटीज, जिसकी अभी पहचान नहीं हुई है, दोनों के जोखिम वाले लोगों का पता लगाने में काफी प्रभावी रहा।
प्रीडायबिटीज का मतलब है कि व्यक्ति का ब्लड शुगर सामान्य से ज्यादा हो चुका है, लेकिन अभी डायबिटीज की सीमा तक नहीं पहुंचा है। यह भविष्य में टाइप-2 डायबिटीज होने के बढ़े हुए खतरे का संकेत हो सकता है।
जांघ की लंबाई का डायबिटीज से क्या कनेक्शन है?
इस टेस्ट में सात अलग-अलग चीजों से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। इसके अलावा व्यक्ति की उम्र, लिंग और बीएमआई यानी लंबाई और वजन के आधार पर शरीर के वजन की स्थिति से जुड़ी जानकारी भी ली जाती है। शोधकर्ताओं के सामने डायबिटीज के खतरे से जुड़ा सबसे हैरान करने वाला संकेत जांघ की कम लंबाई के रूप में आया।
- शोधकर्ताओं ने बताया कि फीमर यानी जांघ की सबसे बड़ी हड्डी की लंबाई बचपन के शुरुआती वर्षों में मिले पोषण के बारे में संकेत देती है।
- जीवन के शुरुआती वर्षों में अगर बच्चे को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता है, तो हड्डियों की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है।
- शोधकर्ताओं के मुताबिक, इसका संबंध डायबिटीज के बढ़े हुए खतरे से हो सकता है।
शोधकर्ताओं ने यह भी बताया कि शरीर की सबसे बड़ी मांसपेशियों का समूह जांघों में होता है। यही मांसपेशियां शरीर से ब्लड ग्लूकोज को हटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए जिन लोगों के पैर छोटे होते हैं, उनमें मांसपेशियों की मात्रा कम हो सकती है। इससे शरीर के पास ब्लड में मौजूद शुगर को मांसपेशियों में इस्तेमाल करने की क्षमता भी कम हो सकती है और डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि जांघ छोटी होना अपने आप में डायबिटीज होने का प्रमाण नहीं है। यह अध्ययन एक संभावित जोखिम-संकेत की ओर इशारा करता है। डायबिटीज की पुष्टि के लिए डॉक्टर की सलाह और ब्लड टेस्ट कराने जरूरी हैं।
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स्रोत:
Enhancing prediabetes and diabetes detection through a machine learning-enabled self-assessment approach
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