Mobility Exercises: जिम जाने से पहले जमीन पर बैठना सीखें! फिटनेस एक्सपर्ट्स क्यों दे रहे हैं यह सलाह?
Ground Sitting Benefits in hindi: जिम में भारी वजन उठाने से पहले शरीर की मोबिलिटी पर काम करना जरूरी माना जाता है। यदि आप सही तरीके से बैठ नहीं सकते, उठ नहीं सकते या स्क्वाट की स्थिति में आराम से नहीं रह सकते, तो चोट का खतरा बढ़ सकता है। बेहतर मोबिलिटी शरीर की मूवमेंट, बैलेंस और लचीलापन सुधारने में मदद करती है।
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Fitness Tips: आजकल फिटनेस का मतलब अक्सर जिम, डंबल और भारी वेट ट्रेनिंग से जोड़ दिया जाता है। लोग मसल्स बनाने और वजन घटाने के लिए घंटों वर्कआउट करते हैं, लेकिन एक महत्वपूर्ण चीज को नजरअंदाज कर देते हैं, मोबिलिटी। यही कारण है कि कई लोग जिम में मेहनत करने के बावजूद घुटनों, कमर या कंधों के दर्द से परेशान रहते हैं।
फिटनेस विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आप बिना सहारे जमीन पर आराम से बैठ नहीं सकते, स्क्वाट की स्थिति में कुछ मिनट नहीं रह सकते या आसानी से उठ-बैठ नहीं सकते, तो आपको पहले अपनी मोबिलिटी पर काम करने की जरूरत हो सकती है। मोबिलिटी का मतलब होता है, गतिशीलता या स्वतंत्र रुप से हिलने-डुलने की क्षमता।
यही वजह है कि दुनिया भर में कई ट्रेनर अब यह कहने लगे हैं कि जिम जाने से पहले जमीन पर बैठना सीखें। क्योंकि मजबूत शरीर बनाने से पहले शरीर को सही तरीके से चलाना और नियंत्रित करना सीखना जरूरी है। आइए जानते हैं कि मोबिलिटी क्यों महत्वपूर्ण है और यह आपकी फिटनेस यात्रा को कैसे बेहतर बना सकती है।
मोबिलिटी आखिर होती क्या है?
- मोबिलिटी का मतलब केवल शरीर का लचीला होना नहीं है।
- यह आपके जोड़ों और मांसपेशियों की वह क्षमता है, जिससे वे पूरी रेंज में सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से काम कर सकें।
- अच्छी मोबिलिटी होने पर आप बैठने, झुकने, उठने और घूमने जैसी गतिविधियां आसानी से कर सकते हैं।
जमीन पर बैठना क्यों माना जाता है एक महत्वपूर्ण संकेत?
- यदि कोई व्यक्ति आराम से जमीन पर बैठ और उठ नहीं पाता, तो यह कूल्हों, घुटनों, टखनों या रीढ़ की सीमित गतिशीलता का संकेत हो सकता है।
- लंबे समय तक कुर्सी पर बैठने की आदत शरीर की प्राकृतिक मूवमेंट क्षमता को कम कर सकती है।
- जमीन पर बैठना और वहां से उठना कई जोड़ों और मांसपेशियों के समन्वय की परीक्षा जैसा माना जाता है।
जिम में चोट लगने का जोखिम कैसे कम करती है मोबिलिटी?
- जब शरीर की मूवमेंट सीमित होती है, तो व्यायाम के दौरान कुछ जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
- उदाहरण के लिए, यदि टखनों या कूल्हों की मोबिलिटी कम है, तो स्क्वाट करते समय घुटनों और कमर पर ज्यादा तनाव आ सकता है।
- अच्छी मोबिलिटी सही फॉर्म बनाए रखने में मदद कर सकती है, जिससे चोट का जोखिम कम हो सकता है।
सिर्फ स्ट्रेंथ नहीं, मूवमेंट क्वालिटी भी है जरूरी
- कई लोग भारी वजन उठा लेते हैं, लेकिन सही तरीके से झुक नहीं पाते या बिना सहारे नीचे नहीं बैठ सकते।
- फिटनेस केवल ताकत का नाम नहीं है। शरीर को विभिन्न दिशाओं में सुरक्षित और सहज रूप से हिलाने-डुलाने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
- यही कारण है कि मोबिलिटी को आधुनिक फिटनेस का आधार माना जा रहा है।
मोबिलिटी सुधारने के आसान तरीके
- डीप स्क्वाट होल्ड
- हिप ओपनर एक्सरसाइज
- एंकल मोबिलिटी ड्रिल
- हल्के स्ट्रेचिंग
रोजाना कुछ मिनट इन एक्सरसाइज के अभ्यास करने से मदद मिल सकती है। इसके अलावा लंबे समय तक लगातार बैठने से बचना और दिनभर में नियमित रूप से शरीर को मूव करना भी फायदेमंद माना जाता है।