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चक्रवात अर्नब LIVE: आंध्र प्रदेश में पांच की मौत, ओडिशा के कई जिलों में अलर्ट; नायडू ने अमित शाह को लिखा पत्र
Cyclone Arnab LIVE Updates: चक्रवाती तूफान अर्नब ने बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश के काकीनाडा और पुडुचेरी के यानम के बीच तट पर दस्तक दी। इसके कारण तटीय इलाकों में तेज हवाएं चलीं और भारी बारिश हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। ओडिशा में भी चक्रवाती तूफान के चलते कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। चक्रवाती तूफान अर्नब से जुड़े तमाम अपडेट्स यहां पढ़ें...
लाइव अपडेट
अर्नब से हुए नुकसान का आकलन करने केंद्रीय टीम भेजने की मांग, अमित शाह को नायडू ने लिखा पत्र
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से चक्रवात अर्नब से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम भेजने का अनुरोध किया। उन्होंने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों की मदद आगे भी जारी रखने की मांग की। नायडू ने कहा कि शुरुआती आकलन के अनुसार करीब 80 मकानों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें अधिकतर कोनसीमा जिले में हैं। राज्य की सड़कों पर 220 से अधिक पेड़ गिरे, जिनमें से 170 से ज्यादा हटाए जा चुके हैं। तटीय जिलों के कुछ हिस्सों में सड़कों को नुकसान और बिजली आपूर्ति बाधित होने की जानकारी भी दी गई। उन्होंने कहा कि बहाली के लिए टीमें काम कर रही हैं और आने वाले दिनों में बारिश तथा बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जाएगी।अर्नब की बारिश से दक्षिणी ओडिशा प्रभावित, 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया
चक्रवात अर्नब के कारण हुई भारी से बेहद भारी बारिश ने दक्षिणी ओडिशा को प्रभावित किया है। राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बुधवार को बताया कि 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सरकार को आशंका है कि चक्रवात से दक्षिणी जिलों में असर पड़ेगा और मलकानगिरी सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकता है। गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी और नबरंगपुर में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। राज्य के 30 में से 16 जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहे। लोगों की मदद के लिए 2,037 चक्रवात आश्रय केंद्र तैयार रखे गए हैं, जहां भोजन, पीने के पानी और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब से पांच लोगों की मौत, मृतकों के परिवारों को पांच लाख रुपये की मदद
आंध्र प्रदेश के तट से बुधवार तड़के चक्रवात अर्नब के गुजरने के बाद तटीय जिलों में भारी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि चक्रवात के कारण पांच लोगों की मौत हुई है। इनमें विशाखापत्तनम जिले में बिजली के खंभे और पेड़ गिरने से तीन लोगों की जान गई, जबकि अनाकापल्ली और भीमावरम में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और प्रत्येक परिवार को पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।वाईएसआरसीपी का आरोप, राहत के इंतजार में प्रभावित लोग, प्रचार में जुटे सीएम नायडू
वाईएसआरसीपी के प्रवक्ता करुमुरी वेंकट रेड्डी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर चक्रवात प्रभावित लोगों की मदद के बजाय प्रचार पर ध्यान देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, अधिकारियों को समय पर अलर्ट करने और जरूरी सहायता देने में विफल रही। उन्होंने फसलों के नुकसान का आकलन सीसीटीवी से करने के दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने तत्काल आर्थिक सहायता, भोजन, पीने का पानी, सुरक्षित आश्रय और किसानों को मुआवजा देने की मांग की।आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब के बीच समुद्र में फंसा सल्फर से लदा मालवाहक जहाज
आंध्र प्रदेश के अंतर्वेदी के पास समुद्र में सल्फर ले जा रहा एक मालवाहक जहाज रास्ते से भटकने के बाद उथले पानी में फंस गया। यह घटना चक्रवात अर्नब के बीच सामने आई है। बंदरगाह अधिकारियों के अनुसार, जहाज विशाखापत्तनम से रवाना हुआ था। बताया जा रहा है कि इंजन में खराबी आने के बाद जहाज अपना रास्ता भटक गया और अंततः अंतर्वेदी के पास समुद्र में फंस गया। बंदरगाह अधिकारी और समुद्री एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। संबंधित अधिकारियों के निरीक्षण के बाद जहाज की स्थिति का आकलन किया जाएगा और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। एमएमडी सर्वेक्षक धर्मशास्ता ने यह जानकारी दी।चक्रवात अर्नब से आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा नुकसान, तीन लोगों की मौत
चक्रवात अर्नब का सबसे ज्यादा असर आंध्र प्रदेश में देखने को मिला है। यहां तीन लोगों की मौत हो गई और 31 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। एनडीआरएफ के महानिरीक्षक (आईजी) नरेंद्र सिंह बुंडेला ने यहां एक प्रेस वार्ता में बताया कि केंद्र के साथ-साथ आंध्र प्रदेश और ओडिशा की आपदा प्रबंधन एवं बचाव टीमें अब दोनों राज्यों और आसपास के इलाकों में बारिश से निपटने की तैयारी कर रही हैं। इन क्षेत्रों में बारिश जारी रहने का अनुमान है।
उन्होंने कहा कि चक्रवात ने पुडुचेरी के यानम के पास तट को पार किया है। इसके बाद यह बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान से कमजोर होकर गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया है। अनुमान है कि शाम तक इसकी तीव्रता धीरे-धीरे कम होगी और यह पहले चक्रवाती तूफान तथा फिर गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल जाएगा।
बुंडेला ने कहा, "चक्रवात अर्नब से आंध्र प्रदेश के उत्तरी हिस्से और ओडिशा के दक्षिणी हिस्से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। दोनों राज्यों के कुछ जिलों में तेज हवाएं चल रही हैं और बारिश हो रही है।" उन्होंने कहा, "आंध्र प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। हमें जानकारी मिली है कि कई पेड़ उखड़ गए हैं, विभिन्न प्रकार के 31 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और तीन लोगों की मौत हो गई है।" बुंडेला ने कहा कि शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, ओडिशा में चक्रवात का कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।
चक्रवात ‘अर्नब’ का झारखंड में असर, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में उठे भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से झारखंड में मौसम का मिजाज बदल गया है। राजधानी रांची समेत कई जिलों में बुधवार सुबह से बारिश हो रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, बोकारो, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी एवं पश्चिमी सिंहभूम जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। तूफान के प्रभाव से राज्य के तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। एहतियातन रांची और लोहरदगा जिले में 28 और 29 अक्टूबर को केजी से 12वीं तक की कक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं।रांची में बुधवार सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। आसमान में घने बादल छाए हैं और तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से मौसम में ठंडक बढ़ गई है। हजारीबाग, कोडरमा, चाईबासा, देवघर, गिरिडीह और बोकारो समेत राज्य के कई अन्य जिलों में भी बादल छाए रहने और बारिश होने की सूचना है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि झारखंड की भौगोलिक स्थिति के कारण चक्रवात का असर सबसे पहले सिंहभूम क्षेत्र में दिखेगा। इसके बाद राज्य के दूसरे हिस्सों में भी बारिश और तेज हवाओं का प्रभाव देखने को मिल सकता है। विभाग ने कुछ इलाकों में भारी बारिश की आशंका जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
ओडिशा के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी
भुवनेश्वर स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि तूफान के जमीन की ओर बढ़ने के दौरान हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। हवा के झोंकों की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। आईएमडी ने मलकानगिरी, कोरापुट, नबरंगपुर, रायगड़ा, गजपति और कालाहांडी जिलों में भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी देते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश और 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।#WATCH | Balasore, Odisha: High tidal waves and rough sea conditions witnessed at Udaypur beach along the coastal stretch of Bhograi block as cyclonic storm Arnab advances over the Bay of Bengal. https://t.co/5RJ4TdGF3o
— ANI (@ANI) October 28, 2026
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में स्थानीय स्तर पर भूस्खलन होने की आशंका है। मौसम विभाग ने संबंधित प्रशासन को सतर्क रहने को कहा है। बारगढ़, सुबरनपुर, बौध, नुआपाड़ा, बलांगीर, कंधमाल, पुरी, खुर्दा और नयागढ़ जिलों में भी 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। 29 अक्टूबर के लिए सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा और बारगढ़ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है।
चक्रवात कमजोर होकर गंभीर तूफान में बदला
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, चक्रवात अर्नब ने बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में रात दो बजे से सुबह आठ बजे के बीच आंध्र प्रदेश और यानम के तट को पार किया। इस दौरान हवा की अधिकतम निरंतर रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे थी। मौसम विभाग ने अपने ताजा बुलेटिन में कहा, "संकेत मिलता है कि लैंडफॉल की प्रक्रिया पूरी हो गई है और तूफान का केंद्रीय हिस्सा पूरी तरह जमीन पर पहुंच गया है।" आईएमडी के मुताबिक, सुबह 8:30 बजे यह सिस्टम कमजोर होकर गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया। इस दौरान हवा की रफ्तार घटकर 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे रह गई।अगले 48 घंटों में इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि अगले छह घंटों में यह चक्रवाती तूफान में और उसके बाद छह घंटों के दौरान गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल सकता है। आईएमडी के अनुसार, यह सिस्टम दक्षिणी ओडिशा के कुछ हिस्सों से गुजरने के बाद उत्तर-पश्चिम दिशा में छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ सकता है। इसके बाहरी हिस्सों के प्रभाव से कोरापुट, रायगड़ा, गजपति और गंजाम जिलों में लगातार बारिश हो रही है और तेज हवाएं चल रही हैं।
ओडिशा में अलर्ट, 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
आंध्र प्रदेश और यानम के तट पर बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान अर्नब के लैंडफॉल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ओडिशा सरकार ने बुधवार को 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राज्य के पूरे दक्षिणी हिस्से में हाई अलर्ट जारी है। राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने यह जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि चक्रवात से दक्षिणी ओडिशा के सभी जिलों के प्रभावित होने की आशंका है। इनमें मलकानगिरी पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है।पुजारी ने कहा, "चक्रवात फिलहाल आंध्र प्रदेश में है और दोपहर बाद ओडिशा पहुंचेगा।" उन्होंने बताया कि संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव कर्मियों के साथ जरूरी उपकरण तैनात किए गए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार का विशेष ध्यान गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी और नबरंगपुर जिलों पर है। इन जिलों के निचले इलाकों और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों से लोगों को निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है।