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चक्रवात अर्नब LIVE: आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई जिलों में अलर्ट, आंधी से उखड़े कई पेड़-खंभे; कमजोर पड़ा तूफान
लाइव अपडेट
ओडिशा के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी
भुवनेश्वर स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि तूफान के जमीन की ओर बढ़ने के दौरान हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। हवा के झोंकों की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। आईएमडी ने मलकानगिरी, कोरापुट, नबरंगपुर, रायगड़ा, गजपति और कालाहांडी जिलों में भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी देते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश और 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।#WATCH | Balasore, Odisha: High tidal waves and rough sea conditions witnessed at Udaypur beach along the coastal stretch of Bhograi block as cyclonic storm Arnab advances over the Bay of Bengal. https://t.co/5RJ4TdGF3o
— ANI (@ANI) October 28, 2026
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में स्थानीय स्तर पर भूस्खलन होने की आशंका है। मौसम विभाग ने संबंधित प्रशासन को सतर्क रहने को कहा है। बारगढ़, सुबरनपुर, बौध, नुआपाड़ा, बलांगीर, कंधमाल, पुरी, खुर्दा और नयागढ़ जिलों में भी 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। 29 अक्टूबर के लिए सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा और बारगढ़ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है।
चक्रवात कमजोर होकर गंभीर तूफान में बदला
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, चक्रवात अर्नब ने बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में रात दो बजे से सुबह आठ बजे के बीच आंध्र प्रदेश और यानम के तट को पार किया। इस दौरान हवा की अधिकतम निरंतर रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे थी। मौसम विभाग ने अपने ताजा बुलेटिन में कहा, "संकेत मिलता है कि लैंडफॉल की प्रक्रिया पूरी हो गई है और तूफान का केंद्रीय हिस्सा पूरी तरह जमीन पर पहुंच गया है।" आईएमडी के मुताबिक, सुबह 8:30 बजे यह सिस्टम कमजोर होकर गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया। इस दौरान हवा की रफ्तार घटकर 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे रह गई।अगले 48 घंटों में इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि अगले छह घंटों में यह चक्रवाती तूफान में और उसके बाद छह घंटों के दौरान गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल सकता है। आईएमडी के अनुसार, यह सिस्टम दक्षिणी ओडिशा के कुछ हिस्सों से गुजरने के बाद उत्तर-पश्चिम दिशा में छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ सकता है। इसके बाहरी हिस्सों के प्रभाव से कोरापुट, रायगड़ा, गजपति और गंजाम जिलों में लगातार बारिश हो रही है और तेज हवाएं चल रही हैं।
ओडिशा में अलर्ट, 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
आंध्र प्रदेश और यानम के तट पर बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान अर्नब के लैंडफॉल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ओडिशा सरकार ने बुधवार को 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राज्य के पूरे दक्षिणी हिस्से में हाई अलर्ट जारी है। राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने यह जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि चक्रवात से दक्षिणी ओडिशा के सभी जिलों के प्रभावित होने की आशंका है। इनमें मलकानगिरी पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है।पुजारी ने कहा, "चक्रवात फिलहाल आंध्र प्रदेश में है और दोपहर बाद ओडिशा पहुंचेगा।" उन्होंने बताया कि संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव कर्मियों के साथ जरूरी उपकरण तैनात किए गए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार का विशेष ध्यान गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी और नबरंगपुर जिलों पर है। इन जिलों के निचले इलाकों और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों से लोगों को निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है।
चक्रवात के कारण उड़ानें भी प्रभावित
चक्रवात अर्नब के कारण विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और राजमुंदरी में उड़ान सेवाएं प्रभावित हुईं। कई विमानन कंपनियों ने उड़ानें रद्द कर दीं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों को हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांचने की सलाह दी। मंत्रालय ने विमानन कंपनियों को निर्देश दिया कि वे यात्रियों को उड़ान रद्द होने, देरी और लागू होने वाले रीबुकिंग तथा रिफंड विकल्पों की जानकारी दें।चक्रवात अर्नब: यानम में एनडीआरएफ ने हटाए गिरे पेड़ और मलबा
चक्रवात अर्नब के कारण तेज हवाओं से कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं। घरों को भी नुकसान पहुंचा है और कई इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई है। इसके बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें पुडुचेरी के यानम में राहत और सफाई अभियान चला रही हैं। बचाव दल सड़कों और घरों पर गिरे पेड़ों तथा मलबे को हटाने में जुटे हैं।एनडीआरएफ के कमांडर ईश्वर राव गाडे ने बताया कि एक बड़ा बरगद का पेड़ घर पर गिर गया है। टीम उसे हटाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई है और टीम के पहुंचने से पहले ही घर के लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया था।
गाडे ने एएनआई से कहा, "कल रात आए तूफान के बाद बरगद का एक बड़ा पेड़ गिर गया है। हम उसे हटाने के लिए यहां आए हैं। हवा की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक थी, जिससे कई पेड़ गिर गए। इस घर समेत चार मकान प्रभावित हुए हैं। एनडीआरएफ की टीम फिलहाल मलबा हटाने में जुटी है।"
आंध्र प्रदेश के कई जिलों में रेड अलर्ट
चक्रवात अर्नब के लैंडफॉल की प्रक्रिया जारी रहने के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आंध्र प्रदेश के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने इन इलाकों में बेहद भारी बारिश, गरज-चमक के साथ तूफान और तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी है।आईएमडी की वेबसाइट के अनुसार, रेड अलर्ट वाले जिलों में शामिल हैं: श्रीकाकुलम, विजयनगरम, विशाखापत्तनम, अनकापल्ली, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी और एलुरु।
#WATCH | Machilipatnam, Andhra Pradesh: Strong gusty winds and heavy downpours trigger severe weather conditions across the region under the impact of cyclonic storm Arnab. https://t.co/lN5CUrv0lJ
— ANI (@ANI) October 28, 2026
आंध्र प्रदेश: मौसम विभाग ने कहा- शाम तक बनी रहेगी बारिश की तीव्रता
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में चक्रवाती तूफान अर्नब के लैंडफॉल को लेकर मौसम विभाग के निदेशक पीवीएन मूर्ति ने कहा, "बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान अर्नब इस समय नरसापुर और यानम के बीच तट पर स्थित है। यह फिलहाल तीन किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बहुत धीरे आगे बढ़ रहा है। लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और तूफान का केंद्र तट को छू चुका है। लैंडफॉल की पूरी प्रक्रिया पूरी होने में अगले एक से दो घंटे या दो से तीन घंटे लग सकते हैं।"उन्होंने कहा, "लैंडफॉल के बाद चक्रवात के उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की आशंका है। इसके प्रभाव से, जैसा कि हमने अनुमान लगाया था, इस समय 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। हवा के झोंकों की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही है। लैंडफॉल के बाद हवाओं की रफ्तार धीरे-धीरे कम होगी। बारिश की मौजूदा तीव्रता आज शाम तक बनी रहेगी। शाम से बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने लगेगी। इसी के साथ हवा की रफ्तार भी धीरे-धीरे घटेगी।"
आंध्र प्रदेश: चक्रवात अर्नब के चलते काकीनाडा में उखड़े बड़ी संख्या में पेड़ और बिजली के कई खंभे गिरे
आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के पुलिस अधीक्षक जी बिंदु माधव ने कहा कि चक्रवात अर्नब का जिले पर काफी असर पड़ा है। इसकी वजह से कई सौ पेड़ उखड़ गए और 100 से कम बिजली के खंभे गिर गए। हालांकि, किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। उन्होंने बताया कि रात एक बजे के बाद बारिश कम हो गई।माधव ने कहा कि एहतियात के तौर पर लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया था। आधी रात से रात एक बजे के बीच तेज हवाओं और तूफान की गर्जना के कारण लोग शिविरों में ही रहे। उन्होंने बताया कि समुद्र तट के किनारे से गुजरने वाली उप्पाडा सड़क पूरी तरह बह गई है। जिले में बारिश अपेक्षाकृत कम हुई, लेकिन तेज झोंकेदार हवाओं का असर ज्यादा देखने को मिला।
चक्रवात अर्नब: आंध्र प्रदेश में अब तक जनहानि की खबर नहीं, सीएम चंद्रबाबू नायडू ने दी जानकारी
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को कहा कि चक्रवात अर्नब के कारण अब तक किसी की जान जाने की खबर नहीं है। उन्होंने इसका श्रेय प्रशासन की ओर से पहले से किए गए एहतियाती उपायों को दिया। मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों समेत करीब 32 हजार कर्मचारियों के साथ टेलीकांफ्रेंस के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि संपत्ति को होने वाले नुकसान को कम किया जाए और चक्रवात प्रभावित इलाकों में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल की जाए।मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, नायडू ने कहा, "चक्रवात अर्नब के कारण अब तक किसी की जान जाने की खबर नहीं है। प्रशासनिक तंत्र की ओर से पहले से किए गए एहतियाती उपायों से जनहानि रोकने में मदद मिली।" नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़कों पर गिरे पेड़ों को दो घंटे के भीतर हटाया जाए। राष्ट्रीय राजमार्गों पर रास्ता रोकने वाले पेड़ों को तत्काल हटाने को भी कहा। उन्होंने तेज हवाएं थमने के बाद प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने चक्रवात राहत शिविरों में पर्याप्त भोजन, पीने का पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि खेतों में पानी घुसने से रोका जाए, बागवानी फसलों की सुरक्षा की जाए और तालाबों तथा नहरों के तटबंध टूटने की आशंका को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फसलों को हुए नुकसान का शुरुआती आकलन तैयार करने और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) तथा राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के कर्मियों को तैयार रखने का निर्देश दिया।
इसके अलावा, चक्रवात प्रभावित इलाकों में लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए मनमित्र प्रणाली का पूरा इस्तेमाल करने को कहा गया। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि शिकायतकर्ताओं को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए की गई कार्रवाई की जानकारी दी जाए।
तमिलनाडु के थूथुकुडी के कई इलाकों में छाया कोहरा
तमिलनाडु में सुबह तड़के थूथुकुडी के शहरी और उपनगरीय इलाकों में कोहरा छाया रहा। वहीं, बंदरगाह के पास स्थित समुद्र तट पर ऊंची लहरें उठती देखी गईं। चक्रवात अर्नब के प्रभाव और मौसम विभाग की ओर से तेज हवाओं व समुद्र में उथल-पुथल को लेकर जारी चेतावनी के बाद थूथुकुडी जिले के मछुआरे लगातार तीसरे दिन मछली पकड़ने के लिए समुद्र में नहीं गए।
#WATCH | Thoothukudi, Tamil Nadu: Fog prevailed across urban and suburban areas of Thoothukudi in the early hours of the morning, while strong wave activity were observed along the port beach. https://t.co/qBLSzuURBF
— ANI (@ANI) October 28, 2026