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Delimitation Row: खरगे की अध्यक्षता में कांग्रेस की बैठक, DMK-TMC के तेवर भी आक्रामक; संसद में रणनीति क्या?
Delimitation Row Live: परिसीमन को लेकर सियासत अब सीधी टकराव की राह पर पहुंच गई है। मल्लिकार्जुन खरगे की अगुवाई में कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है, तो इस मामले में डीएमके और टीएमसी भी आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। महिला आरक्षण के साथ जुड़े परिसीमन पर विपक्ष छिपे एजेंडे का आरोप लगा रहा है, जिससे सियासी पारा चरम पर है और संसद में जोरदार भिड़ंत तय मानी जा रही है।
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प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं- महिलाओं को सिर्फ वोट बैंक बनाना बंद हो
शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को केवल वोट बैंक की तरह देखना बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में सभी दलों की सहमति से पारित महिला आरक्षण कानून एक ऐतिहासिक कदम था, जिसका मकसद संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना था। हालांकि, उस समय भी विपक्ष ने यह साफ किया था कि इस कानून को लागू करने के लिए जनगणना या सीमांकन का इंतजार जरूरी नहीं है, लेकिन सरकार ने इस सुझाव को नजरअंदाज कर दिया।प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि अब सरकार खुद सीटों की संख्या बढ़ाने की जरूरत स्वीकार कर रही है, जो पहले उठाई गई चिंताओं को सही साबित करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की आधी आबादी को सिर्फ चुनावी गणित का हिस्सा बनाकर नहीं रखा जा सकता, बल्कि उन्हें अपनी बात रखने की वास्तविक ताकत मिलनी चाहिए।
INDIA गठबंधन की बैठक में मंथन
इसी मुद्दे पर रणनीति तय करने के लिए INDIA गठबंधन के नेताओं की बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दिल्ली स्थित आवास पर बैठक जारी है। इस अहम बैठक में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी भी शामिल होने पहुंचे। संसद के विशेष सत्र से पहले हुई इस बैठक में महिला आरक्षण विधेयक और लोकसभा सीटों के विस्तार पर साझा रुख तैयार करने पर चर्चा हुई।#WATCH | Delhi | INDIA bloc leaders meet at the residence of Congress President Mallikarjun Kharge in Delhi over Women's Reservation Bill and parliamentary seat expansion pic.twitter.com/vOiWjiIPMG
— ANI (@ANI) April 15, 2026
DMK का विरोध, काले कपड़ों में संसद जाने का एलान
डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने सीमांकन के विरोध में संसद में काले कपड़े पहनकर जाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सीमांकन से दक्षिण भारत के राज्यों का प्रतिनिधित्व घट सकता है, जबकि उत्तर भारत के राज्यों की सीटें बढ़ेंगी। मारन ने केंद्र सरकार पर बिना व्यापक चर्चा के संविधान संशोधन बिल को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस बिल को महिला आरक्षण के नाम पर पेश कर रही है, जबकि असली मुद्दा सीमांकन है।चिदंबरम ने भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने लोकसभा सीटों के सीमांकन प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने की मांग करते हुए सीटों में 50% बढ़ोतरी के प्रस्ताव को भ्रम करार दिया है। कोयंबटूर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार जल्दबाजी में संसद बुलाकर यह बिल पास कराना चाहती है, जबकि कई विपक्षी सांसद राज्यों में चुनाव के चलते मौजूद नहीं रह पाएंगे।उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष सीमांकन के खिलाफ नहीं है, बल्कि एक न्यायसंगत और संतुलित प्रक्रिया चाहता है। चिदंबरम ने यह भी आरोप लगाया कि अगर संसद जल्द बुलाई गई, तो सांसदों को बिल के प्रावधानों को समझने का पर्याप्त समय नहीं मिलेगा।
INDI गठबंधन करेगा संयुक्त फैसला
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस मुद्दे पर INDI गठबंधन सामूहिक रूप से अपना रुख तय करेगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में नई दिल्ली में बैठक बुलाई गई है, जिसमें सभी सहयोगी दल मिलकर रणनीति तय करेंगे। अब्दुल्ला ने सीमांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पहले भी जम्मू-कश्मीर में निर्वाचन क्षेत्रों का निर्धारण एक खास पार्टी को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया था।समझिए क्या है सरकार की योजना
दरअसल, सरकार 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुला रही है। इस दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन लाकर 2029 से महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी है। इस कानून के तहत लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण दिया जाएगा। इसके लिए परिसीमन प्रक्रिया भी की जाएगी, जिसमें लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर करीब 850 तक की जा सकती है। ऐसे में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि परिसीमन से राज्यों के बीच सीटों का संतुलन बदल सकता है, जिससे कुछ राज्यों का राजनीतिक प्रभाव कम हो सकता है।
Delimitation Row: खरगे की अध्यक्षता में कांग्रेस की बैठक, DMK-TMC के तेवर भी आक्रामक; संसद में रणनीति क्या?
देशभर में महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर सियासत सातवें आसमान पर पहुंच गया है। ऐसे में अब इस मामले में सरकार के विरोध में कांग्रेस ने संसद के विशेष सत्र से पहले अपनी रणनीति तेज कर दी है। इसी सिलसिले में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के घर पर शीर्ष नेताओं की अहम बैठक भी बुलाई गई, जिसमें महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर चर्चा की गई। बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने तय किया कि संसद में इन दोनों मुद्दों पर सरकार को घेरा जाएगा। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार जो बिल ला रही है, उसकी मंशा ठीक नहीं है और इससे लोकतंत्र को नुकसान हो सकता है।

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