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Bhojshala Case Live: हिंदू पक्ष को पूजा-अर्चना का अधिकार;फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष जाएगा सुप्रीम कोर्ट

न्यूज डेस्क, अमर उजाला,इंदौर/धार Published by: Ashutosh Pratap Singh Updated Fri, 15 May 2026 03:36 PM IST
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खास बातें

धार की विवादित भोजशाला और कमाल मौला मस्जिद मामले में फैसला आ गया है। हिंदू पक्ष के वकील के अनुसार, भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद विवाद में हाईकोर्ट ने भोजशाला को हिंदू मंदिर माना है। जैन समाज और मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज की। 

Dhar Bhojshala Case live  High Court Verdict today  Both Sides Appeal for Peace updates in hindi
आधार भोजशाला विवाद पर आया बड़ा फैसला, कोर्ट ने माना मंदिर - फोटो : अमर उजाला
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लाइव अपडेट

03:22 PM, 15-May-2026

जानें क्या था भोजशाला विवाद?

धार की भोजशाला को लेकर विवाद आखिर क्यों था? इस स्थल का इतिहास क्या कहता है? हिंदू और मुस्लिम पक्ष कब-कब आमने-सामने आए? यह मामला राजनीति का बड़ा मुद्दा कैसे बना? एएसआई की रिपोर्ट में क्या सामने आया और कोर्ट में अब तक क्या-क्या हुआ? पढ़िए पूरी खबर:
धार की भोजशाला में क्या थी विवाद की जड़? जानिए इतिहास से हाईकोर्ट तक की पूरी कहानी

03:11 PM, 15-May-2026

हम अपने खिलाफ दिए गए फैसले की समीक्षा करेंगे- काजी वकार

धार भोजशाला मामले के फैसले पर धार शहर के काजी वकार सादिक ने कहा कि हम अपने खिलाफ दिए गए फैसले की समीक्षा करेंगे। इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।
03:00 PM, 15-May-2026

Dhar Bhojshala Verdict: एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने कही ये बात

धार-भोजशाला मामले पर अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि इंदौर उच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 7 अप्रैल, 2003 के एएसआई के आदेश को आंशिक रूप से रद्द कर दिया है। इसके अलावा, न्यायालय ने हिंदू पक्ष को पूजा-अर्चना का अधिकार प्रदान किया है और भोजशाला परिसर को राजा भोज की संपत्ति के रूप में मान्यता दी है। लंदन के एक संग्रहालय में रखी गई हमारी मूर्ति को वापस लाने की मांग के संबंध में, न्यायालय ने सरकार को इस अनुरोध पर विचार करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने यह भी कहा है कि मुस्लिम पक्ष भी सरकार के समक्ष अपने विचार रखने के लिए स्वतंत्र है। इसके अतिरिक्त, न्यायालय ने सरकार से मुस्लिम पक्ष को वैकल्पिक भूमि आवंटित करने पर विचार करने को कहा है। न्यायालय ने हमें पूजा-अर्चना करने का अधिकार प्रदान किया है और सरकार को स्थल के प्रबंधन की निगरानी करने का निर्देश दिया है। एएसआई का पिछला आदेश, जिसमें नमाज अदा करने का अधिकार दिया गया था, पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है। अब से वहां केवल हिंदू पूजा-अर्चना ही होगी।
 
02:53 PM, 15-May-2026

धार भोजशाला: धार में सुरक्षा बढ़ा दी गई

भोजशाला मामले में अदालत के फैसले ने परिसर को देवी वाग्देवी के मंदिर के रूप में मान्यता दी है। धार में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं।
02:44 PM, 15-May-2026

भोजशाला मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला

भोजशाला मामले में कोर्ट के फैसले में परिसर को मां वाग्देवी के मंदिर के रूप में माना गया है। फैसले के बाद धार जिले में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरी तरह सतर्क और हाई अलर्ट पर हैं।

02:33 PM, 15-May-2026

धार भोजशाला मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू

 

धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला विवाद से जुड़े मामले की सुनवाई अब हाईकोर्ट में शुरू हो गई है। इस केस को लेकर दोनों पक्षों की दलीलों पर अदालत में विस्तार से चर्चा की जा रही है।

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02:18 PM, 15-May-2026

कड़ी सुरक्षा के बीच जुमे की नमाज

एएसआई संरक्षित इस परिसर में हर शुक्रवार जुम्मे की नमाज अदा की जाती है। इसी के चलते दोपहर बाद बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग नमाज के लिए यहां पहुंचने लगे हैं। कुछ ही देर में शहर काजी और मुस्लिम समाज के वरिष्ठ लोगों के पहुंचने के बाद नमाज शुरू होगी। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर भोजशाला और उसके आसपास 500 मीटर के दायरे को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

01:38 PM, 15-May-2026

हिंदू पक्ष का दावा- खिलजी के आदेश पर तोड़ा गया मंदिर

भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद विवाद में हिंदू पक्ष ने इससे पहले अदालत में दावा किया था कि परमार वंश के राजा भोज ने वर्ष 1034 में भोजशाला परिसर में देवी सरस्वती का मंदिर बनवाया था। हिंदू पक्ष के अनुसार, वर्ष 1305 में अलाउद्दीन खिलजी के आदेश पर इस मंदिर को तोड़ दिया गया और उसके अवशेषों का उपयोग कर मस्जिद का निर्माण किया गया।
01:18 PM, 15-May-2026

धार में निकाला गया फ्लैग मार्च

भोजशाला पर फैसले की संभावना को देखते हुए धार में पुलिस फोर्स तैनात है। ड्रोन कैमरे से भी शहर पर नजर रखी जा रही है। शांति व्यवस्था कायम करने के लिए शहर में फ्लैग मार्च निकाला गया है। 



 
01:06 PM, 15-May-2026

एएसआई के 2003 के आदेश को रद्द करने की मांग

 धार भोजशाला मामले में आज फैसला आ सकता है। इस मौके पर हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से वकील विनय जोशी ने कहा कि इस मामले की सुनवाई 2022 से चल रही है। दोपहर 2:30 बजे तक फैसला आने की उम्मीद है। एएसआई ने 2100 पन्नों का विस्तृत सर्वेक्षण किया है, जिसकी रिपोर्ट इस मामले में महत्वपूर्ण रहेगी। उनका कहना है कि  एएसआई का 2003 का आदेश रद्द किया जाना चाहिए। देवी की प्रतिमा को ब्रिटिश संग्रहालय से वापस लाया जाना चाहिए। 

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