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Mahashivratri 2026 : महाशिवरात्रि पर कब खोलें व्रत ? यहाँ जानें पारण का सही समय

धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मेघा कुमारी Updated Sun, 15 Feb 2026 05:45 PM IST
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खास बातें

Mahashivratri Puja Vidhi, Shubh Muhurat Live Updates: महाशिवरात्रि पर जितना महत्व व्रत रखने का है, उतना ही महत्व सही समय और विधि से पारण करने का भी माना गया है। मान्यता है कि नियमपूर्वक व्रत खोलने से ही पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है, अन्यथा साधना अधूरी मानी जाती है।

Mahashivratri 2026 Live Vrat Niyam Puja Time Shubh Muhurat Aarti Mantra Bhajan Shubhkamnaye
महाशिवरात्रि 2026 - फोटो : amar ujala
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लाइव अपडेट

05:30 PM, 15-Feb-2026

Mahashivratri 2026: व्रत पारण समय

महाशिवरात्रि व्रत का पारण अगले दिन 16 फरवरी 2026 को सुबह 6 बजकर 42 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 10 मिनट तक किया जाएगा।
05:14 PM, 15-Feb-2026

Mahashivratri 2026: शिवचालीसा पाठ

शिव चालीसा | Shiv Chalisa in Hindi


दोहा ॥
श्री गणेश गिरिजा सुवन , मंगल मूल सुजान।
कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥

॥ चौपाई ॥
जय गिरिजा पति दीन दयाला ।
सदा करत सन्तन प्रतिपाला ॥भाल चन्द्रमा सोहत नीके ।
कानन कुण्डल नागफनी के ॥

अंग गौर शिर गंग बहाये ।
मुण्डमाल तन क्षार लगाए ॥

वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे ।
छवि को देखि नाग मन मोहे ॥

मैना मातु की हवे दुलारी ।
बाम अंग सोहत छवि न्यारी ॥

कर त्रिशूल सोहत छवि भारी ।
करत सदा शत्रुन क्षयकारी ॥

नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे ।
सागर मध्य कमल हैं जैसे ॥

कार्तिक श्याम और गणराऊ ।
या छवि को कहि जात न काऊ ॥

देवन जबहीं जाय पुकारा ।
तब ही दुख प्रभु आप निवारा ॥

किया उपद्रव तारक भारी ।
देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी ॥

तुरत षडानन आप पठायउ ।
लवनिमेष महँ मारि गिरायउ ॥

आप जलंधर असुर संहारा ।
सुयश तुम्हार विदित संसारा ॥

त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई ।
सबहिं कृपा कर लीन बचाई ॥

किया तपहिं भागीरथ भारी ।
पुरब प्रतिज्ञा तासु पुरारी ॥

दानिन महँ तुम सम कोउ नाहीं ।
सेवक स्तुति करत सदाहीं ॥

वेद नाम महिमा तव गाई।
अकथ अनादि भेद नहिं पाई ॥

प्रकटी उदधि मंथन में ज्वाला ।
जरत सुरासुर भए विहाला ॥

कीन्ही दया तहं करी सहाई ।
नीलकण्ठ तब नाम कहाई ॥

पूजन रामचन्द्र जब कीन्हा ।
जीत के लंक विभीषण दीन्हा ॥

सहस कमल में हो रहे धारी ।
कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी ॥

एक कमल प्रभु राखेउ जोई ।
कमल नयन पूजन चहं सोई ॥

कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर ।
भए प्रसन्न दिए इच्छित वर ॥

जय जय जय अनन्त अविनाशी ।
करत कृपा सब के घटवासी ॥

दुष्ट सकल नित मोहि सतावै ।
भ्रमत रहौं मोहि चैन न आवै ॥

त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो ।
येहि अवसर मोहि आन उबारो ॥

लै त्रिशूल शत्रुन को मारो ।
संकट से मोहि आन उबारो ॥

मात-पिता भ्राता सब होई ।
संकट में पूछत नहिं कोई ॥

स्वामी एक है आस तुम्हारी ।
आय हरहु मम संकट भारी ॥

धन निर्धन को देत सदा हीं ।
जो कोई जांचे सो फल पाहीं ॥

अस्तुति केहि विधि करैं तुम्हारी ।
क्षमहु नाथ अब चूक हमारी ॥

शंकर हो संकट के नाशन ।
मंगल कारण विघ्न विनाशन ॥

योगी यति मुनि ध्यान लगावैं ।
शारद नारद शीश नवावैं ॥

नमो नमो जय नमः शिवाय ।
सुर ब्रह्मादिक पार न पाय ॥

जो यह पाठ करे मन लाई ।
ता पर होत है शम्भु सहाई ॥

ॠनियां जो कोई हो अधिकारी ।
पाठ करे सो पावन हारी ॥

पुत्र हीन कर इच्छा जोई ।
निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई ॥

पण्डित त्रयोदशी को लावे ।
ध्यान पूर्वक होम करावे ॥

त्रयोदशी व्रत करै हमेशा ।
ताके तन नहीं रहै कलेशा ॥

धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे ।
शंकर सम्मुख पाठ सुनावे ॥

जन्म जन्म के पाप नसावे ।
अन्त धाम शिवपुर में पावे ॥

कहैं अयोध्यादास आस तुम्हारी ।
जानि सकल दुःख हरहु हमारी ॥

॥ दोहा ॥
नित नेम कर प्रातः ही, पाठ करौ चालीसा।
तुम मेरी मनोकामना, पूर्ण करो जगदीश॥
मगसर छठि हेमन्त ॠतु, संवत चौसठ जान ।
अस्तुति चालीसा शिवहि, पूर्ण कीन कल्याण ॥
04:52 PM, 15-Feb-2026

Mahashivratri 2026: श्रीशिवपञ्चाक्षरस्तोत्र का करें पाठ

॥ श्रीशिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम् ॥

नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय,
भस्माङ्गरागाय महेश्वराय ।
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय,
तस्मै न काराय नमः शिवाय ॥१॥

मन्दाकिनी सलिलचन्दन चर्चिताय,
नन्दीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय ।
मन्दारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय,
तस्मै म काराय नमः शिवाय ॥२॥

शिवाय गौरीवदनाब्जवृन्द,
सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय ।
श्रीनीलकण्ठाय वृषध्वजाय,
तस्मै शि काराय नमः शिवाय ॥३॥

वसिष्ठकुम्भोद्भवगौतमार्य,
मुनीन्द्रदेवार्चितशेखराय।
चन्द्रार्क वैश्वानरलोचनाय,
तस्मै व काराय नमः शिवाय ॥४॥

यक्षस्वरूपाय जटाधराय,
पिनाकहस्ताय सनातनाय ।
दिव्याय देवाय दिगम्बराय,
तस्मै य काराय नमः शिवाय ॥५॥

पञ्चाक्षरमिदं पुण्यं यः पठेच्छिवसन्निधौ ।
शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते ॥
04:41 PM, 15-Feb-2026

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर करें भोलेनाथ की आरती

जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा ।
ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव...॥

एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।
हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव...॥

दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।
त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव...॥

अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी ।
चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव...॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे ।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ जय शिव...॥
कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता ।
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता ॥ ॐ जय 

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।
प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका ॥ ॐ जय शिव...॥

काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी ।
नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी ॥ ॐ जय शिव...॥

त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे ।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥ ॐ जय शिव...॥
 
04:13 PM, 15-Feb-2026

MahaShivratri 2026: महादेव को अर्पित करने चाहिए ये फूल

  • महाशिवरात्रि के शुभ दिन पर भोलेनाथ को धतूरा और उसका फूल अर्पित करना चाहिए। इसे बेहद शुभ माना जाता है। 
  • शिव जी को आप आक के फूल चढ़ाएं। इससे प्रभु प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाते हैं। यही नहीं साधक की मनोकामनाएं भी पूरी करते हैं।
  • मान्यता है कि, सफेद फूल महाकाल को अर्पित करने से अटके कार्यों को गति मिलती हैं। साथ ही देवी पार्वती की कृपा भी बनी रहती हैं।
  • महाशिवरात्रि पर आप शिव जी को शमी के फूल अवश्य चढ़ाएं। यह प्रभु को अति प्रिय है। इससे वह शीघ्र ही प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाते हैं।
  • प्राजक्ता के फूल महादेव को अर्पित करें। इससे धन लाभ और सुख बढ़ता है। 
  • सफेद कनेर के फूल चढ़ाने से प्रेम जीवन सुखमय होता है।
03:55 PM, 15-Feb-2026

MahaShivratri 2026: महाशिवरात्रि पर करें इन चीज़ों का दान

  • महाशिवरात्रि पर सफेद वस्तुओं का दान करना बेहद शुभ होता है। इससे मन को शांति मिलती है। साथ ही महादेव प्रसन्न होते हैं।
  • इस दिन आप काले तिल का दान कर सकते हैं। यह सभी तरह के ग्रह दोषों को शांत करता है।
  • काली दाल का दान करने से शनि और राहु से जुड़े दोष दूर होते हैं।
  • वस्त्र दान सदैव श्रेष्ठ कर्म माना गया है। इसके प्रभाव से जीवन में शांति और संतोष बढ़ता है।
  • आप महाशिवरात्रि के दिन घी और गुड़ का दान भी कर सकते हैं। इससे भाग्योदय होता है।
  • इस दिन पर सुहागिन महिलाओं को श्रृंगार सामग्री का दान करना पुण्यदायी होता है।
  • चावल का दान करने से घर में अन्न-धन बढ़ता है।
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03:44 PM, 15-Feb-2026

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ को अर्पित करें प्रिय भोग

  • मौसमी फल
  • बेर
  • मिठाई
  • साबूदाना खिचड़ी
  • पंचामृत 
  • दूध और गुड़
     
03:30 PM, 15-Feb-2026

Mahashivratri 2026: भगवान भोलेनाथ को क्यों नहीं चढ़ाया जाता केतकी पुष्प?

केतकी पुष्प से जुड़ी कथा के अनुसार, ब्रह्मा और विष्णु के बीच श्रेष्ठता के विवाद के समय, भगवान शिव का दिव्य ज्योतिर्लिंग प्रकट हुआ। ब्रह्मा और विष्णु ने इसके शिखर तक  पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। रास्ते में ब्रह्मा को केतकी का पुष्प मिला और उसने झूठी गवाही देने के लिए पुष्प को भी साथ लिया। शिवजी ने ब्रह्मा के अहंकार और असत्य बोलने पर क्रोधित होकर कालभैरव प्रकट किया और ब्रह्मा का पंचम सिर काट दिया। इसी कारण ब्रह्मा चतुर्मुख कहलाए। साथ ही, केतकी पुष्प को श्राप दिया गया कि यह कभी शिव पूजा में स्वीकार नहीं होगा, जो सत्य की विजय और अहंकार के दंड का प्रतीक है।
03:20 PM, 15-Feb-2026

Mahashivratri 2026:  महाशिवरात्रि पर चार प्रहर की पूजा का महत्व

महाशिवरात्रि के दिन वैसे तो पूरे दिन और रात को पूजा कर सकते हैं। लेकिन इस पर्व पर रात्रि के चार प्रहर की पूजा करने का विशेष विधान और महत्व होता है। स्कंद, शिव और लिंग पुराण में महाशिवरात्रि पर रात के चार प्रहर में शिवलिंग का अभिषेक करना बहुत ही शुभ और फलदायी माना जाता है। एक प्रहर 3 घंटे का होता है। 
03:00 PM, 15-Feb-2026

Mahashivratri 2026: शिव पूजन में शंख का प्रयोग वर्जित

शिवलिंग की पूजा में शंख बजाना या शंख से जल अर्पित करना पूर्णतः वर्जित है। इसके पीछे पौराणिक मान्यता है कि भगवान शिव ने शंखचूड़ नामक दैत्य का वध किया था और उसके शरीर की अस्थियों से शंख उत्पन्न हुआ। इसी कारण से शिवलिंग पूजा में शंख का प्रयोग नहीं किया जाता। शिवलिंग पर जल, दूध, दही या अन्य पवित्र द्रव सीधे पात्र से अर्पित करना ही शास्त्रानुसार सही माना गया है।
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