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G7 Summit: थोड़ी देर में मोदी और ट्रंप की होगी मुलाकात; पीएम ने कहा- सिर्फ GDP से नहीं माप सकते देश का विकास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के दौरे पर हैं, मंगलवार को जहां उन्होंने जी7 के आउटरीच सेशन में शिरकत की थी। वहीं पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की आज कुछ ही देर बाद मुलाकात होगी। इससे पहले प्रधानमंत्री ने आज जी7 शिखर सम्मेलन के वर्किंग सेशन में कई वैश्विक नेताओं से मुलाकात की है। यहां पढ़ें, पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात और जी7 शिखर सम्मेलन से जुड़े सभी अपडेट्स...
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ट्रंप ने मैक्रों की तारीफ की, कहा- शानदार आयोजन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की जी7 शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि फ्रांस ने इस सम्मेलन का शानदार आयोजन किया है। ट्रंप ने कहा, 'यह एक बेहतरीन समिट रहा है और राष्ट्रपति मैक्रों ने बहुत अच्छा काम किया है'। उन्होंने यह भी कहा कि सम्मेलन को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही है, भले ही कुछ देशों की आर्थिक स्थिति अलग-अलग हो।जर्मन चांसलर के साथ पीएम मोदी की द्विपक्षीय बैठक
जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियन में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ द्विपक्षीय बैठक की।#WATCH | On the sidelines of G7 Summit, Prime Minister Narendra Modi holds a bilateral meeting with Federal Chancellor of Germany, Friedrich Merz, in Evian, France.
— ANI (@ANI) June 17, 2026
(Video: DD) pic.twitter.com/thXgUNwi8E
पीएम मोदी की एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ त्रिपक्षीय बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियन में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान ईयू काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ त्रिपक्षीय बैठक की।#WATCH | Prime Minister Narendra Modi holds a trilateral meeting with EU Council president António Costa and European Commission president Ursula von der Leyen on the sidelines of G7 Summit in Evian, France.
— ANI (@ANI) June 17, 2026
(Video: DD) pic.twitter.com/jyX4FF1i4D
जी7 के दौरान दिखी ट्रंप-मेलोनी के रिश्तों में नरमी
जी7 सम्मेलन के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच बातचीत चर्चा में रही। मुलाकात के दौरान ट्रंप ने मजाकिया अंदाज में कहा, 'आपने मुझे छोड़ दिया है'। इस पर मेलोनी ने तुरंत जवाब देते हुए कहा, 'ऐसा नहीं है, हम हमेशा दोस्त रहे हैं'। बताया जा रहा है कि अप्रैल में दोनों नेताओं के बीच रिश्तों में थोड़ी खटास आई थी, लेकिन अब जी7 मंच पर उनके संबंध बेहतर होते दिख रहे हैं।पीएम मोदी बोले- सिर्फ GDP से विकास नहीं मापा जा सकता
फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसी देश के विकास को सिर्फ जीडीपी और व्यापार के आंकड़ों से नहीं आंका जा सकता। उन्होंने 'संतुलित, साझा और सतत आर्थिक विकास' विषय पर बोलते हुए कहा कि असली सवाल यह होना चाहिए कि विकास किसके लिए, किसके साथ और किस दिशा में हो रहा है। पीएम मोदी ने फ्रांस की अध्यक्षता में इस विषय को प्राथमिकता देने का स्वागत किया और कहा कि आज की दुनिया में समावेशी विकास पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने संकेत दिया कि केवल आर्थिक आंकड़े ही प्रगति की पूरी तस्वीर नहीं दिखाते।राष्ट्रपति ट्रंप- पीएम मोदी रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने को तैयार- व्हाइट हाउस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत-अमेरिका संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार हैं। दोनों नेता फ्रांस में द्विपक्षीय बातचीत की तैयारी कर रहे हैं, जिसमें व्यापार, तकनीक, निवेश और वैश्विक सुरक्षा मुख्य एजेंडा होंगे। व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने बताया, 'राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच गहरी दोस्ती है। उनके नेतृत्व में, ट्रंप प्रशासन और भारत सरकार हमारे दोनों देशों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार हैं'। फरवरी में हुई शिखर बैठक के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली मुलाकात होगी। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब संभावित व्यापार समझौते पर चर्चा चल रही है और पश्चिम एशिया के संकट को हल करने के लिए राजनयिक प्रयास जारी हैं। व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप और पीएम मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मिलेंगे। व्हाइट हाउस के अनुसार, दोनों नेता आर्थिक विकास, सप्लाई चेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, निवेश साझेदारी और कई वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा करेंगे।कुश देसाई ने बताया, 'राष्ट्रपति ट्रंप ने हमेशा भारत के साथ अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी के लिए अपना समर्थन जताया है'। उन्होंने विदेश मंत्री मार्को रुबियो की हालिया भारत यात्रा का उल्लेख किया और कहा, 'मार्को रुबियो ने व्यापार और राष्ट्रीय सुरक्षा पर दोनों देशों के बीच सहयोग को गहरा करने के ट्रंप के प्रयासों को आगे बढ़ाया है'। उन्होंने कहा, 'विदेश मंत्री मार्को रुबियो की हालिया भारत यात्रा ने दोनों देशों के बीच व्यापार और राष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग को और मजबूत किया है, जिसमें महत्वपूर्ण खनिजों पर एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर करना भी शामिल है'।
वहीं, विशेषज्ञों ने कहा कि इस बैठक से ठोस परिणामों के साथ-साथ मजबूत राजनीतिक संदेश की भी उम्मीद है। हडसन इंस्टीट्यूट की सीनियर वरिष्ठ अपर्णा पांडे ने कहा कि इस बैठक से काफी अपेक्षाएं हैं। अपर्णा पांडे ने कहा, 'पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की आमने-सामने की यह बैठक पिछले फरवरी में हुई शिखर बैठक के बाद पहली होगी। दोनों पक्षों को इस बैठक से काफी उम्मीदें हैं, जो पश्चिम एशिया संकट के संभावित समाधान और व्यापार समझौते पर चर्चा के बीच हो रही है'। अपर्णा पांडे ने कहा कि इस बैठक में प्रतीकात्मकता और ठोस परिणाम दोनों ही महत्वपूर्ण होंगे। उन्होंने कहा, 'दोनों नेता यह दर्शाना चाहेंगे कि मुश्किल हालात के बावजूद दोनों लोकतंत्रों के बीच रिश्ते मजबूत बने हुए हैं और वे रक्षा व तकनीक से जुड़े कुछ समझौतों की घोषणा करने के इच्छुक होंगे'।
जब ट्रंप बोले- मैं बॉस हूं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुबह के सेशन से पहले मजाक में G7 नेताओं से कहा, 'मैं बॉस हूं'।“I’m the boss.” 🤣
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) June 17, 2026
— @POTUS arrives for a working session at the G7 summit in France pic.twitter.com/BvAamZo0sD
आउटरीच सत्र में पीएम मोदी ने रखा नए अंतरराष्ट्रीय ढांचे का प्रस्ताव
जी7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक व्यापार और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए एक नए अंतरराष्ट्रीय ढांचे का प्रस्ताव रखा। उन्होंने 'इंटरनेशनल मोबिलाइजेशन पार्टनरशिप फॉर एक्सेलेरेटिंग कनेक्टिविटी एंड ट्रेड (IMPACT)' बनाने की बात कही। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह पहल भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे की तर्ज पर विकसित की जा सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि जी7 देशों की पूंजी, भारत की प्रतिभा और ग्लोबल साउथ देशों की भागीदारी को जोड़कर अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और प्रशांत द्वीप देशों में कनेक्टिविटी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा सकता है।
'सभी के लिए संतुलित, साझा और टिकाऊ आर्थिक विकास' विषय पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि विकास का आकलन केवल जीडीपी या व्यापार के आंकड़ों से नहीं होना चाहिए। असली सवाल यह है कि विकास किसके लिए, किसके साथ और किस दिशा में हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के कई देशों में आबादी वृद्ध हो रही है, जबकि भारत और अन्य ग्लोबल साउथ देशों के पास बड़ी संख्या में युवा, कुशल और उद्यमी प्रतिभाएं हैं। इस क्षमता का लाभ उठाने के लिए उन्होंने ग्लोबल स्किल्स पार्टनरशिप बनाने का भी प्रस्ताव दिया, जिससे कौशल विकास, स्किल मैपिंग और भरोसेमंद कुशल श्रमिकों की वैश्विक आवाजाही को बढ़ावा मिल सके।
जी7 शिखर सम्मेलन के वर्किंग सेशन में शामिल हुए पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को फ्रांस के एवियन में आयोजित ग्रुप ऑफ सेवन (जी7) शिखर सम्मेलन में 'संतुलित, समावेशी और सतत आर्थिक विकास' पर आधारित एक कार्य सत्र में भाग लिया। इस सत्र से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व के कई बड़े नेताओं से मुलाकात की, जिनमें इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमए) की कार्यकारी निदेशक क्रिस्टालिना जियोरगीवा शामिल रहे।#WATCH | PM Narendra Modi attends the G7 working session in Evian, France
— ANI (@ANI) June 17, 2026
(Video source: DD News) pic.twitter.com/fAApXOocJx
इससे पहले मंगलवार को पीएम आउटरीच सेशन का हिस्सा बने थे। इस दौरान अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत किया और कहा कि यह संघर्ष मित्र देशों में जान-माल की भारी हानि का कारण बना है। उन्होंने कहा, 'होर्मुज में समुद्री व्यापार बाधित होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है। अंतरराष्ट्रीय साझेदारी तभी सार्थक हो सकती है जब सभी देश साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें'। प्रधानमंत्री ने कहा, 'भारत का मानना है कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनाव और संघर्षों का स्थायी समाधान केवल संवाद, कूटनीति और सहयोग से ही संभव है'।