West Asia Live: ईरान को लेकर ट्रंप का बड़ा एलान, परमाणु कचरा हटाएगा अमेरिका, प्रतिबंधों में राहत की तैयारी
Iran Israel US Conflict Live Updates: पश्चिम एशिया में पिछले एक महीने से भड़के संघर्ष ने आज एक अहम मोड़ ले लिया है। अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का संघर्षविराम समझौता हुआ है, इसके तहत दोनों देशों ने लड़ाई रोकने पर सहमति दी है और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने का आश्वासन भी दिया गया है, जो वैश्विक ऊर्जा मार्ग के रूप में बेहद अहम है। अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जुड़े तमाम पल-पल अपडेट्स...
लाइव अपडेट
West Asia Live: ईरान को लेकर ट्रंप का बड़ा एलान, परमाणु कचरा हटाएगा अमेरिका, प्रतिबंधों में राहत की तैयारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान में एक सकारात्मक शासन परिवर्तन यानी, रिजीम चेंज हुआ है। अब अमेरिका ईरान के साथ मिलकर काम करेगा। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि अब ईरान में यूरेनियम का संवर्धन पूरी तरह रोक दिया जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि अमेरिका, ईरान के साथ मिलकर उन सभी परमाणु अवशेषों यानी की न्यूक्लियर डस्ट को खोदकर बाहर निकालेगा और हटाएगा, जो बी-2 बॉम्बर्स से किए गए हमलों के बाद सुरंगों में दबे हुए हैं। ट्रंप के अनुसार, इन ठिकानों पर 'स्पेस फोर्स' और उपग्रहों के माध्यम से बेहद सटीक निगरानी रखी जा रही है ताकि परमाणु सामग्री के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके।इतना ही नहीं, ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर लगे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों और टैरिफ में ढील देने के संकेत दिए हैं। राष्ट्रपति ने बताया कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित 15 सूत्रीय समझौते के अधिकांश बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है। ट्रंप ने कहा कि हमले के बाद से परमाणु साइटों पर कुछ भी छुआ नहीं गया है और अब बातचीत के जरिए क्षेत्र में स्थिरता लाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा तनाव के दौरान पश्चिम एशिया में ईरान की मदद करने वाले देशों पर अमेरिका ने तत्काल प्रभाव से 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है।
पीएम शहबाज शरीफ और ईरानी राष्ट्रपति के बीच सफल वार्ता, पाकिस्तान करेगा शांति सम्मेलन की मेजबानी
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के साथ बातचीत की। इस चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करना और शांति की बहाली रहा। प्रधानमंत्री शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि ईरान ने पाकिस्तान के उस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जिसमें इस्लामाबाद में शांति वार्ता आयोजित करने की बात कही गई थी।पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सप्ताह के अंत में होने वाली यह वार्ता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए मील का पत्थर साबित होगी। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने न केवल इस सम्मेलन में ईरान की भागीदारी की पुष्टि की, बल्कि शांति स्थापना के लिए पाकिस्तान की मध्यस्थता और प्रयासों की भी सराहना की। प्रधानमंत्री शरीफ ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अपने पड़ोसियों और साझेदारों के साथ मिलकर एक सुरक्षित और स्थिर भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब पूरे क्षेत्र को एकजुट होकर सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने की सख्त जरूरत है।
इस्लामाबाद में अहम वार्ता की तैयारी, ईरान के गालिबाफ और अमेरिका के जेडी वेंस हो सकते हैं शामिल
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की कोशिशें तेज हो गई हैं। शुक्रवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता में ईरान और अमेरिका के शीर्ष नेता शामिल हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ इस बैठक में ईरान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे, जबकि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के अमेरिका की ओर से शामिल होने की संभावना है।ईरान की ओर से प्रस्तावित 10 सूत्रीय एजेंडा में उसके परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और पिछले करीब 45 वर्षों से लगे प्राथमिक और द्वितीयक प्रतिबंधों जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। यह बैठक दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और भविष्य की रणनीति तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम के बाद इराक ने खोला अपना हवाई क्षेत्र
अमेरिका और ईरान के बीच हुए संघर्ष विराम के बाद इराक ने बड़ा कदम उठाते हुए अपने हवाई क्षेत्र और सभी एयरपोर्ट को तत्काल प्रभाव से फिर से खोलने का ऐलान किया है। इराक की नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने आधिकारिक बयान में कहा कि क्षेत्र में हालात सामान्य होने के बाद अब हवाई यातायात को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है।प्राधिकरण के अनुसार, अब सभी नागरिक उड़ानों को अनुमति दी गई है, जिसमें ओवरफ्लाइट, टेकऑफ और लैंडिंग शामिल हैं। यह सब तय नियमों और दिशा-निर्देशों के तहत किया जाएगा। साथ ही, अधिकारियों ने यह भी भरोसा दिलाया कि हवाई सुरक्षा और संरक्षा के उच्चतम मानकों का पालन किया जाएगा और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ समन्वय बनाए रखा जाएगा, ताकि उड़ान संचालन सुचारू रूप से चलता रहे।
मोजतबा ने सेना को फायरिंग रोकने का आदेश दिया
ईरान ने स्पष्ट किया है कि संघर्षविराम का मतलब युद्ध का अंत नहीं है और अगर शत्रु किसी भी तरह की कार्रवाई करता है तो उसके हाथ हमेशा हथियार पर रहेंगे। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ दो सप्ताह के संघर्षविराम पर सहमति के बाद अपनी सभी सैन्य इकाइयों को गोलीबारी रोकने का निर्देश दिया। लेकिन साथ ही तेहरान ने यह भी स्पष्ट किया कि यह युद्ध का अंत नहीं है।राज्य संचालित इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) पर पढ़े गए एक बयान में खामेनेई ने कहा यह युद्ध का अंत नहीं है, लेकिन सभी सैन्य शाखाओं को सर्वोच्च नेता के आदेश का पालन करते हुए अपनी फायरिंग रोकनी चाहिए।
'बड़े पैसों की कमाई होगी': संघर्षविराम के बाद बोले ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर संदेश साझा करते हुए कहा कि ईरान के साथ संघर्षविराम समझौते को एक विश्व शांति के लिए बड़ा दिन करार दिया और कहा कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में यातायात व्यवस्था में मदद करेगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा यह क्षण पश्चिम एशिया के लिए एक नए गोल्डन एज की शुरुआत का संकेत हो सकता है।उन्होंने आगे लिखा 'यहां कई सकारात्मक गतिविधियां होंगी। बड़े पैसों की कमाई होगी। ईरान पुनर्निर्माण प्रक्रिया शुरू कर सकता है। हम हर प्रकार की सामग्री की आपूर्ति करेंगे और यह सुनिश्चित करने के लिए मौके पर रहेंगे कि सब कुछ सुचारू रूप से चले। मुझे भरोसा है कि ऐसा होगा।'
इस्राइल: अमेरिका‑ईरान सीजफायर पर समर्थन, लेकिन इसमें हिजबुल्ला नहीं शामिल
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि उनका देश अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो‑हफ्ते के युद्धविराम समझौते का समर्थन करता है, लेकिन यह समझौता लेबनान में हिजबुल्ला के खिलाफ जारी लड़ाई को कवर नहीं करता है। इस बात की जानकारी विश्व मीडिया एजेंसियों के रिपोर्ट में मिली है।नेतन्याहू कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस्राइल अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ युद्धविराम को आगे बढ़ाने का पक्ष लेता है, लेकिन लेबनान में हिजबुल्ला को निशाना बनाने वाली सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी और वह इस समझौते का हिस्सा नहीं है। इस कदम से स्पष्ट संदेश गया है कि सीजफायर का दायरा सिर्फ अमेरिका‑ईरान संघर्ष तक सीमित है और अन्य मोर्चों पर हमला जारी रहेगा।
अमेरिका पर साइबर हमले का भी दावा
ईरान से जुड़े साइबर समूहों की ओर से अमेरिका पर बड़े साइबर हमले का दावा भी सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावरों ने इंडस्ट्रियल सिस्टम्स में इस्तेमाल होने वाले प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर (PLC) को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि PLC सिस्टम्स किसी भी बड़े औद्योगिक सेटअप के दिमाग की तरह काम करते हैं। ये ऑटोमैटिक प्रोग्राम के जरिए मशीनों और प्रक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं। ऐसे में इन सिस्टम्स के प्रभावित होने से कई महत्वपूर्ण संचालन बाधित हो सकते हैं।ईरान में सरकार समर्थकों का उग्र प्रदर्शन
युद्धविराम की घोषणा के बाद भी ईरान की राजधानी में माहौल शांत नहीं दिखा। बुधवार सुबह तेहरान की सड़कों पर सरकार समर्थक प्रदर्शनकारियों का गुस्सा खुलकर सामने आया। प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने अमेरिका मुर्दाबाद, इस्राइल मुर्दाबाद और समझौता करने वालों के खिलाफ जैसे तीखे नारे लगाए।हालात उस समय और ज्यादा उग्र हो गए जब प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर अमेरिकी और इस्राइली झंडे जलाए। मौके पर मौजूद आयोजकों ने भीड़ को शांत करने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी लगातार नारेबाजी करते रहे और गुस्सा कम होता नहीं दिखा।
तेहरान में युद्धविराम की खुशी: लोगों ने सड़कों पर झंडे लहराए और जश्न मनाया
ईरान की राजधानी तेहरान में लोग युद्धविराम की घोषणा के बाद खुशियों में झूम उठे। वीडियो में दिखा कि लोगों ने ईरानी झंडे लहराए, जयकारे लगाए और जश्न मनाया। यह पल खास इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि शहर पिछले कई हफ्तों से तीव्र हमलों और युद्ध की स्थिति से जूझ रहा था। लोगों की इस उत्सव भरी प्रतिक्रिया से यह साफ दिखाई देता है कि युद्धविराम की खबर ने आम नागरिकों के दिलों में राहत और उमंग पैदा कर दी है।