West Asia LIVE: होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग लगभग ठप; कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन-मिसाइल हमले
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Thu, 16 Jul 2026 06:59 AM IST
राकेश कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 16 Jul 2026 06:59 AM IST
खास बातें
West Asia LIVE: पश्चिम एशिया एक बार फिर बारूद की बची हुई आग पर खड़ा है। ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी तनाव ने पूरी दुनिया की सांसें थाम ली हैं। दुनिया का सबसे व्यस्त तेल रास्ता अब मिसाइलों और ड्रोन की आहट से गूंज रहा है। एक तरफ अमेरिका ने हवाई हमले के सेकंड वेव की शुरुआत कर दी है, तो दूसरी तरफ ईरान खाड़ी देशों को निशाना बनाकर जवाब दे रहा है। तेल की सप्लाई रुकने का खतरा, जहाजों का डर, बढ़ती कीमतें, पश्चिम एशिया का यह संकट अब सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की चिंता बन चुका है। ताजा हमले, दोनों पक्षों के बयान और तेल बाजार पर असर से जुड़ी सभी बड़ी जानकारी पढ़ने के लिए बने रहें अमर उजाला के साथ...
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पश्चिम एशिया में संघर्ष
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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लाइव अपडेट
12:19 PM, 16-Jul-2026
कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन-मिसाइल हमले
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से बड़े हमले किए हैं। IRGC के अनुसार, कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस स्थित सैटेलाइट संचार केंद्र, अर्ली वार्निंग रडार, पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, ईंधन भंडारण और अश-शुआयबा स्थित अमेरिकी सैन्य घाट को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया। वहीं, बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर संचार प्रणाली, सुपर हॉक और पैट्रियट रडार समेत हवाई निगरानी एवं नियंत्रण रडार तथा लड़ाकू विमानों के ईंधन पंपिंग स्टेशन को तबाह करने का दावा किया गया है। IRGC ने कहा कि ये हमले अमेरिका द्वारा अहवाज के बच्चों के कैंसर अस्पताल और खुज़ेस्तान व इलाम प्रांत में जल संयंत्रों पर किए गए हमलों के जवाब में किए गए हैं। संगठन ने कुवैत की जनता से अपील की कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल फिलिस्तीन, लेबनान, ईरान और यमन के खिलाफ हमलों के लिए न होने दें। साथ ही अमेरिकी सेनाओं को क्षेत्र से बाहर निकालने की मांग करते हुए कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य तभी खोला जाएगा, जब क्षेत्र में अमेरिका की दखलंदाजी और आक्रामक गतिविधियां समाप्त होंगी। IRGC ने अपने बयान के अंत में कहा लड़ाई जारी रहेगी।12:03 PM, 16-Jul-2026
'दुनिया की कोई भी ताकत ईरान से होर्मुज नहीं छीन सकती'
ईरान के पूर्व विदेश मंत्री और सर्वोच्च नेता के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने ईरान के सरकारी टीवी से कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़) ईरान का है और इसे दुनिया की कोई भी ताकत ईरान से होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर उसका अधिकार नहीं छीन सकती है। बता दें कि हाल के दिनों में तेहरान द्वारा इस अहम जलमार्ग में वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल कर रहे टैंकरों पर हमले के बाद, अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के लिए खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को रोकने के मकसद से उस पर नए हमले शुरू किए। इसके जवाब में, ईरान खाड़ी क्षेत्र में उन ठिकानों पर हमले कर रहा है जिन्हें वह अमेरिकी ठिकाने बताता है।
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11:37 AM, 16-Jul-2026
जॉर्डन के अल-अजराक एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन के अल-अजराक (Azraq) एयरबेस पर खैबर-शिकन (Khyber-Shakan) बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर अमेरिकी लड़ाकू विमानों के स्टोरेज रैंप और पश्चिम एशिया में बने नए अमेरिकी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को निशाना बनाकर तबाह कर दिया। IRGC ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका के उन हमलों के जवाब में की गई है, जिनके कारण अहवाज से कैंसर पीड़ित 121 बच्चों को निकालना पड़ा था और मार्च में मीनाब के एक स्कूल पर हुए हमले में 168 बच्चों की मौत हुई थी। संगठन ने जॉर्डन की जनता से अपील की कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल "बच्चों के खिलाफ ऐसे अपराधों" के लिए न होने दें। वहीं, जॉर्डन की सेना ने दावा किया है कि उसने बुधवार सुबह ईरान की ओर से दागी गई आठ मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।
11:10 AM, 16-Jul-2026
ईरान के सेमनान एयरपोर्ट और स्टोरेज को अमेरिका ने बनाया निशाना
हालिया तनाव बढ़ने के बाद अमेरिका ने एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार उत्तरी ईरान पर हमला किया है। इससे पहले अक्काला में एक अहम रेलवे पुल को निशाना बनाया गया था, जिसे ईरान के वैकल्पिक व्यापार मार्गों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अब अमेरिका ने उत्तरी शहर सेमनान में एक नागरिक हवाई अड्डे की मुख्य इमारत पर हमला किया है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, एयरपोर्ट को मामूली नुकसान पहुंचा है, हालांकि उन्होंने हमले के बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है। इसी शहर में स्थित एक स्टोरेज सुविधा भी अमेरिकी हमले की चपेट में आई, लेकिन वहां क्या रखा था और नुकसान कितना हुआ, इसे लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
10:07 AM, 16-Jul-2026
कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा
ईरान की सेना ने दावा किया है कि उसने अपने जवाबी सैन्य अभियान 'ऑपरेशन लाइटनिंग' के दसवें चरण के तहत कुछ घंटे पहले कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। सरकारी मीडिया में जारी बयान के अनुसार, कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस पर मौजूद अमेरिकी सेना के रडार सिस्टम, पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया। वहीं, एक अलग हमले में बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर अमेरिकी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे संचार तंत्र, सुपर हॉक रडार, पैट्रियट रक्षा प्रणाली और अन्य रडार प्रतिष्ठानों पर ड्रोन से हमला करने का दावा किया गया। इससे पहले इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा करते हुए कहा था कि उसने अली अल सलेम एयर बेस पर तैनात सी-रैम (C-RAM) प्रारंभिक चेतावनी रडार और अमेरिकी सैनिकों के एक जमावड़े को निशाना बनाया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
10:00 AM, 16-Jul-2026
ईरान में तेहरान ने राजदूत को किया तलब
ब्रिटेन द्वारा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को यूके काउंटरिंग स्टेट थ्रेट्स एक्ट के तहत सुरक्षा खतरे के रूप में सूचीबद्ध किए जाने के बाद ईरान ने बुधवार को तेहरान में ब्रिटेन के राजदूत को तलब किया। ईरानी विदेश मंत्रालय ने तस्नीम समाचार एजेंसी के माध्यम से जारी बयान में कहा कि ब्रिटेन का यह कदम "बिना जवाब के नहीं छोड़ा जाएगा।" यह घटनाक्रम उस कार्रवाई के एक दिन बाद सामने आया है, जब ब्रिटेन ने लंदन में ईरान के कार्यवाहक राजदूत अली नसीमफर को तलब किया था। ब्रिटिश सरकार का आरोप है कि हाल के महीनों में ईरान ने यूरोप में हमलों को अंजाम देने के लिए अपने प्रॉक्सी समूहों का इस्तेमाल किया है। इसी आधार पर ब्रिटेन ने सोमवार को नए कानूनी प्रावधानों के तहत आईआरजीसी और उससे जुड़े एक संगठन को सुरक्षा खतरा घोषित किया। इन नए प्रावधानों का उद्देश्य विदेशी देशों को निगरानी, तोड़फोड़ और अन्य गुप्त गतिविधियों के लिए प्रॉक्सी संगठनों के इस्तेमाल से रोकना है।
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09:51 AM, 16-Jul-2026
ईरान ने सक्रिय किया एयर डिफेंस
ईरान में संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है। राजधानी तेहरान के ऊपर एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं, जबकि राजधानी के पास स्थित पकदश्त और परचिन से भी इसी तरह की गतिविधियों की खबरें सामने आई हैं। पूर्वी ईरान के सेमनान में हवाई हमलों में एयरपोर्ट के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचने की सूचना है, वहीं खोर्रमाबाद में भी कई विस्फोटों की खबर है। मध्य ईरान के मरकजी प्रांत के खोंदाब में भी नए हमले हुए हैं। यह इलाका इसलिए महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यहां ईरान की प्रमुख हेवी-वॉटर परमाणु सुविधा स्थित है और इससे पहले भी यह निशाने पर रह चुका है। दक्षिण-पश्चिमी ईरान के खुज़ेस्तान प्रांत में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अंदीमेश्क के ऊपर अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया है। ये घटनाक्रम ईरान के दक्षिणी तट पर कथित अमेरिकी हमलों के बाद सामने आए हैं। किश द्वीप, बंदर अब्बास बंदरगाह, होर्मुज़ जलडमरूमध्य के सामने स्थित सीरिक और दक्षिण-पूर्वी शहर कोनारक में भी धमाकों और हमलों की खबरें हैं। इस बीच ईरान ने कहा है कि उसकी जवाबी सैन्य कार्रवाई लगातार जारी है। आईआरजीसी के एक प्रवक्ता ने दावा किया कि फिलहाल क्षेत्र में अमेरिकी आक्रामक सैन्य ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है और अभियान के अगले चरण भी शुरू किए जा सकते हैं। आईआरजीसी ने यह भी दावा किया है कि उसने क्षेत्र में मौजूद कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं।
09:48 AM, 16-Jul-2026
होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग लगभग ठप
समुद्री व्यापार से जुड़ी प्रतिष्ठित पत्रिका लॉयड्स लिस्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़े सैन्य तनाव के बीच होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाला जहाजी यातायात लगभग ठप हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि गैर-ईरानी जहाज़ों की आवाजाही लगभग पूरी तरह गायब हो चुकी है और जो जहाज़ अब भी इस संवेदनशील समुद्री मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे हैं, वे अपनी लोकेशन बताने वाले ट्रांसपोंडर बंद रखकर 'डार्क ट्रांजिट' के जरिए यात्रा कर रहे हैं, ताकि उनकी स्थिति का पता न चल सके। लॉयड्स लिस्ट का यह भी कहना है कि होर्मुज़ में बढ़ते इस नए गतिरोध ने अमेरिका समर्थित इराक–सीरिया किर्कुक–बानियास पाइपलाइन परियोजना को दोबारा सक्रिय करने की योजनाओं को और गति दे दी है, ताकि ऊर्जा आपूर्ति के लिए होर्मुज़ पर निर्भरता कम की जा सके।
09:46 AM, 16-Jul-2026
एरबिल में ड्रोन हमलों पर इराक की कड़ी प्रतिक्रिया
इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने कुर्दिस्तान क्षेत्र के एरबिल शहर में हुए ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में उन्होंने कहा कि इराक इस तरह के हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करता है और देश की स्थिरता तथा सुरक्षा को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों को कुर्द क्षेत्रीय बलों के साथ समन्वय बढ़ाकर ऐसे हमलों को रोकने के निर्देश दिए गए हैं। यह बयान एरबिल पुलिस की उस जानकारी के बाद आया, जिसमें बताया गया कि शहर में पांच ड्रोन हमले हुए। पुलिस के अनुसार, इनमें से एक ड्रोन को अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (यूएस कॉन्सुलेट) के पास मार गिराया गया, जिससे वहां आग लग गई और मिशन की एयर डिफेंस प्रणाली सक्रिय हो गई। वहीं, दो अन्य ड्रोन शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे के पास जाकर गिर गए।
09:39 AM, 16-Jul-2026