West Asia Live: ट्रंप के पास दो ही विकल्प, ईरान के साथ समझौता करें या फिर युद्ध; आईआरजीसी का बड़ा दावा
Israel Iran US Conflict Live Updates: पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से शुरू हुई जंग फिलहाल युद्ध विराम की छांव में है। पर्दे के पीछे से अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत के प्रयास किए जा रहे हैं। इस बीच ईरान के जंजन शहर के पास बम फटने से रिवोल्यूशनरी गार्ड के 14 सदस्यों की मौत हो गई। ये बम युद्ध के समय के थे जो उस वक्त नहीं फटे थे। सात अप्रैल को हुए युद्ध विराम के बाद यह सबसे बड़ा हादसा है। अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जुड़े तमाम पल-पल अपडेट्स...
लाइव अपडेट
इस्राइली सेना ने दो हिजबुल्ला लड़ाकों को किया ढेर
इस्राइली सेना ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान में दो हिजबुल्लाह लड़ाकों को मार गिराया है। सेना के अनुसार, इलाके की कुछ इमारतों के अंदर इन लड़ाकों की पहचान की गई थी, जो इस्राइली सैनिकों के लिए एक आसन्न खतरा बने हुए थे। इसके बाद एक हमले में उन्हें ढेर कर दिया गया। हालांकि, अल जजीरा स्वतंत्र रूप से सेना के इस दावे की पुष्टि नहीं कर सका है। इस बीच, इस्राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के उन गांवों के लिए विस्थापन के नए आदेश जारी किए हैं, जो उसके कब्जे वाले क्षेत्र से बाहर आते हैं। गौर करने वाली बात यह है कि विस्थापन के ये नए आदेश ऐसे समय में जारी किए गए हैं, जब लेबनान के साथ हिजबुल्लाह के संघर्ष को रोकने के उद्देश्य से एक संघर्ष विराम पहले से ही लागू है।सैन्य बढ़त बनाए रखने के लिए इस्राइल खरीदेगा नए फाइटर जेट्स
इस्राइल ने अपनी वायु सेना को और अधिक ताकतवर बनाने के लिए लॉकहीड मार्टिन से नया F-35 स्क्वाड्रन और बोइंग से F-15IA फाइटर जेट्स खरीदने का फैसला किया है। इस्राइल की 'मिनिस्ट्रियल कमेटी ऑन प्रोक्योरमेंट' ने इस बड़े सौदे को मंजूरी दे दी है। यह कदम इस्राइल की 119 अरब डॉलर की उस विशाल योजना का पहला हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी सैन्य ताकत को बढ़ाना है। समिति के अनुसार, ये नए स्क्वाड्रन सैन्य विकास की नींव बनेंगे, जिससे क्षेत्रीय खतरों से निपटने और सामरिक हवाई श्रेष्ठता को बनाए रखने में मदद मिलेगी। रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक अमीर बारम ने कहा कि तत्काल युद्ध की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ अगले 10 वर्षों के लिए सैन्य बढ़त सुरक्षित करना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ हुए युद्ध ने अमेरिका-इस्राइल के रणनीतिक संबंधों और उन्नत वायु शक्ति की अहमियत को और पुख्ता कर दिया है।ट्रंप के पास दो ही विकल्प, ईरान के साथ समझौता करें या फिर युद्ध; आईआरजीसी का बड़ा दावा
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की खुफिया इकाई ने दावा किया है कि अमेरिका के लिए निर्णय लेने की गुंजाइश अब बेहद कम हो गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में एजेंसी ने कहा कि ट्रंप को अब एक 'असंभव सैन्य अभियान' या फिर इस्लामिक गणराज्य ईरान के साथ एक 'खराब समझौते' में से किसी एक को चुनना होगा।एजेंसी ने बताया कि तेहरान ने अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म करने के लिए एक समयसीमा तय कर दी है, हालांकि अभी इस तारीख का खुलासा नहीं किया गया है। आईआरजीसी के अनुसार, वाशिंगटन के खिलाफ चीन, रूस और यूरोप के रुख में भी बदलाव देखने को मिला है। एजेंसी का मानना है कि इन सभी घटनाक्रमों को देखते हुए अमेरिका के पास अब फैसले लेने के लिए बहुत ही सीमित और मुश्किल विकल्प बचे हैं।
पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ा
- लेबनान में इस्राइली हमलों में अब तक 2,659 लोगों की मौत और 8,183 घायल होने की पुष्टि स्वास्थ्य मंत्रालय ने की है।
- ईरान की संसद में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर नया कानून तैयार किया जा रहा है, जिसमें इस्राइली जहाजों पर प्रतिबंध का प्रस्ताव है।
- अमेरिका ने अब तक ईरानी बंदरगाहों से जुड़े 48 जहाजों को मार्ग से हटाने की बात कही है।
- कतर के प्रधानमंत्री और ईरान के विदेश मंत्री के बीच युद्ध समाप्ति को लेकर वार्ता की स्थिति पर चर्चा हुई।
- गाजा में पिछले 24 घंटों में 7 लोगों की मौत हुई है, जबकि अक्टूबर 2023 से अब तक कुल 72,608 मौतें दर्ज की गई हैं।
- दक्षिण लेबनान में चोकाइन इलाके में हुए हवाई हमलों में 3 लोगों की मौत हुई है।
- हिजबुल्ला ने दक्षिण लेबनान के अल-क़ंतराह क्षेत्र में इज़राइली सैनिकों पर हमले का दावा किया है।
- अमेरिकी नेतृत्व वाली सीजफायर निगरानी समिति और लेबनानी सेना के बीच सुरक्षा बैठक भी हुई है।
अमेरिका का बड़ा फैसला: जर्मनी से सैनिकों की वापसी
अमेरिका ने जर्मनी में तैनात अपने लगभग 5,000 सैनिकों को वापस बुलाने का निर्णय लिया है। इस कदम के बाद जर्मनी अपनी सुरक्षा में अमेरिका पर निर्भरता को लेकर दोबारा विचार कर रहा है। इस फैसले के साथ-साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूरोपीय संघ (EU) में बनी कारों पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी से जर्मनी को हर साल करीब 15 अरब डॉलर तक का नुकसान हो सकता है। इससे यूरोप की आर्थिक और रक्षा रणनीति पर भी असर पड़ने की आशंका है।
अमेरिका का बड़ा फैसला: जर्मनी से सैनिकों की वापसी
अमेरिका ने जर्मनी में तैनात अपने लगभग 5,000 सैनिकों को वापस बुलाने का निर्णय लिया है। इस कदम के बाद जर्मनी अपनी सुरक्षा में अमेरिका पर निर्भरता को लेकर दोबारा विचार कर रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, इस फैसले के साथ-साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूरोपीय संघ (EU) में बनी कारों पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी से जर्मनी को हर साल करीब 15 अरब डॉलर तक का नुकसान हो सकता है। इससे यूरोप की आर्थिक और रक्षा रणनीति पर भी असर पड़ने की आशंका है।
