सब्सक्राइब करें

Live

West Asia LIVE: तेहरान के 14-सूत्रीय प्रस्ताव पर आया US का जवाब, ईरान कर रहा अमेरिकी प्रतिक्रिया की समीक्षा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: अमन तिवारी Updated Mon, 04 May 2026 11:52 AM IST
विज्ञापन
खास बातें

पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से शुरू हुई जंग फिलहाल युद्धविराम की छांव में है। पर्दे के पीछे से अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत के प्रयास किए जा रहे हैं। इस बीच ईरान ने अपने 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव पर अमेरिका से मिले जवाब की समीक्षा शुरू कर दी है। तेहरान का कहना है कि यह योजना केवल युद्ध खत्म करने के लिए है। पश्चिम एशिया संघर्ष से जुड़े सभी अपडेट्स यहां पढ़िए...

west asia live updates us iran ceasefire strait of hormuz Islamabad talks trump israel lebanon news in hindi
पश्चिम एशिया संकट - फोटो : @अमर उजाला
विज्ञापन
Trending Videos

लाइव अपडेट

11:46 AM, 04-May-2026

सीजफायर के बाद भी सुलह दूर, ईरान के 14-पॉइंट प्लान पर अमेरिका का जवाब

ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते के सीजफायर के बाद सुलह को लेकर अब तक कोई बात नहीं बन पाई है। इस बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका ने युद्ध खत्म करने के लिए ईरान के 14-पॉइंट वाले प्रस्तावित प्लान पर जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सरकारी आईआरआईबी टीवी को दिए एक इंटरव्यू में इसकी जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अमेरिकी की तरफ से दिए गए जवाब की समीक्षा की जा रही है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान का प्लान सिर्फ युद्ध खत्म करने पर फोकस है और इसमें न्यूक्लियर फील्ड की डिटेल्स से जुड़ी कोई बात नहीं है। बघाई ने आगे कहा कि अभी, हम लेबनान समेत इस इलाके में युद्ध खत्म करने से जुड़े पैरामीटर्स पर फोकस कर रहे हैं। इस स्टेज पर न्यूक्लियर को लेकर हमारी कोई बातचीत नहीं है। जबकि, अमेरिका का मुख्य मुद्दा ही न्यूक्लियर है।

ईरान ने बार-बार इस बात से इनकार किया है कि वह न्यूक्लियर बम बनाने की कोशिश कर रहा है। ईरान का कहना है कि उसका प्रोग्राम सिर्फ शांतिपूर्ण कामों के लिए है, हालांकि यह देश अकेला ऐसा देश है जिसके पास न्यूक्लियर हथियार नहीं हैं और जिसने यूरेनियम को हथियार-ग्रेड लेवल के करीब संवर्धन किया है।
08:58 AM, 04-May-2026

होर्मुज जलडमरूमध्य में फिर हमला, कुछ ही घंटों में दो जहाज बने निशाना

पश्चिम एशिया के संवेदनशील समुद्री क्षेत्र होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों की घटनाएं तेज हो गई हैं। सोमवार को ब्रिटिश सैन्य एजेंसी ने जानकारी दी कि कुछ ही घंटों के अंतराल में दो जहाजों को निशाना बनाया गया है, जिससे क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव और बढ़ गया है।

ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के मुताबिक, रविवार देर रात करीब 11:40 बजे संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा तट के पास एक तेल टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया।

एजेंसी ने बताया कि हमले के बावजूद जहाज के सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं और किसी तरह का पर्यावरणीय नुकसान भी नहीं हुआ है। हालांकि, हमले के तरीके और हमलावरों की पहचान को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। इससे पहले रविवार को भी इसी जलडमरूमध्य में एक अन्य जहाज पर हमला हुआ था। लगातार हो रही इन घटनाओं ने ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को और गंभीर बना दिया है।
05:36 AM, 04-May-2026

सेना हटाने के फैसले के बीच जर्मन चांसलर का बयान, अमेरिका को बताया अहम साथी

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने अमेरिका को अपना सबसे महत्वपूर्ण साथी बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि उत्तरी अटलांटिक गठबंधन (NATO) में अमेरिका जर्मनी का सबसे खास पार्टनर है। चांसलर का यह बयान तब आया है जब अमेरिका ने जर्मनी से अपने 5,000 सैनिकों को हटाने का फैसला किया है। पेंटागन ने हाल ही में जानकारी दी थी कि रक्षा सचिव हेगसेथ ने सैनिकों की संख्या कम करने का आदेश दिया है। इस कदम को बर्लिन के लिए एक झटके के रूप में देखा जा रहा है। दोनों देशों के बीच ईरान युद्ध को लेकर काफी तनाव चल रहा है। इससे पहले चांसलर मर्ज और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच तीखी बहस हुई थी। मर्ज ने आरोप लगाया था कि ईरान शांति वार्ता में अमेरिका को अपमानित कर रहा है। इस बयान के तुरंत बाद ट्रंप ने सैनिकों की संख्या घटाने की धमकी दी थी। अब चांसलर मर्ज ने सुलह वाला रुख अपनाया है।
03:15 AM, 04-May-2026

West Asia LIVE: तेहरान के 14-सूत्रीय प्रस्ताव पर आया US का जवाब, ईरान कर रहा अमेरिकी प्रतिक्रिया की समीक्षा

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने रविवार को बताया कि तेहरान को अपने प्रस्ताव पर वॉशिंगटन का जवाब मिल गया है। यह संदेश पाकिस्तान के माध्यम से ईरान तक पहुंचा है। बघाई ने कहा कि ईरान इस समय अमेरिकी नजरिए की समीक्षा कर रहा है। पूरी प्रक्रिया खत्म होने के बाद ईरान अपनी प्रतिक्रिया देगा। बघाई ने जोर देकर कहा कि ईरान का '14 सूत्रीय प्रस्ताव' केवल क्षेत्र में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए है। इसमें परमाणु मुद्दे से जुड़ी कोई बात शामिल नहीं है। उन्होंने बताया कि इस समय उनका पूरा ध्यान लेबनान सहित पूरे क्षेत्र में लड़ाई रोकने पर है। उन्होंने उन खबरों को भी गलत बताया जिनमें कहा गया था कि प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य से बारूदी सुरंगें हटाने की बात है।

ईरान ने किसी भी दबाव या समय सीमा के तहत बातचीत करने से साफ इनकार कर दिया है। तेहरान चाहता है कि सभी मुद्दों का समाधान 30 दिनों के भीतर हो, जबकि अमेरिका ने दो महीने के संघर्षविराम का सुझाव दिया था। ईरान की मुख्य मांगों में उसकी जमी हुई संपत्ति को मुक्त करना, प्रतिबंध हटाना और क्षेत्र से अमेरिकी सेना की वापसी शामिल है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि अब गेंद अमेरिका के पाले में है। उसे कूटनीति या टकराव में से एक रास्ता चुनना होगा। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह इस योजना की समीक्षा करेंगे, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि यह स्वीकार करने लायक होगी। ट्रंप ने चेतावनी दी कि सैन्य विकल्प अभी भी खुले हैं। उन्होंने कहा कि ईरान ऐसी चीजें मांग रहा है जिन्हें वह मान नहीं सकते।
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed