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West Asia Crisis LIVE: 'मध्यस्थ को एक तरफ नहीं झुकना चाहिए', ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता पर उठाए सवाल
पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से शुरू हुई जंग फिलहाल युद्धविराम की छांव में है। पर्दे के पीछे से अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी बीच ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान में तमाम नेताओं से मुलाकात के बाद रूस के लिए रवाना हो गया है। पश्चिम एशिया संघर्ष से जुड़े सभी अपडेट्स यहां पढ़िए...
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ओमान के सुल्तान से ईरान के विदेश मंत्री अराघची की मुलाकात
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची पाकिस्तान के दौरे के बाद ओमान पहुंचे। अराघची ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल और विदेश मंत्री सैय्यद बदर बिन हमद अल बुसैदी से मुलाकात की। इसके बाद अब ईरानी विदेश मंत्री रूस के लिए रवाना हो गए। अराघची ने ओमान के नेतृत्व से होर्मुज संकट को लेकर भी चर्चा की। रूस की सरकारी मीडिया ने बताया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सोमवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मिलने की योजना बना रहे हैं। रूस और तेहरान पर पश्चिमी देशों के कड़े प्रतिबंध लगे हैं।अराघची ने ओमान के सुल्तान से मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कर लिखा, 'ओमान में हमारे मेजबान का शुक्रिया। दोनों देशों के मामलों और इलाके के डेवलपमेंट पर जरूरी बातचीत हुई। होर्मुज स्ट्रेट के तटीय देश होने के नाते, हमारा ध्यान सुरक्षित ट्रांजिट सुनिश्चित करने के तरीकों पर था, जिससे सभी प्यारे पड़ोसियों और दुनिया को फायदा हो। हमारे पड़ोसी हमारी प्राथमिकता हैं।'
इसके अलावा, ओमान के विदेश मंत्री ने अराघची से मुलाकात को लेकर लिखा, 'ईरान के विदेश मंत्री डॉ. अराघची के साथ होर्मुज स्ट्रेट पर अच्छी चर्चा हुई। तटीय देशों के तौर पर, हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रति अपनी साझा जिम्मेदारी और बहुत लंबे समय से बंधक बनाए गए नाविकों को रिहा करने की तत्काल मानवीय जरूरत को समझते हैं। नेविगेशन की स्थायी आजादी सुनिश्चित करने के लिए बहुत ज्यादा डिप्लोमेसी और प्रैक्टिकल समाधानों की जरूरत है।'
बता दें, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब भी जारी है। हालांकि, सीजफायर को लेकर बातचीत की कवायद तेज है, लेकिन ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की सीधी बातचीत से सीधा इनकार कर दिया है। ऐसे में पाकिस्तान की मध्यस्थता में ये बातचीत हो रही है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची पाकिस्तान समेत तीन देशों की यात्रा पर निकले हुए हैं। पाकिस्तान के बाद वह ओमान पहुंचे और अब रूस में उनकी यात्रा का आखिरी पड़ाव है।
ईरान ने होर्मुज को फिर से खोलने और लड़ाई खत्म करने के लिए अमेरिका को दिया नया प्रस्ताव
ईरान ने अमेरिका को होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और युद्ध खत्म करने का एक नया प्रस्ताव दिया है। हालांकि इस नए प्रस्ताव में परमाणु मुद्दे का कोई जिक्र नहीं हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक इस मुद्दे को बातचीत को अगले चरण के लिए टाल दिया गया है। इस रिपोर्ट में एक अमेरिकी अधिकारी और मामले से जुड़े दो सूत्रों का हवाला दिया गया है। अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस के मुताबिक, इस प्रस्ताव का मकसद बातचीत में मौजूदा रुकावट को खत्म करना और ईरानी नेतृत्व के अंदर न्यूक्लियर रियायतों के दायरे को लेकर चल रही असहमति को बाईपास करना है।रिपोर्ट में कहा गया है, 'यदि ब्लॉकेड को हटाया जाता है और हमले पूरी तरह से खत्म हो जाते हैं तो यूरेनियम संवर्धन के स्टॉक को हटाने और भविष्य में संवर्धन रोकने को लेकर ईरान के साथ किसी भी बातचीत में राष्ट्रपति ट्रंप का असर खत्म हो जाएगा। ट्रंप का ईरान पर हमला करने का यही मकसद रहा है।' इस बीच, तीन अमेरिकी अधिकारियों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति सोमवार को अपनी शीर्ष राष्ट्रीय और विदेश नीति टीम के साथ लड़ाई पर सिचुएशन रूम मीटिंग कर सकते हैं।
सूत्रों ने एक्सियोस को बताया कि ट्रंप की टीम बातचीत में रुकावट और अगले संभावित कदमों पर चर्चा करेगी। रविवार को फॉक्स न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में ट्रंप ने संकेत दिया था कि वह ईरान के तेल एक्सपोर्ट को रोकने के लिए नेवल ब्लॉकेड जारी रखना चाहते हैं, जिसका मकसद आने वाले समय में तेहरान को हार मानने पर मजबूर करना है। ट्रंप के फॉक्स न्यूज के साथ इंटरव्यू के हवाले से कहा गया, 'जब आपके सिस्टम से बहुत ज्यादा तेल बह रहा हो और अगर किसी वजह से सप्लाई लाइन बंद हो जाती है और तेल को कंटेनरों या जहाजों में नहीं भरा जा सकता तो ज्यादा दबाव के कारण पाइपलाइन अंदर से फट सकती हैं। ऐसी स्थिति बनने में केवल तीन दिन लग सकते हैं।'
'मध्यस्थ को एक तरफ नहीं झुकना चाहिए', ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता पर उठाए सवाल
ईरान और अमेरिका के मध्य तनाव कम करने के उद्देश्य से पाकिस्तान की मध्यस्थता में युद्धविराम (सीजफायर) को लेकर वार्ता धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। इस दीर्घकालिक गतिरोध को समाप्त करने के लिए पाकिस्तान ने स्वयं को एक मध्यस्थ के रूप में प्रस्तुत किया है। पाकिस्तान इस राजनयिक पहल के माध्यम से न केवल अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि को सुधारने का प्रयास कर रहा है, बल्कि उसे इस प्रक्रिया के बदले आर्थिक सहायता मिलने की भी प्रबल संभावना है। हालांकि, इन प्रयासों के बीच ईरान के भीतर पाकिस्तान की भूमिका को लेकर विश्वसनीयता का संकट स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। ईरान के सांसद और 'राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति आयोग' के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने भी पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए उसकी निष्पक्षता पर संदेह व्यक्त किया है।रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'पाकिस्तान हमारा अच्छा दोस्त और पड़ोसी है, लेकिन वह बातचीत के लिए सही मध्यस्थ नहीं है और उसमें मध्यस्थता के लिए जरूरी विश्वसनीयता नहीं है। वे हमेशा ट्रंप के फायदों का ध्यान रखते हैं और अमेरिकियों की मर्जी के खिलाफ एक शब्द भी नहीं कहते।'
ईरानी नेता ने आगे कहा, 'उदाहरण के लिए, वे दुनिया को यह बताने को तैयार नहीं हैं कि अमेरिका ने पहले पाकिस्तान का प्रस्ताव मान लिया था लेकिन फिर अपनी बात से मुकर गया। वे यह नहीं कहते कि लेबनान या ब्लॉक किए गए एसेट्स के मुद्दे पर अमेरिकियों ने कमिटमेंट किए थे लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया। एक मीडिएटर को बिना किसी भेदभाव के होना चाहिए, हमेशा एक तरफ नहीं झुकना चाहिए।" पाकिस्तान का झुकाव इस स्थिति में अमेरिकी की तरफ साफ जाहिर है। इसका ताजा उदाहरण तब देखने को मिला, जब दोनों देशों के बीच दो हफ्ते के लिए सीजफायर की घोषणा की गई थी। पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ के एक्स हैंडल पर जो पोस्ट किया गया, उसमें लिखा था, 'ड्राफ्ट- एक्स पर पाकिस्तान के पीएम का मैसेज।'
हालांकि इस पोस्ट को एडिट कर दिया गया था, लेकिन एडिटेड हिस्ट्री से इसका खुलासा हो गया। इससे एक बात साफ हो गई थी कि पाकिस्तान के पीएम के एक्स हैंडल पर जो भी पोस्ट किया गया, उसमें शब्द किसी और के थे, बस आवाज पाकिस्तानी पीएम की थी। इस पोस्ट के बाद ये अटकलें और तेज हो गई कि पाकिस्तान अमेरिका के इशारे पर मध्यस्थता का काम कर रहा है।
हिजबुल्ला का दावा- इस्राइली सैनिकों को बनाया निशाना
लेबनान के हथियारबंद समूह हिजबुल्ला ने इस्राइली सैनिकों और इस्राइली सेना के वाहनों को निशाना बनाने का दावा किया है। हिजबुल्ला ने कहा कि दक्षिणी लेबनान के बाहरी इलाके तेल अल नहास में इस्राइली सैनिकों को निशाना बनाया गया। हालांकि अभी तक इस्राइली सेना की तरफ से इसे लेकर कोई बयान जारी नहीं किया गया है।ईरान के हमलों के बीच यूएई ने मांगी थी इस्राइल की मदद, रिपोर्ट में दावा
ईरान इस्राइल युद्ध के बीच संयुक्त अरब अमीरात ने इस्राइल से मदद मांगी थी। एक्सियोस की रिपोर्ट में इस्राइली और अमेरिकी सूत्रों के हवाले से ये दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात की अपील पर इस्राइल ने अपना आयरन डोम एयर डिफेंस सिस्टम यूएई की मदद के लिए भेजा था। इतना ही नहीं आयरन डोम एयर डिफेंस सिस्टम संचालित करने के लिए इस्राइली सैनिक भी भेजे गए थे। इस्राइली आयरन डोम ने ईरान की तरफ से दागी गई अधिकतर मिसाइलों और रॉकेट को इंटरसेप्ट कर लिया था, लेकिन कुछ रॉकेट और मिसाइल रिहाइशी इलाकों में गिरे।रिपोर्ट में कहा गया है कि यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद ने इस्राइली पीएम नेतन्याहू को फोन कर मदद मांगी थी। इसके बाद नेतन्याहू ने इस्राइली सेना को आयरन डोम बैट्री और इंटरसेप्टर्स यूएई भेजने का आदेश दिया था।
ईरानी विदेश मंत्री रूस के लिए हुए रवाना
एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रविवार को इस्लामाबाद से रूस की राजधानी मॉस्को के लिए रवाना हो गए। इससे पहले उन्होंने ओमान का दौरा किया था। दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रोकने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूतों का पाकिस्तान दौरा अचानक रद्द कर दिया। ट्रंप ने कहा कि ईरान ने शांति के लिए कोई ठोस प्रस्ताव नहीं दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अगर ईरान बात करना चाहता है, तो उसे बस फोन करने की जरूरत है। ट्रंप ने बताया कि ईरान ने बहुत कुछ देने का वादा किया, लेकिन वह काफी नहीं था। दिलचस्प बात यह है कि दौरा रद्द होने के 10 मिनट के भीतर ही ईरान ने एक नया और बेहतर प्रस्ताव भेजा। ट्रंप ने साफ कर दिया कि किसी भी समझौते के लिए ईरान को यह गारंटी देनी होगी कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।मस्कट में ईरानी विदेश मंत्री और ओमान के सुल्तान ने सुरक्षित पारगमन और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा की
पश्चिम एशिया मे जारी तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मस्कट में ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ उच्च स्तरीय वार्ता की। इसमें अमेरिका और इस्राइल के साथ चल रहे युद्ध के बीच सुरक्षित समुद्री पारगमन सुनिश्चित करने के लिए होर्मुज तटवर्ती देशों के बीच सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया।Appreciative of my gracious hosts in Oman.
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) April 26, 2026
Important discussions on bilateral matters and regional developments. As only Hormuz littoral states, our focus included ways to ensure safe transit that is to benefit of all dear neighbors and the world.
Our neighbors are our priority pic.twitter.com/QffTsjCWgW
आईडीएफ ने ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के 'हथियार भंडारण केंद्रों' पर हमला किया
इस्राइल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के 'हथियार भंडारण केंद्रों' पर हमला कियाצה"ל תקף חוליות שיגור ומחסני אמצעי לחימה של ארגון הטרור חיזבאללה
— צבא ההגנה לישראל (@idfonline) April 26, 2026
מוקדם יותר היום, צה"ל תקף מהאוויר ובירי ארטילרי, מחבלים ותשתיות צבאיות ששימשו את ארגון הטרור חיזבאללה לקידום מתווי טרור נגד כוחות צה"ל ומדינת ישראל, צפונית לקו ההגנה הקדמי.
בין התשתיות שהותקפו: חוליות שיגור שקידמו… pic.twitter.com/zV95M8xQRR
कतर के प्रधानमंत्री और सऊदी के विदेश मंत्री ने फोन पर की बात
कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जासिम अल-थानी ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान बिन अब्दुल्ला अल सऊद से फोन पर बात की। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने क्षेत्रीय घटनाक्रमों, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच हुए संघर्ष विराम (ceasefire) की समीक्षा की।दोनों पक्षों ने क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए तनाव कम करने के प्रयासों पर विचार किया। कतर के प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि सभी पक्षों को मध्यस्थता की कोशिशों का सकारात्मक जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीकों और बातचीत से संकट की असली वजहों को सुलझाना जरूरी है। इससे एक टिकाऊ समझौता हो सकेगा जो भविष्य में दोबारा तनाव बढ़ने से रोकेगा।
Prime Minister and Foreign Minister @MBA_AlThani_ Holds Phone Call with Saudi Foreign Minister @FaisalbinFarhan
— Ministry of Foreign Affairs - Qatar (@MofaQatar_EN) April 26, 2026
Doha | April 26, 2026
HE Prime Minister and Minister of Foreign Affairs Sheikh Mohammed bin Abdulrahman bin Jassim Al-Thani held a phone call with HH Minister of… pic.twitter.com/bBOzsweCzD

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