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अमेरिका-ईरान में शांति वार्ता क्यों नहीं: कहां अटकी है बात, क्या है नया प्रस्ताव; क्या चाहते हैं ट्रंप-मोजतबा?
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: Kirtivardhan Mishra
Updated Mon, 27 Apr 2026 04:11 PM IST
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सार
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर हालात लगातार गंभीर होते नजर आ रहे हैं। बातचीत को लेकर अनिश्चितता के बीच अब ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि स्थिति कभी भी टकराव में बदल सकती है। इस बीच ट्रंप की तरफ से ईरान के तेल के इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की धमकी दी जा चुकी है। इस पर ईरान ने भी पलटवार करते हुए कहा कि हमले में अमेरिका के मददगारों को चार गुना कीमत चुकानी होगी।
अमेरिका-ईरान में युद्ध विराम के बीच भी जुबानी जंग जारी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कभी हां, कभी न। वैसे तो यह एक फिल्म का भी नाम है, लेकिन मौजूदा समय में कुछ इसी तरह की स्थिति अमेरिका और ईरान में शुरू हुई शांति वार्ता को लेकर बनी हुई है। दरअसल, 8 अप्रैल को अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्ध विराम पर सहमति बन गई थी और इसके ठीक बाद दोनों ही देशों के शीर्ष प्रतिनिधि पाकिस्तान में साथ बैठे भी। लेकिन शांति वार्ता पर कोई सहमति नहीं बन पाई। तब से लेकर अब तक न तो दोनों पक्षों के बीच शांति वार्ता पर सीधी बात हुई है और न ही दोनों में से कोई पीछे हटने के लिए तैयार है।
एक मौके पर जब अमेरिका ने पुरानी शर्तों के साथ ईरान को शांति स्थापित करने का मौका दिया तो ईरान ने इसे स्वायत्तता पर सीधा हमला करार देते हुए नकार दिया था। इसके बाद जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोल कर शांति का संदेश दिया तो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया कि उनकी तरफ से होर्मुज के बाहर लगाया गया ब्लॉकेड तब तक नहीं हटेगा, जब तक ईरान अमेरिका की मांगों को पूरा नहीं करता।
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एक मौके पर जब अमेरिका ने पुरानी शर्तों के साथ ईरान को शांति स्थापित करने का मौका दिया तो ईरान ने इसे स्वायत्तता पर सीधा हमला करार देते हुए नकार दिया था। इसके बाद जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोल कर शांति का संदेश दिया तो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया कि उनकी तरफ से होर्मुज के बाहर लगाया गया ब्लॉकेड तब तक नहीं हटेगा, जब तक ईरान अमेरिका की मांगों को पूरा नहीं करता।
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ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम लागू होने के बावजूद अब तक शांति वार्ता पर बात कहां अटकी है? दोनों देशों की तरफ से अब तक एक-दूसरे को क्या प्रस्ताव दिए गए हैं? इन्हें लेकर इन पक्षों का रुख क्या रहा है? युद्ध विराम के बाद से अब तक शांति वार्ता की कितनी कोशिशें हो चुकी हैं और हर बार यह क्यों बातचीत की मेज तक नहीं पहुंच पाई हैं? आइये जानते हैं...
पहले जानें- अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध विराम के बाद से क्या-क्या हुआ?
8 अप्रैलअमेरिका और ईरान के बीच लगभग छह सप्ताह के हमलों के बाद 14 दिन का युद्ध विराम लागू हुआ।
11 अप्रैल
स्थायी समझौते के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिका और संसद के स्पीकर बाघेर गालिबाफ के नेतृत्व में ईरानी प्रतिनिधिमंडल के बीच पाकिस्तान में बातचीत हुई, लेकिन 21 घंटे की चर्चा के बाद यह बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई।
युद्ध विराम के एक हफ्ते बाद
ईरान और अमेरिका दोनों ने एक-दूसरे पर संघर्ष विराम के उल्लंघन का आरोप लगाया। होर्मुज बंदी के खिलाफ ट्रंप ने होर्मुज से जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी। दोनों देशों ने वाणिज्यिक जहाजों को पकड़ना और रोकना शुरू कर दिया।
21 अप्रैल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध विराम खत्म होने से ठीक पहले बिना ईरान से बातचीत के ही इसकी समयसीमा को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया।
24 अप्रैल
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने मध्यस्थता के लिए इस्लामाबाद का दौरा किया और पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की।
25 अप्रैल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध विराम खत्म होने से ठीक पहले बिना ईरान से बातचीत के ही इसकी समयसीमा को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया।
24 अप्रैल
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने मध्यस्थता के लिए इस्लामाबाद का दौरा किया और पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की।
25 अप्रैल
- डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से बातचीत के लिए इस्लामाबाद जाने वाले अपने वार्ताकारों (स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर) की यात्रा अचानक रद्द कर दी।
- अमेरिकी यात्रा रद्द होने के 10 मिनट के अंदर ही ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक नया शांति प्रस्ताव भेजा।
26 अप्रैल
27 अप्रैल
- ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका अब अपने प्रतिनिधि पाकिस्तान नहीं भेजेगा और अगर ईरान बात करना चाहता है, तो उसे टेलीफोन करना होगा।
- दूसरी तरफ ईरानी विदेश मंत्री अरागची ओमान में चर्चा करने के बाद फिर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे।
27 अप्रैल
- ईरानी विदेश मंत्री अरागची रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करने के लिए सेंट पीटर्सबर्ग (रूस) पहुंचे हैं।
- राष्ट्रपति ट्रंप अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ ईरान से युद्ध को लेकर सिचुएशन रूम में अहम बैठक करने वाले हैं।

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