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'शर्तें मानेगा अमेरिका, तभी खुलेगा होर्मुज': IRGC की चेतावनी; ओमान से समझौते के कितने करीब ईरान?
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Sun, 09 Aug 2026 07:45 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 09 Aug 2026 07:45 AM IST
खास बातें
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बना हुआ है। ईरान का कहना है कि अमेरिका जब सभी शर्तों को पूरी तरह मानेगा तभी होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जाएगा। वहीं, जहाजों की आवाजाही को लेकर ओमान के साथ ईरान के नए समझौते पर बातचीत अंतिम दौर में है। जानें ईरान की क्या शर्तें हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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07:37 AM, 09-Aug-2026
यमन ने लगाया हूती विद्रोहियों पर हमले का आरोप
यमनी सशस्त्र बलों ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों पर मारिब शहर में फिर से हमले करने का आरोप लगाया है। यमनी सेना के मुताबिक, इन हमलों में रिहायशी इलाकों और विस्थापित लोगों के रहने वाले शिविरों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया।अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, यमनी सशस्त्र बलों ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर जारी एक बयान में शनिवार को हुए हमलों के लिए ईरान समर्थित हूतियों को जिम्मेदार ठहराया। बयान में कहा गया कि हमलों का निशाना मारिब शहर, उसके इलाकों और घनी आबादी वाले उन शिविरों को बनाया गया, जहां स्थानीय लोग और विस्थापित लोग रह रहे हैं।
हमले में दो लोगों की मौत और 14 घायल
इसी बीच, राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के सदस्य मेजर जनरल सुल्तान बिन अली अल-अरादा ने मारिब में सुरक्षा और सैन्य समिति के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल सगीर बिन अजीज भी शामिल हुए। हूती विद्रोहियों के मिसाइल और ड्रोन हमलों में दो लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए। एक सैन्य सूत्र के हवाले से बयान में कहा गया कि इन हमलों का जवाब उचित समय और उचित जगह पर दिया जाएगा।
07:31 AM, 09-Aug-2026
'शर्तें मानेगा अमेरिका, तभी खुलेगा होर्मुज': IRGC की चेतावनी; ओमान से समझौते के कितने करीब ईरान?
इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने शनिवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा तभी खोला जाएगा, जब अमेरिका ईरान की शर्तों को 'पूरी तरह' स्वीकार करेगा। वहीं, तेहरान और ओमान ने कहा है कि वे इस अहम समुद्री मार्ग के लिए एक नए जहाजरानी प्रोटोकॉल पर समझौते के 'बहुत करीब' पहुंच गए हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के लिए एक अहम समुद्री मार्ग है।आईआरजीसी ने क्या कहा?
आईआरजीसी के प्रवक्ता सरदार मोहेबी ने कहा कि जलडमरूमध्य को दोबारा खोलना 'कुछ खास व्यवस्थाओं और शर्तों' पर निर्भर करेगा। उन्होंने बताया कि ये शर्तें ओमान के साथ चल रही बातचीत से अलग हैं। उनके अनुसार, जलडमरूमध्य तभी खोला जाएगा, जब अमेरिका ईरान की शर्तों को पूरी तरह स्वीकार करे और क्षेत्रीय बातचीत में दखल देना बंद करे।
यह बयान उस समय आया, जब ईरानी अधिकारियों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही के लिए नए प्रोटोकॉल और इस अहम समुद्री रास्ते को फिर से खोलने की शर्तों को लेकर ओमान के साथ बातचीत की।
अमेरिका के सामने ईरान ने क्या शर्तें रखीं?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान और ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही के लिए नई व्यवस्था पर समझौते तक पहुंचने के 'बहुत करीब' हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि जलडमरूमध्य को फिर से खोलने से पहले कुछ अतिरिक्त शर्तें पूरी करनी होंगी। इनमें अमेरिका की ओर से ईरान को मुआवजा दिया जाना भी शामिल है।
अल जजीरा के मुताबिक, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहम्मद बाघेर ज़ोलघद्र ने कई शर्तें बताईं। इनमें ईरान के खिलाफ अमेरिका की धमकियां बंद करना, फारस की खाड़ी के इस देश और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकना, नाकाबंदी में शामिल नौसेना और वायुसेना की ताकतों को वापस बुलाना, संघर्ष के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा देना, प्रतिबंध हटाना और ईरान की जब्त की गई संपत्तियों को फिर से जारी करना शामिल है।
ईरान के राष्ट्रपति ने क्या कहा?
इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शनिवार को कहा कि मौजूदा स्थिति 'समझौता करने का सबसे अच्छा समय' है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तेहरान ईरानी लोगों के अधिकारों से समझौता नहीं करेगा। एक्स पर एक पोस्ट में पेजेशकियन ने कहा कि ईरान की सरकार घरेलू क्षमताओं और जनता पर भरोसा करती रहेगी। उन्होंने नागरिकों के प्रति संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाने की जरूरत पर भी जोर दिया।