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MP News: इलाज में देरी या लापरवाही? जुड़वा बच्चियों की मौत के बाद जिला अस्पताल में तनाव, भारी विरोध प्रदर्शन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगर मालवा
Published by: Ashutosh Pratap Singh
Updated Wed, 29 Apr 2026 01:14 PM IST
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सार
आगर मालवा जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान जुड़वा नवजात बच्चियों की मौत के बाद हंगामा मच गया। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर इलाज में देरी और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि समय पर जांच और उपचार नहीं मिलने से दोनों बच्चियों की जान चली गई।
विरोध प्रदर्शन करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगर मालवा के जिला अस्पताल में मंगलवार को एक दर्दनाक घटना के बाद तनाव की स्थिति बन गई। प्रसव के दौरान जुड़वा नवजात बच्चियों की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार, आगर शहर की अर्जुन नगर कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय महिला को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल लाया गया था।
परिजनों का आरोप, इलाज में हुई देरी
परिजनों का कहना है कि अस्पताल पहुंचने के बाद ब्लड टेस्ट और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी की गई। उनका आरोप है कि जब प्रसव की स्थिति बनी, तब भी प्रसूता को समय पर ऑपरेशन थिएटर नहीं ले जाया गया। बाद में डॉक्टरों ने सामान्य डिलीवरी कराई, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और दोनों नवजात बच्चियों की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। उनके साथ बजरंग दल और अन्य सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता भी पहुंचे और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी की।
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जांच के आदेश, कार्रवाई का भरोसा
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. मनीष कुरील ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है और रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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परिजनों का आरोप, इलाज में हुई देरी
परिजनों का कहना है कि अस्पताल पहुंचने के बाद ब्लड टेस्ट और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी की गई। उनका आरोप है कि जब प्रसव की स्थिति बनी, तब भी प्रसूता को समय पर ऑपरेशन थिएटर नहीं ले जाया गया। बाद में डॉक्टरों ने सामान्य डिलीवरी कराई, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और दोनों नवजात बच्चियों की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। उनके साथ बजरंग दल और अन्य सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता भी पहुंचे और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी की।
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जांच के आदेश, कार्रवाई का भरोसा
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. मनीष कुरील ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है और रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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