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Anuppur News: कोतमा में गरीब परिवार को नहीं मिला वाहन, पांच घंटे इंतजार करता रहा 'शव'
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सार
शहडोल जिले के कोतमा नगर पालिका में शव वाहन न मिलने की वजह से मृतक के शव को पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा। आर्थिक रूप से कमजोर होने से निजी वाहन से शव ले जाने पर असमर्थ व्यक्ति को परिजन की मौत के बाद कई घंटे तक परेशानी उठानी पड़ी।
5 घंटे के बाद दूसरे नगर पालिका से पहुंचा शव वाहन
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विस्तार
अनूपपुर के कोतमा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शव वाहन न मिलने की वजह से एक मृतक के परिजनों को 5 घंटे तक अस्पताल के गेट पर शव के साथ इंतजार करना पड़ा। कोतमा नगर पालिका का शव वाहन पिछले कई दिनों से खराब है, जिससे इस प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास स्वयं का शव वाहन नहीं है, जिसके कारण नगर पालिका द्वारा संचालित वाहन का ही उपयोग किया जाता है।
बाड़ीखार निवासी कुंवर सिंह को उपचार के लिए सोमवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी बीमारी के चलते मृत्यु हो गई। मंगलवार सुबह सात बजे से परिजन शव को घर ले जाने के लिए शव वाहन की मांग करते रहे, लेकिन नगर पालिका का वाहन खराब होने की वजह से उपलब्ध नहीं हो पाया। अंततः करीब 11 बजे पसान नगर पालिका के द्वारा उपलब्ध करवाए गए शव वाहन से मृतक का शव घर ले जाया गया। इस बीच, मृतक के परिजनों को 5-6 घंटे तक इंतजार करना पड़ा, जिससे उनके दुख के साथ-साथ वाहन की चिंता भी बढ़ गई। शव वाहन की अनुपलब्धता ने परिजनों के दुख को और बढ़ा दिया है। मृतकों के परिजनों को अपमानजनक स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे सम्मान के साथ शव ले जाने की कमी महसूस हो रही है।
पहला नहीं है मामला
- मंगलवार को ही कोतमा निवासी राकेश गौतम की हृदयघात से मृत्यु हो गई। उनके परिजनों को भी निजी वाहन से शव को घर ले जाना पड़ा, क्योंकि शव वाहन उपलब्ध नहीं था।
- दो दिन पहले जोगी टोला में दो युवकों की डूबने से मौत हो गई थी। परिजनों को शव वाहन न मिलने के कारण निजी वाहन से शव को अस्पताल ले जाना पड़ा।
- जैतहरी थाना क्षेत्र में महिला की हत्या के बाद उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए कचरा गाड़ी में ले जाया गया था, जिससे आक्रोश फैल गया। बैगा समाज उत्थान समिति ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
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बाड़ीखार निवासी कुंवर सिंह को उपचार के लिए सोमवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी बीमारी के चलते मृत्यु हो गई। मंगलवार सुबह सात बजे से परिजन शव को घर ले जाने के लिए शव वाहन की मांग करते रहे, लेकिन नगर पालिका का वाहन खराब होने की वजह से उपलब्ध नहीं हो पाया। अंततः करीब 11 बजे पसान नगर पालिका के द्वारा उपलब्ध करवाए गए शव वाहन से मृतक का शव घर ले जाया गया। इस बीच, मृतक के परिजनों को 5-6 घंटे तक इंतजार करना पड़ा, जिससे उनके दुख के साथ-साथ वाहन की चिंता भी बढ़ गई। शव वाहन की अनुपलब्धता ने परिजनों के दुख को और बढ़ा दिया है। मृतकों के परिजनों को अपमानजनक स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे सम्मान के साथ शव ले जाने की कमी महसूस हो रही है।
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पहला नहीं है मामला
- मंगलवार को ही कोतमा निवासी राकेश गौतम की हृदयघात से मृत्यु हो गई। उनके परिजनों को भी निजी वाहन से शव को घर ले जाना पड़ा, क्योंकि शव वाहन उपलब्ध नहीं था।
- दो दिन पहले जोगी टोला में दो युवकों की डूबने से मौत हो गई थी। परिजनों को शव वाहन न मिलने के कारण निजी वाहन से शव को अस्पताल ले जाना पड़ा।
- जैतहरी थाना क्षेत्र में महिला की हत्या के बाद उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए कचरा गाड़ी में ले जाया गया था, जिससे आक्रोश फैल गया। बैगा समाज उत्थान समिति ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

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