सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Balaghat News ›   Balaghat News: Anti-Evasion Bureau raids two firms in GST case, one name linked to BJP district chief

Balaghat News: जीएसटी मामले में दो फर्मों पर एंटी इवेजन ब्यूरो का छापा, भाजपा जिलाध्यक्ष से जुड़ा है एक नाम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट Published by: बालाघाट ब्यूरो Updated Fri, 16 Jan 2026 10:18 PM IST
विज्ञापन
सार

गुरुवार देर रात जबलपुर एंटी इवेजन ब्यूरो ने एक साथ दो कंस्ट्रक्शन फर्मों पर छापा मारा। हर्ष कंस्ट्रक्शन का नाम पूर्व मंत्री एवं भाजपा जिलाध्यक्ष से जुड़ने के कारण यह कार्रवाई राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील मानी जा रही है।

Balaghat News: Anti-Evasion Bureau raids two firms in GST case, one name linked to BJP district chief
कार्रवाई करती टीम
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

जिले में गुरुवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब जबलपुर एंटी इवेजन ब्यूरो की दो टीमों ने एक साथ शहर की दो प्रमुख कंस्ट्रक्शन फर्मों पर दबिश दी। यह कार्रवाई हर्ष कंस्ट्रक्शन और वैनगंगा कंस्ट्रक्शन पर की गई, जहां जीएसटी से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।

Trending Videos


सूत्रों के मुताबिक हर्ष कंस्ट्रक्शन का नाम पूर्व मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान जिलाध्यक्ष रामकिशोर कावरे से जुड़ा बताया जा रहा है। इसी वजह से यह कार्रवाई राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील मानी जा रही है। वहीं वैनगंगा कंस्ट्रक्शन एक पार्टनरशिप फर्म है, जिसके वित्तीय लेनदेन और टैक्स रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


एंटी इवेजन ब्यूरो की टीमें देर रात तक दोनों फर्मों के कार्यालयों में मौजूद रहीं। इस दौरान कंप्यूटर सिस्टम, बिल बुक, जीएसटी रिटर्न, इनवॉइस और बैंक ट्रांजैक्शन से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। कुछ अहम दस्तावेजों की फोटोकॉपी और डिजिटल डेटा भी सुरक्षित किए जाने की जानकारी सामने आई है।

पूरी कार्रवाई का नेतृत्व अधिकारी रविंद्र सनोडिया और ब्रजेंद्र सिंह कर रहे हैं। दोनों अधिकारियों की सीधी निगरानी में दस्तावेजों की जांच की गई। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह निर्धारित प्रक्रिया के तहत हो रही है और फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

ये भी पढ़ें: महाभारत समागम का भव्य शुभारंभ: सीएम बोले- महाभारत केवल युद्ध नहीं बल्कि शांति का मार्ग दिखाने वाला महाकाव्य

जानकार सूत्रों का दावा है कि एंटी इवेजन ब्यूरो को टैक्स चोरी से जुड़े ठोस इनपुट मिलने के बाद ही यह कार्रवाई की गई। आशंका जताई जा रही है कि निर्माण कार्यों में खर्च दिखाने, फर्जी बिलिंग और इनपुट टैक्स क्रेडिट को लेकर अनियमितताएं हो सकती हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।

सत्ताधारी दल से जुड़े नेता की फर्म पर कार्रवाई होने से राजनीतिक गलियारों में भी हलचल है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि यह जांच सिर्फ बालाघाट तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि इससे जुड़े अन्य प्रोजेक्ट और फर्म भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।

अधिकारियों ने अब तक संभावित टैक्स चोरी की राशि को लेकर कोई आंकड़ा साझा नहीं किया है। उनका कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी और उसके बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो भारी जुर्माने के साथ-साथ आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की संभावना भी है। फिलहाल दोनों फर्मों पर अलग-अलग टीमों द्वारा जांच जारी है और पूरे मामले पर जिला प्रशासन से लेकर राज्य स्तर तक नजर बनी हुई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed