सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Balaghat News ›   MP News: Suspicious transactions worth Rs 15 lakh detected in 22 mule accounts in Balaghat.

MP News: बालाघाट में साइबर अपराध के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, 22 म्यूल खातों से 15 लाख का संदिग्ध लेनदेन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट Published by: बालाघाट ब्यूरो Updated Thu, 22 Jan 2026 11:54 AM IST
विज्ञापन
सार

बालाघाट पुलिस ने नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल के इनपुट पर साइबर ठगी से जुड़े 22 म्यूल बैंक खातों को सीज किया है। इन खातों से 15 लाख रुपये के लेनदेन का खुलासा हुआ। जांच में दो खाताधारकों की संलिप्तता पाई गई, जिन पर FIR की तैयारी है।

MP News: Suspicious transactions worth Rs 15 lakh detected in 22 mule accounts in Balaghat.
बालाघाट पुलिस दफ्तर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

जिले में साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल से प्राप्त इनपुट के आधार पर बालाघाट पुलिस ने 22 म्यूल बैंक खातों की पहचान की है, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में किया गया। इन खातों के जरिए करीब 15 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन होने की पुष्टि हुई है।
Trending Videos


पोर्टल अलर्ट के बाद त्वरित कार्रवाई
सीएसपी वैशाली सिंह कराहलिया ने बताया कि जैसे ही नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल से संदिग्ध खातों की जानकारी मिली, पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी 22 खातों को ब्लॉक और सीज कर दिया। इसके साथ ही संबंधित बैंक शाखाओं को पत्र लिखकर लेनदेन का पूरा विवरण मांगा गया। पुलिस जांच के दौरान सभी खाताधारकों को नोटिस जारी कर पूछताछ की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि लगभग 20 खाताधारक पूरी तरह निर्दोष हैं। उन्हें यह जानकारी ही नहीं थी कि उनके बैंक खाते साइबर अपराध में इस्तेमाल हो रहे हैं। वहीं, दो खाताधारकों के खिलाफ ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनसे यह स्पष्ट हुआ कि उन्हें संदिग्ध लेनदेन की जानकारी थी और इसके बावजूद उन्होंने खातों का इस्तेमाल होने दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


दो पर FIR की तैयारी
सीएसपी के अनुसार, जिन दो खाताधारकों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, उनके खिलाफ आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन दोनों का संबंध किसी संगठित साइबर गिरोह से तो नहीं है।

म्यूल अकाउंट क्या होते हैं?
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिन्हें साइबर अपराधी ठगी की रकम को ट्रांसफर करने, पैसों की असली पहचान छिपाने, डिजिटल ट्रेल तोड़ने के लिए इस्तेमाल करते हैं। कई बार खाताधारक लालच, कमीशन या अज्ञानता के कारण अपने खाते दूसरों को इस्तेमाल करने दे देते हैं।

ये भी पढ़ें- बसंत पंचमी और जुमे की नमाज के बीच धार के धैर्य की परीक्षा, इतिहास के कड़वे जख्म बढ़ा रहे चिंता

बालाघाट में पहली बार इतना बड़ा मामला
पुलिस के अनुसार, यह बालाघाट जिले का पहला मामला है, जिसमें नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के जरिए एक साथ इतनी बड़ी संख्या में म्यूल खातों का खुलासा हुआ है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फिलहाल खाताधारकों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम कहां से आई। किन पीड़ितों से पैसा निकाला गया और यह पैसा आगे किन खातों या राज्यों में ट्रांसफर हुआ, इसके लिए अन्य जिलों और साइबर सेल से भी समन्वय किया जा रहा है।

पुलिस की आम जनता से अपील
बालाघाट पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अपना बैंक खाता, एटीएम, ओटीपी या नेट बैंकिंग डिटेल किसी को न दें। कमीशन या आसान कमाई के लालच में खाता इस्तेमाल करने न दें। किसी भी साइबर ठगी की शिकायत तुरंत cybercrime.gov.in या 1930 हेल्पलाइन पर दर्ज कराएं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed