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Barwani News: नाबार्ड भोपाल से 14 करोड़ की धोखाधड़ी, तायल बंधुओं पर केस, सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बड़वानी Published by: बड़वानी ब्यूरो Updated Mon, 12 Jan 2026 08:19 AM IST
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सार

सीबीआई कोलकाता की आर्थिक अपराध शाखा ने नाबार्ड भोपाल से एग्रो क्लस्टर के नाम पर 13.99 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों ने फर्जी एग्रीमेंट कर लोन राशि की हेराफेरी की। परियोजना पूरी न होने पर खाता एनपीए घोषित हुआ।

Barwani News: Fraud of Rs 14 crore from NABARD Bhopal, case filed against Tayal brothers.
धोखाधड़ी के आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सीबीआई कोलकाता की आर्थिक अपराध शाखा ने नाबार्ड बैंक भोपाल के साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई नाबार्ड भोपाल के डीजीएम नंदू जे नायक की शिकायत पर की गई। मामले में सेंधवा के निमाड़ एग्रो पार्क के संचालक अर्पित कुमार तायल, निकुंज तायल, अशोक कुमार तायल और अंकित कुमार तायल आरोपी हैं।

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सीबीआई की एफआईआर के अनुसार वर्ष 2019 में ग्राम जानली में एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर स्थापित करने के लिए नाबार्ड से 13.99 करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत कराया गया। परियोजना की कुल लागत 31 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई थी, जिसमें फूड प्रोसेसिंग मंत्रालय से 10 करोड़ रुपये की सहायता प्रस्तावित थी।
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फर्जी एग्रीमेंट और रकम की हेराफेरी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बुनियादी ढांचा विकसित करने के बजाय आरोपियों ने अपनी ही दूसरी कंपनियों के साथ फर्जी समझौते किए। वर्ष 2020 और 2021 में पांच किस्तों में जारी की गई लोन राशि को प्रोजेक्ट में न लगाकर अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिया गया।

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2024 में एनपीए बना खाता, खुली परतें
सीबीआई के अनुसार समय सीमा बढ़ाने के बहाने बैंक अधिकारियों को गुमराह किया गया। परियोजना पूरी नहीं होने पर 29 सितंबर 2024 को लोन खाता एनपीए घोषित हुआ। ऑडिट के बाद नाबार्ड ने सीबीआई को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा।

केस दर्ज
जांच में नाबार्ड को करीब 12.99 करोड़ रुपये मूल राशि और 44 लाख रुपये ब्याज का नुकसान सामने आया है। सीबीआई ने आरोपियों और अज्ञात सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 409, 467, 468 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 सी के तहत एफआईआर दर्ज की है।

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