जिला अस्पताल में एक महिला की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन की संवेदनहीनता का मामला सामने आया है। मौत के बाद पीएम के लिए भेजे गए मृतका के शव पर पोस्टमार्टम कक्ष में चींटियां रेंगती मिलीं, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई।
जानकारी के अनुसार नवलपुरा निवासी 58 वर्षीय राधाबाई रविवार शाम एक सड़क हादसे में घायल हो गई थीं। उन्हें शाम करीब 6 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान करीब 6:30 बजे उनकी मौत हो गई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम कक्ष में रखवाया गया। परिजनों का आरोप है कि शव को रातभर फ्रीजर में सुरक्षित नहीं रखा गया, जिसके कारण उस पर चींटियां लग गईं। सोमवार सुबह करीब 10 बजे तक पोस्टमार्टम नहीं होने पर परिजन पोस्टमार्टम कक्ष पहुंचे। मृतका के बेटे राहुल ने बताया कि परिवार रविवार शाम से ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहा था। उनका आरोप है कि सुबह से डॉक्टरों को लगातार फोन किए गए लेकिन काफी देर तक कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। इसी दौरान शव पर चींटियां दिखाई देने के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा किया।
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घटना की जानकारी मिलने पर विधायक प्रतिनिधि विष्णु बनड़े भी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा कि अस्पताल में शव सुरक्षित रखने के लिए फ्रीजर की व्यवस्था होने के बावजूद उसका उपयोग नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शव को जमीन पर रखा गया था और लंबे समय तक अस्पताल प्रबंधन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसे उन्होंने गंभीर लापरवाही और संवेदनहीनता बताया। हंगामे के बाद डॉक्टरों की टीम ने परिजनों को समझाइश दी और जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
सिविल सर्जन डॉ. मनोज खन्ना ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ड्यूटी पर तैनात एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की लापरवाही सामने आई है। उनके अनुसार संबंधित कर्मचारी को शव फ्रीजर में रखना चाहिए था लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। मामले में संबंधित कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है फिलहाल मामले की जांच जारी है।