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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Betul: Husband sentenced to seven years in prison for abetting wife's suicide; also fined ₹4,000.

बैतूल: पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले पति को सात साल की सजा, चार हजार रुपये का जुर्माना भी लगा

Mon, 12 Oct 2026 06:39 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूल Published by: शबाहत हुसैन Updated Mon, 12 Oct 2026 06:39 PM IST
सार

बैतूल के ग्राम भयावाड़ी में पत्नी कविता को प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में अदालत ने पति प्रमोद विश्वकर्मा को सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दहेज मांगने का आरोप प्रमाणित नहीं होने पर उसे दोषमुक्त किया गया।

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Betul: Husband sentenced to seven years in prison for abetting wife's suicide; also fined ₹4,000.
अपराध - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सत्र न्यायालय ने पत्नी को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने तथा उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पति को सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर कुल 4,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह मामला बैतूल बाजार थाना क्षेत्र के ग्राम भयावाड़ी का है, जहां शादी के करीब पांच साल बाद महिला ने आत्महत्या कर ली थी। सत्र न्यायाधीश दिनेश चंद्र थपालियाल की अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर 8 अक्टूबर 2026 को यह फैसला सुनाया।

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अर्थदंड नहीं देने पर अतिरिक्त कारावास
अदालत ने आरोपी प्रमोद विश्वकर्मा को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306 के तहत दोषी ठहराते हुए सात साल के सश्रम कारावास और 3,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर उसे छह महीने का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

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इसके अलावा, आईपीसी की धारा 498-ए के तहत आरोपी को तीन साल के सश्रम कारावास और 1,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। वहीं, दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 के तहत दहेज मांगने का आरोप प्रमाणित नहीं होने पर अदालत ने आरोपी को इस आरोप से दोषमुक्त कर दिया।

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प्रताड़ना से परेशान होकर की थी आत्महत्या
अभियोजन पक्ष के अनुसार, प्रमोद विश्वकर्मा की पत्नी कविता ने 4 जुलाई 2021 को अपने ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना से करीब पांच साल पहले दोनों की शादी हुई थी। आरोप था कि विवाह के बाद से ही पति कविता को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। दहेज की मांग को लेकर भी उसे परेशान किया जाता था।

मामले में पेश किए गए साक्ष्यों और परिस्थितियों का विश्लेषण करने के बाद अदालत ने माना कि पति की प्रताड़ना के कारण कविता ने आत्महत्या की। प्रकरण में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक नितिन मिश्रा ने पैरवी की।

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