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Betul: उपेक्षा से नाराज जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने जॉइन की BJP, पूर्व MLA सुनीता बेले ने भी छोड़ी पार्टी
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, बैतूल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 04 Apr 2024 10:25 PM IST
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सार
2018 में सुनील शर्मा को काग्रेस का जिला अध्यक्ष बनाया गया था और उनके कार्यकाल में 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बैतूल जिले की 5 में से 4 सीटों पर चुनाव जीता था। यह उनकी बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
बैतूल में कई कांग्रेसियों ने भाजपा की सदस्यता ले ली।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
बैतूल जिले में कांग्रेस के सक्रिय नेता जिला कांग्रेस अध्यक्ष और कमलनाथ के कट्टर समर्थक सुनील गुड्डू शर्मा ने एक दिन पहले कांग्रेस जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था और गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने भाजपा की सदस्यता ले ली। उनके अलावा आमला की पूर्व विधायक एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुनीता बेले ने भी कांग्रेस पार्टी छोडक़र भाजपा में शामिल होने का फैसला किया और वे भी सीएम के मंच पर दिखाई दीं। दोनों को ही मुख्यमंत्री ने भाजपा का अंगवस्त्र पहनाया।
बता दें कि 2018 में सुनील शर्मा को पार्टी का जिला अध्यक्ष बनाया गया था और उनके कार्यकाल में 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बैतूल जिले की 5 में से 4 सीटों पर चुनाव जीता था। यह उनकी बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। सुनील शर्मा के कांग्रेस छोड़ने का असर बैतूल शहर सहित कई अन्य क्षेत्रों में दिखाई देगा। गौरतलब है कि बुधवार को रामू टेकाम के नामांकन के बाद आयोजित सभा में बैतूल ग्रामीण और हरदा जिला कांग्रेस अध्यक्षों से भाषण दिलवाया, लेकिन जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा के मंच पर होने के बावजूद उन्हें भाषण देने का मौका नहीं दिया। हरदा के अध्यक्ष ओम पटेल और बैतूल जिला ग्रामीण के अध्यक्ष हेमंत वागद्रे ने भाषण दिया था।
जबकि कार्यक्रम बैतूल शहर में हुआ इसलिए जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा को अवसर दिया जाना था। पता लगा कि इनका नाम आखरी समय पर काटा गया। भाषण देने के लिए यह भी जानकारी मिली कि इन्हें बोला गया कि आप आभार प्रदर्शन कर दो, लेकिन सुनील शर्मा ने इसके लिए मना कर दिया। जिसके बाद उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को अपने पद से इस्तीफा भिजवा दिया। कल से ही कयास लग रहे थे कि शर्मा भाजपा में जा सकते हैं।
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बता दें कि 2018 में सुनील शर्मा को पार्टी का जिला अध्यक्ष बनाया गया था और उनके कार्यकाल में 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बैतूल जिले की 5 में से 4 सीटों पर चुनाव जीता था। यह उनकी बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। सुनील शर्मा के कांग्रेस छोड़ने का असर बैतूल शहर सहित कई अन्य क्षेत्रों में दिखाई देगा। गौरतलब है कि बुधवार को रामू टेकाम के नामांकन के बाद आयोजित सभा में बैतूल ग्रामीण और हरदा जिला कांग्रेस अध्यक्षों से भाषण दिलवाया, लेकिन जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा के मंच पर होने के बावजूद उन्हें भाषण देने का मौका नहीं दिया। हरदा के अध्यक्ष ओम पटेल और बैतूल जिला ग्रामीण के अध्यक्ष हेमंत वागद्रे ने भाषण दिया था।
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जबकि कार्यक्रम बैतूल शहर में हुआ इसलिए जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा को अवसर दिया जाना था। पता लगा कि इनका नाम आखरी समय पर काटा गया। भाषण देने के लिए यह भी जानकारी मिली कि इन्हें बोला गया कि आप आभार प्रदर्शन कर दो, लेकिन सुनील शर्मा ने इसके लिए मना कर दिया। जिसके बाद उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को अपने पद से इस्तीफा भिजवा दिया। कल से ही कयास लग रहे थे कि शर्मा भाजपा में जा सकते हैं।

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