MP News: मां बगलामुखी मंदिर चढ़ावा विवाद गरमाया, कांग्रेस का हमला; मंत्री बोले- दोषी नहीं बचेंगे
मध्य प्रदेश के आगर मालवा स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में दान और चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है।
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अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों के बाद अब मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा में दान और चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आने से सियासत गरमा गई है। श्रद्धालुओं के नकद दान, सोने-चांदी के आभूषण और चढ़ावे के हिसाब-किताब में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। समिति को सात दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है, जबकि धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
कलेक्टर के निरीक्षण के बाद सामने आया मामला
आगर-मालवा कलेक्टर प्रीति यादव ने हाल ही में मां बगलामुखी मंदिर का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान दान और चढ़ावे में कथित हेराफेरी की शिकायतें सामने आईं। इसके बाद 7 जुलाई 2026 को तीन अधिकारियों की संयुक्त जांच समिति गठित कर पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए।
शिकायत के अनुसार, मंदिर के संचालन के लिए अधिकृत सरकारी प्रबंधन समिति होने के बावजूद एक गैर-शासकीय और अपंजीकृत समिति समानांतर रूप से काम कर रही थी। आरोप है कि यही समिति श्रद्धालुओं से नकद दान, चढ़ावा और सोने-चांदी के आभूषण प्राप्त कर रही थी।
यह भी आरोप लगाया गया है कि दान की राशि सरकारी खाते में जमा करने के बजाय निजी बैंक खातों में स्थानांतरित की जाती रही और उसका कोई पारदर्शी लेखा-जोखा नहीं रखा गया। मंदिर के गर्भगृह के सौंदर्यीकरण सहित अन्य कार्यों में भी इसी समिति के माध्यम से धन का उपयोग किए जाने की शिकायत है, जिसकी अब जांच की जाएगी।
मंत्री बोले- भगवान के नाम पर ठगी करने वालों को नहीं बख्शेंगे
धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने कहा कि मामला सामने आते ही तत्काल जांच समिति गठित कर दी गई। समिति में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भगवान के नाम पर अवैध वसूली और ठगी करने वाले लोगों का मंदिर प्रबंधन से कोई संबंध नहीं है। ऐसे लोगों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। सात दिन में जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा
मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे और महाकाल से जुड़े विवादों के बाद अब मां बगलामुखी मंदिर में भी श्रद्धालुओं के साथ कथित धोखाधड़ी के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सब कुछ नियमों के अनुसार हुआ था तो फिर जांच की जरूरत क्यों पड़ी? श्रद्धालुओं के हर रुपये और हर आभूषण का सार्वजनिक हिसाब होना चाहिए।
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वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि राम मंदिर में चंदा चोरी, बद्रीनाथ में चढ़ावे की गड़बड़ी और अब नलखेड़ा के मां बगलामुखी मंदिर में भी चढ़ावे से जुड़े आरोप सामने आए हैं। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वोट चोरी, सीट चोरी, पेपर चोरी के बाद अब मंदिरों में भी चोरी के आरोप लग रहे हैं।
सात दिन में आएगी जांच रिपोर्ट
अब पूरे मामले पर निगाहें जिला प्रशासन द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं। जांच में यह स्पष्ट होगा कि दान और सोने-चांदी के आभूषणों के प्रबंधन में कोई वित्तीय अनियमितता हुई या नहीं, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और श्रद्धालुओं के चढ़ावे का वास्तविक हिसाब क्या है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
