{"_id":"69d8c1a16daa45d4100c5e31","slug":"bhopal-news-bulldozers-roll-over-encroachments-at-the-bada-talab-target-set-to-clear-347-occupations-withi-2026-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhopal News: बड़ा तालाब अतिक्रमण पर चला बुलडोजर,15 दिन में 347 कब्जे हटाने का टारगेट,हलालपुरा में हुई कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhopal News: बड़ा तालाब अतिक्रमण पर चला बुलडोजर,15 दिन में 347 कब्जे हटाने का टारगेट,हलालपुरा में हुई कार्रवाई
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Fri, 10 Apr 2026 02:55 PM IST
विज्ञापन
सार
भोपाल के बड़ा तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू किया है। 15 दिन में 347 कब्जे हटाने का लक्ष्य है और हलालपुरा से इसकी शुरुआत हो चुकी है। आने वाले दिनों में शहर के कई हिस्सों में बुलडोजर कार्रवाई जारी रहेगी।
कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
भोपाल के बड़ा तालाब को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने एक बार फिर सख्त मोड में कार्रवाई शुरू कर दी है। शुक्रवार सुबह हलालपुरा इलाके से अभियान की शुरुआत हुई, जहां बैरागढ़ तहसीलदार हर्षविक्रम सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी के जरिए अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई की गई। तालाब किनारे बने एक फार्म हाउस और अन्य अवैध हिस्सों को निशाने पर लिया गया। जेसीबी से बाउंड्रीवाल और निर्माण तोड़े गए। कार्रवाई के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ भी जमा हो गई, लेकिन प्रशासन ने सख्ती के साथ अभियान जारी रखा।
15 दिन में 347 अतिक्रमण हटाने का प्लान
प्रशासन ने बड़ा तालाब के आसपास कुल 347 अतिक्रमण चिन्हित किए हैं। इन्हें अगले 15 दिनों में हटाने का लक्ष्य तय किया गया है। साफ कर दिया गया है कि 16 मार्च 2022 को लागू भोज वेटलैंड नियमों के बाद बने सभी निर्माण हटाए जाएंगे। साथ ही तालाब के फुल टैंक लेवल (FTL) से 50 मीटर तक के क्षेत्र में हुए अतिक्रमण पर सीधी कार्रवाई की जा रही है।
यह भी पढ़ें-मध्य प्रदेश में ‘नारी शक्ति वंदन’ उत्सव आज से, महिला आरक्षण कानून की दी जाएगी जानकारी
पहले भदभदा, अब हलालपुरा
चार दिन पहले भदभदा क्षेत्र में भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी। अब हलालपुरा से शुरू हुआ यह अभियान अलग-अलग इलाकों में चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा। प्रशासन ने अलग-अलग तारीखों में कार्रवाई का शेड्यूल तय किया है। हलालपुरा के बाद बैरागढ़, सेवनिया गोंड, हुजूर और टीटी नगर इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें-MP में बदला मौसम का रुख, अब गर्मी करेगी वापसी, बारिश थमी, 4-6 डिग्री तक उछलेगा पारा
गांवों में सबसे ज्यादा कब्जे
जांच में सामने आया है कि टीटी नगर एसडीएम सर्कल के गौरा गांव और बिसनखेड़ी में सबसे ज्यादा अतिक्रमण हुए हैं। इसके अलावा बैरागढ़ और बहेटा क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर तालाब किनारे निर्माण किए गए हैं। वन विहार क्षेत्र में भी सीमांकन के दौरान करीब 2.5 किलोमीटर में 100 से ज्यादा पिलर लगाए जाने की बात सामने आई है, जिसे वेटलैंड नियमों के खिलाफ माना जा रहा है। पर्यावरणविदों ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में उठाने की बात कही है। उनका कहना है कि तालाब की पारिस्थितिकी को बचाने के लिए सख्त कदम जरूरी हैं।
Trending Videos
15 दिन में 347 अतिक्रमण हटाने का प्लान
प्रशासन ने बड़ा तालाब के आसपास कुल 347 अतिक्रमण चिन्हित किए हैं। इन्हें अगले 15 दिनों में हटाने का लक्ष्य तय किया गया है। साफ कर दिया गया है कि 16 मार्च 2022 को लागू भोज वेटलैंड नियमों के बाद बने सभी निर्माण हटाए जाएंगे। साथ ही तालाब के फुल टैंक लेवल (FTL) से 50 मीटर तक के क्षेत्र में हुए अतिक्रमण पर सीधी कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह भी पढ़ें-मध्य प्रदेश में ‘नारी शक्ति वंदन’ उत्सव आज से, महिला आरक्षण कानून की दी जाएगी जानकारी
पहले भदभदा, अब हलालपुरा
चार दिन पहले भदभदा क्षेत्र में भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी। अब हलालपुरा से शुरू हुआ यह अभियान अलग-अलग इलाकों में चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा। प्रशासन ने अलग-अलग तारीखों में कार्रवाई का शेड्यूल तय किया है। हलालपुरा के बाद बैरागढ़, सेवनिया गोंड, हुजूर और टीटी नगर इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें-MP में बदला मौसम का रुख, अब गर्मी करेगी वापसी, बारिश थमी, 4-6 डिग्री तक उछलेगा पारा
गांवों में सबसे ज्यादा कब्जे
जांच में सामने आया है कि टीटी नगर एसडीएम सर्कल के गौरा गांव और बिसनखेड़ी में सबसे ज्यादा अतिक्रमण हुए हैं। इसके अलावा बैरागढ़ और बहेटा क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर तालाब किनारे निर्माण किए गए हैं। वन विहार क्षेत्र में भी सीमांकन के दौरान करीब 2.5 किलोमीटर में 100 से ज्यादा पिलर लगाए जाने की बात सामने आई है, जिसे वेटलैंड नियमों के खिलाफ माना जा रहा है। पर्यावरणविदों ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में उठाने की बात कही है। उनका कहना है कि तालाब की पारिस्थितिकी को बचाने के लिए सख्त कदम जरूरी हैं।

कमेंट
कमेंट X