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Bhopal News: रेलवे ने खोला खजाना, एमपी को 15 हजार करोड़ से ज्यादा का रिकॉर्ड बजट, परियोजनाओं में आएगी तेजी

न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Mon, 02 Feb 2026 07:03 PM IST
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सार

केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश को रेलवे के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट देते हुए 15,188 करोड़ रुपए का आवंटन किया है। इससे प्रदेश में रेल परियोजनाओं का कुल निवेश 1.18 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। नई लाइनों, डबलिंग-ट्रिपलिंग और फ्रेट कॉरिडोर के जरिए मध्य प्रदेश सीधे वेस्ट कोस्ट के प्रमुख पोर्ट्स से जुड़ेगा, जिससे माल परिवहन, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

Bhopal News: Railways opens its coffers, Madhya Pradesh receives a record budget of over Rs 15,000 crore, proj
रेलवे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक मजबूती मिली है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 के लिए प्रदेश को 15,188 करोड़ रुपए का रेलवे बजट आवंटित किया है, जिसे राज्य के रेल इतिहास का सर्वाधिक एलोकेशन माना जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह राशि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों के औसत बजट से लगभग 24 गुना अधिक है। रेल मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर रेलवे परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने और समय सीमा में पूरा करने पर काम कर रही हैं, ताकि प्रदेश को इसका सीधा आर्थिक और औद्योगिक लाभ मिल सके।
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1.18 लाख करोड़ के रेल प्रोजेक्ट्स पर काम
रेल मंत्रालय के मुताबिक मध्य प्रदेश में रेलवे से जुड़ी परियोजनाओं का कुल निवेश अब 1.18 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। इसमें नई रेल लाइनों का निर्माण, ट्रैक डबलिंग-ट्रिपलिंग, स्टेशन पुनर्विकास और माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने वाले कार्य शामिल हैं। प्रदेश में रेलवे का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण भी पूरा हो चुका है, जिससे परिचालन लागत घटेगी और ट्रेनों की रफ्तार व समयपालन बेहतर होगा।
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लंबित परियोजनाओं को मिली गति
कई वर्षों से प्रतीक्षित इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन समेत अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं को हाल ही में स्वीकृति मिली है और इन पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इन परियोजनाओं से न सिर्फ यात्री सुविधाएं बढ़ेंगी, बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों को भी बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी।

ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर से बदलेगा आर्थिक नक्शा
रेल मंत्री ने ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को भविष्य की बड़ी उपलब्धि बताया। यह कॉरिडोर पश्चिम बंगाल से शुरू होकर ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र होते हुए गुजरात तक जाएगा। इससे माल परिवहन के लिए अलग समर्पित ट्रैक उपलब्ध होगा, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और कारोबार को गति मिलेगी। इस कॉरिडोर के जरिए मध्य प्रदेश में एक नया आर्थिक गलियारा विकसित होगा, जो राज्य को सीधे गुजरात और महाराष्ट्र के वेस्ट कोस्ट पोर्ट्स से जोड़ देगा।

वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर से मिलेगा रणनीतिक लाभ
ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर सूरत के पास वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ेगा। वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर लुधियाना से न्हावा शेवा (जेएनपीटी) पोर्ट तक फैला है। इस जंक्शन से उत्तर, पूर्व, मध्य और दक्षिण भारत के बीच तेज और सुगम माल परिवहन संभव होगा, जिससे मध्य प्रदेश की औद्योगिक और व्यापारिक भूमिका और मजबूत होगी।

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एक नजर में 
- मध्यप्रदेश में 1 लाख 18 हजार करोड़ रूपए के प्रोजेक्ट चल रहे हैं।
- 80 स्टेशन पर अमृत स्टेशन योजना में कार्य जारी है।
- एमपी में 3163 करोड़ रूपए का जारी है।
- रतलाम रेल मंडल के 16 स्टेशनों में अमृत योजना में कार्य जारी है।
-एमपी में 108 किलोमीटर कवच योजना में काम पूरा हो गया है।

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हादसे रोकने के लिए ट्रेनों में लगेंगे कवच
रेल हादसों को रोकने के लिए मुख्य मुख्य रेल मार्गों पर कवच यानी (ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम) लगाने के काम में तेजी लाई जाएगी। इस पर रेल अधिकारियों का कहना है रेल एक्सीडेंट की आशंका को काफी हद तक खत्म किया जाएगा। इसके अलावा रेल बजट में इस बार गेज कन्वर्जन की राशी को 4284 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 4600 करोड़ रुपए किया है और सिग्नलिंग और टेलीकॉम सिस्टम को पुख्ता करने के लिए 7500 रुपए खर्च होंगे। इसमें कवच सुरक्षा भी शामिल है।

 
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