सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Bhopal News: Slaughterhouse sealed, but control over the leather trade remains; vehicles with out-of-state lic

MP: आरोपी असलम ने किसकी शह पर अपनी गाड़ियों में लिखा नगर निगम भोपाल; मेट्रो को दी गई जमीन भी कब्जे में

Sandeep Tiwari संदीप तिवारी
Updated Thu, 15 Jan 2026 05:01 PM IST
विज्ञापन
सार

भोपाल के सरकारी स्लॉटर हाउस से 26 टन गोमांस मिलने के बाद उसे सील कर दिया गया है, लेकिन संचालन करने वाले असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा का प्रभाव अब भी बना हुआ है। मेट्रो को दी गई निगम की जमीन पर उसका कब्जा जारी है और नगर निगम के नाम से लिखी बाहरी शहरों में रजिस्टर्ड गाड़ियां शहर में दौड़ती रहीं। 

Bhopal News: Slaughterhouse sealed, but control over the leather trade remains; vehicles with out-of-state lic
गाड़ियों को पीले रंग से रंगकर निगम की गाड़ियों के रूप में शहर में बेखौफ दौड़ाया जा रहा था। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

राजधानी भोपाल के सरकारी स्लॉटर हाउस से 26 टन गोमांस मिलने के बाद भले ही नगर निगम ने कत्लखाने को सील कर दिया हो, लेकिन इसे संचालित करने वाले असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा का दबदबा अब भी खत्म नहीं हुआ है। स्लॉटर हाउस के सामने स्थित वह जमीन, जिसे नगर निगम मेट्रो परियोजना को दे चुका है, अब भी उसके कब्जे में बताई जा रही है। इस जमीन पर न सिर्फ भैंसें रखी गई हैं, बल्कि कई संदिग्ध गतिविधियां भी जारी हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यहां चल रही कई गाड़ियों पर नगर निगम भोपाल लिखा हुआ है, जबकि ये वाहन भोपाल के नहीं बल्कि दूसरे शहरों में रजिस्टर्ड हैं। इन गाड़ियों को पीले रंग से रंगकर निगम की गाड़ियों के रूप में शहर में बेखौफ दौड़ाया जा रहा था।
Trending Videos


नगर निगम आयुक्त ने स्वीकारा 
नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने स्पष्ट किया कि जिन गाड़ियों का संचालन किया जा रहा था, वे नगर निगम की नहीं हैं। उन्होंने बताया कि इन वाहनों को लेकर निगम द्वारा नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन इसी दौरान स्लॉटर हाउस से जुड़ा मामला सामने आ गया और परिसर को सील कर दिया गया। आयुक्त ने स्वीकार किया कि संबंधित गाड़ियां अवैध रूप से संचालित की जा रही थीं। जमीन के संबंध में उन्होंने कहा कि यह भूमि शासन की ही है। इस पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और यदि जांच में किसी तरह का अवैध कब्जा या अनियमितता पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई करते हुए जमीन को खाली कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


26 टन गोमांस, 260 गायें सवालों के घेरे में सिस्टम
स्लॉटर हाउस से 26 टन गोमांस बरामद होने का सीधा अर्थ है कि करीब 260 गायों का वध किया गया। आरोप हैं कि यह पूरा खेल जहांगीराबाद स्थित सरकारी स्लॉटर हाउस के भीतर चल रहा था और मांस को बाहर सप्लाई किया जा रहा था। इस मामले में असलम कुरैशी को मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। पुलिस ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है, लेकिन सवाल यह है कि यह सब इतने लंबे समय तक कैसे चलता रहा?

नेताओं-अफसरों की सहयोग पर खड़ा हुआ चमड़ा का साम्राज्य?
जानवरों की खाल बेचने से शुरुआत करने वाला असलम चमड़ा आज भोपाल में एक बड़े कारोबारी साम्राज्य का मालिक बताया जाता है। सूत्रों के मुताबिक उसके पास शहर में 35 से ज्यादा प्रॉपर्टी हैं, जिनमें कई आलीशान बंगले शामिल हैं। आरोप हैं कि उसे क्षेत्रीय नेताओं और अधिकारियों का संरक्षण मिला, जिसके चलते उसे लगातार सरकारी ठेके मिलते रहे और स्लॉटर हाउस का संचालन 20 साल के लिए उसके हाथ में रहा।

यह भी पढ़ें- MIC चर्चा से 20 साल की लीज तक कैसे पहुंचा मामला?दस्तावेज ने खोली प्रशासनिक प्रक्रिया की पोल

लग्जरी लाइफ, जुए के शौक और विदेशी कनेक्शन
असलम चमड़ा की जीवनशैली भी जांच के दायरे में है। बताया जाता है कि वह जुआ खेलने के लिए मुंबई से लेकर दुबई तक जाता रहा है। उसके पास कई महंगी गाड़ियां हैं और सट्टेबाजी से जुड़े नेटवर्क से भी उसके तार जुड़े होने की चर्चा है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर इतनी संपत्ति और रुतबा उसे कैसे मिला?

यह भी पढ़ें-भोपाल में गौमांस विवाद पर सड़क पर उतरा जय मां भवानी संगठन, स्लॉटर हाउस के डॉक्टर पर गिरी गाज

सब जानते हैं, फिर भी कार्रवाई क्यों नहीं?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल नगर निगम और प्रशासन की भूमिका पर उठ रहा है। जानकारी होने के बावजूद वर्षों तक न तो अवैध गतिविधियों पर रोक लगी और न ही कब्जों पर कार्रवाई हुई। अब जब मामला उजागर हो चुका है, तो स्लॉटर हाउस सील करने से आगे बढ़कर क्या पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed