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Bhopal News: TET अनिवार्य के आदेश पर भड़के शिक्षक, प्रदेशभर में विरोध, भोपाल में कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन

न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Fri, 13 Mar 2026 07:39 PM IST
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सार

मध्यप्रदेश में लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए TET परीक्षा अनिवार्य करने के आदेश के विरोध में शिक्षक संगठनों ने प्रदर्शन किया। भोपाल में कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। शिक्षकों का कहना है कि 20-27 साल बाद नई शर्त लागू करने से करीब डेढ़ लाख शिक्षकों के भविष्य पर संकट खड़ा हो सकता है।

Bhopal News: Teachers Outraged Over Order Making TET Mandatory; Statewide Protests, Demonstration Held Outside
विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मध्यप्रदेश में लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अनिवार्य किए जाने के आदेश को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी निर्देश के बाद प्रदेशभर में शिक्षक संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। शिक्षकों का कहना है कि वर्षों से नौकरी कर रहे शिक्षकों पर अचानक नई परीक्षा की शर्त लागू करना अनुचित है और इससे करीब डेढ़ लाख शिक्षकों के भविष्य पर संकट खड़ा हो सकता है।
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राजधानी में प्रदर्शन, सीएम के नाम ज्ञापन
आदेश के विरोध में शुक्रवार को राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट कार्यालयों के सामने प्रदर्शन किया। भोपाल में शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी रैली निकालते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर आदेश वापस लेने की मांग की।
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27 साल बाद नई शर्त पर आपत्ति
शिक्षक संगठनों का कहना है कि प्रदेश में कई शिक्षक 20 से 27 साल से सेवा दे रहे हैं। नियुक्ति के समय उनकी सेवा शर्तों में टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता नहीं थी। ऐसे में इतने वर्षों बाद नई शर्त लागू करना नियमों के विपरीत बताया जा रहा है। संगठन का आरोप है कि लोक शिक्षण संचालनालय से जारी आदेश से पहले राज्य सरकार या मंत्रिमंडल स्तर पर औपचारिक मंजूरी नहीं ली गई। शिक्षकों का कहना है कि इतने बड़े फैसले के लिए उच्च स्तर की स्वीकृति जरूरी होती है।

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आंदोलन तेज करने की चेतावनी
शासकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने कहा कि फिलहाल सरकार को ज्ञापन देकर मांग रखी गई है। यदि एक सप्ताह के भीतर निर्णय नहीं हुआ, तो 29 मार्च को प्रदेश के सभी शिक्षक संगठनों की बैठक बुलाकर संयुक्त मोर्चा बनाया जाएगा और बड़े आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। शिक्षक संगठन 15 से 28 मार्च के बीच प्रदेशभर में सांसदों, विधायकों और जनप्रतिनिधियों को भी ज्ञापन सौंपेंगे। इसके जरिए सरकार से टीईटी अनिवार्यता के आदेश को वापस लेने और मामले में पुनर्विचार की मांग की जाएगी।

 
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