Bhopal News: यासीन मछली को आनन-फानन में अस्पताल से हटाया गया, भेजा जेल; प्रबंधन के दावे सही निकले
MP: भोपाल के कुख्यात ड्रग तस्कर यासीन मछली को बिना गंभीर बीमारी के हमीदिया अस्पताल में भर्ती किया गया था। मामला मीडिया में आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने उसे आनन-फानन में डिस्चार्ज कर जेल भेज दिया।
विस्तार
राजधानी भोपाल के बड़े मछली कारोबारी और लव जिहाद व ड्रग तस्करों को संरक्षण देने के आरोप झेल रहे शारिक मछली के भतीजे, कुख्यात ड्रग तस्कर यासीन मछली को भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यासीन को यूरिन इंफेक्शन के बाद पहले जेल अस्पताल में भर्ती कर इलाज कराया गया था, जहां वह पूरी तरह स्वस्थ हो गया था। इसके बाद यासीन के वकीलों ने बेहतर इलाज के नाम पर हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराने के लिए अदालत में आवेदन दिया। जेल प्रबंधन ने मेडिकल दस्तावेजों के साथ अदालत को बताया कि यासीन पूरी तरह ठीक हो चुका है और उसे अस्पताल में भर्ती कराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
इसके कुछ दिनों बाद उसके अधिवक्ता ने फिर भोपाल जिला अदालत में आवेदन देकर यासीन मछली को मेडिकल जांच के लिए हमीदिया अस्पताल भेजने की मांग की। इस पर जिला अदालत ने 24 दिसंबर को उसे जांच के लिए हमीदिया अस्पताल भेजने के आदेश दिए। जेल प्रबंधन उसे लेकर अस्पताल पहुंचा, जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे भर्ती कर लिया।
जेल प्रबंधन लगातार भर्ती के कारणों से संबंधित दस्तावेज मांगता रहा, लेकिन अस्पताल प्रबंधन द्वारा कोई ठोस मेडिकल रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बावजूद यासीन को हमीदिया अस्पताल में रखा गया और इलाज जारी रहा। मामला मीडिया की सुर्खियों में आया तो जेल प्रबंधन ने स्पष्ट कहा कि यासीन को कोई गंभीर बीमारी नहीं है। जेल प्रबंधन ने मेडिकल बोर्ड से कई बार यह जानकारी मांगी कि यासीन को किस बीमारी के आधार पर इतने दिनों से भर्ती रखा गया है, ताकि रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की जा सके, लेकिन मेडिकल बोर्ड ने कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए।
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मीडिया में मामला आने के बाद तुरंत डिस्चार्ज
रविवार, 4 जनवरी को भोपाल मीडिया में यह मुद्दा प्रमुखता से सामने आया कि यासीन मछली को बिना गंभीर बीमारी के हमीदिया अस्पताल में भर्ती किया गया है। जेल प्रबंधन ने दोहराया कि यासीन गंभीर रूप से बीमार नहीं है, फिर भी उसे अस्पताल में रखा गया। मीडिया की सुर्खियां बनने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने आनन-फानन में यासीन को स्वस्थ घोषित करते हुए डिस्चार्ज कर दिया और उसे जेल प्रबंधन के सुपुर्द कर दिया।
ड्रग्स रैकेट का खुलासा
उल्लेखनीय है कि 18 जुलाई को भोपाल पुलिस ने सैफुद्दीन और शाहरुख नामक दो ड्रग पैडलरों को गिरफ्तार किया था, जो शहर के विभिन्न क्लबों और पार्टियों में एमडी (मेथामफेटामिन) पाउडर की सप्लाई करते थे। पूछताछ में सामने आया कि यासीन मछली इस ड्रग्स रैकेट का सरगना है। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि यासीन पार्टी, क्लब और जिम के जरिए युवाओं को फिटनेस और पार्टी कल्चर के नाम पर ड्रग्स का आदी बना रहा था। इसके बाद भोपाल क्राइम ब्रांच ने 21 जुलाई 2025 को यासीन मछली और उसके चाचा शाहवर मछली को एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था।

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