फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Elevators at JP Hospital out of service for months: Patients' lives at risk—how are pregnant women and those w

जेपी अस्पताल में महीनों से लिफ्ट ठप: मरीजों की जान पर आफत, गर्भवती और ऑपरेशन वाले मरीज कैसे पहुंचें वार्ड तक?

Thu, 29 Oct 2026 03:04 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Thu, 29 Oct 2026 03:04 PM IST
सार

जेपी अस्पताल की छह में से पांच लिफ्ट बंद हैं। प्रसूति वार्ड के पास की तीनों लिफ्ट करीब छह महीने से ठप हैं। इससे गर्भवती महिलाओं, ऑपरेशन के बाद भर्ती मरीजों और गंभीर रोगियों को परेशानी हो रही है। अस्पताल प्रबंधन ने बजट मिलने के बाद मरम्मत कराने की बात कही है।

विज्ञापन
Elevators at JP Hospital out of service for months: Patients' lives at risk—how are pregnant women and those w
जेपी अस्पताल में महीनों से लिफ्ट ठप - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी के जेपी अस्पताल में इलाज कराने पहुंचना मरीजों के लिए पहले ही चुनौती है, अब वार्ड तक पहुंचने की व्यवस्था भी परेशानी का कारण बन गई है। अस्पताल के तीन ब्लॉकों में लगी छह लिफ्टों में से पांच बंद पड़ी हैं। सबसे ज्यादा मुश्किल गर्भवती महिलाओं, ऑपरेशन के बाद भर्ती मरीजों और गंभीर रोगियों को हो रही है। जिस सुविधा की जरूरत मरीजों को सबसे ज्यादा है, वही महीनों से ठप है। अस्पताल प्रबंधन का तर्क है कि लिफ्टों की मरम्मत के लिए बजट नहीं मिला है। सवाल यह है कि बजट के इंतजार में मरीजों की परेशानी कब तक जारी रहेगी?

विज्ञापन


छह में से पांच लिफ्ट बंद, मरीजों के सामने बड़ी मुश्किल
जेपी अस्पताल में रोजाना एक हजार से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। इनमें 15 से 20 मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल लाया जाता है। इसके बावजूद अस्पताल में लिफ्टों की व्यवस्था बदहाल है। छह में से केवल एक लिफ्ट चालू है, जबकि बाकी पांच बंद हैं। इससे मरीजों को एक मंजिल से दूसरी मंजिल तक पहुंचाने में परिजनों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
विज्ञापन


प्रसूति वार्ड के पास की तीनों लिफ्ट छह महीने से बंद
अस्पताल के पुराने सी ब्लॉक में प्रसूति वार्ड के पास लगी तीनों लिफ्ट करीब छह महीने से बंद हैं। यहां गर्भवती महिलाओं और प्रसूति संबंधी उपचार के लिए आने वाली महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोनोग्राफी केंद्र के पास लगी लिफ्ट भी लंबे समय से बंद है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निर्देश के बाद इसे कुछ समय के लिए शुरू किया गया था, लेकिन अब यह फिर बंद पड़ी है। नए ए ब्लॉक में दो लिफ्ट हैं। इनमें से एक ही चालू है। इस तरह अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों में मरीजों की आवाजाही के लिए उपलब्ध व्यवस्था सीमित होकर रह गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऑपरेशन के बाद मरीजों को ले जाना चुनौती
लिफ्ट की जरूरत सबसे ज्यादा उन मरीजों को होती है, जो खुद चलकर सीढ़ियां नहीं चढ़ सकते। ऑपरेशन के बाद भर्ती मरीजों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोगियों को वार्ड तक पहुंचाने में परिजनों को अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसे मरीजों के लिए व्हीलचेयर और स्ट्रेचर का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन परिजनों के मुताबिक कई बार उन्हें खुद ही इनकी तलाश करनी होती है। मरीजों के साथ आने वाले अटेंडरों का कहना है कि इतने बड़े अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं का इस तरह प्रभावित रहना परेशानी बढ़ाता है। लिफ्ट बंद होने से न केवल मरीजों को परेशानी होती है, बल्कि उन्हें वार्ड तक पहुंचाने में भी समय और मेहनत लगती है।

बजट नहीं मिला, इसलिए बंद हैं लिफ्ट
लिफ्टों के लंबे समय से बंद होने पर अस्पताल प्रबंधन ने रखरखाव के लिए बजट नहीं मिलने की बात कही है। हालांकि, पांच लिफ्टों को दोबारा चालू करने के लिए धनराशि कब तक मिलेगी और मरम्मत कब पूरी होगी, इसकी निश्चित समयसीमा सामने नहीं आई है।
जेपी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संजय जैन ने बताया कि लिफ्टों के रखरखाव के लिए बजट की प्रतीक्षा की जा रही है। जैसे ही धनराशि प्राप्त होगी, लिफ्टों का रखरखाव कर उन्हें तत्काल चालू कराया जाएगा।


यह भी पढ़ें-एमपी के अतिथि विद्वानों को स्थायी नौकरी कब?: हरियाणा से बेहतर नीति का वादा, फिक्स वेतन और समायोजन का इंतजार


मरीजों का सवाल: सुविधा कब बहाल होगी?
अस्पताल में लिफ्टों की व्यवस्था लंबे समय से प्रभावित होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी बनी हुई है। एक तरफ रोजाना बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, दूसरी तरफ वार्डों तक पहुंचने की जरूरी सुविधा सीमित है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि अस्पताल प्रबंधन को मरम्मत के लिए बजट कब मिलता है और बंद लिफ्टें कब दोबारा चालू होती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed