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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Heavy Rain Havoc in MP Narmada and Mandakini Rivers Spate; Heavy Rainfall Alert Issued for 16 Districts

MP में बारिश का ‘रौद्र रूप’: उफान पर नर्मदा-मंदाकिनी, 16 जिलों में आज मूसलाधार बारिश का अलर्ट

Fri, 21 Aug 2026 07:52 AM IST
हिमांशु सिंह बघेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: हिमांशु सिंह बघेल Updated Fri, 21 Aug 2026 07:52 AM IST
सार

मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय मजबूत मौसम प्रणाली के कारण बारिश का दौर तेज हो गया है। नर्मदा और मंदाकिनी समेत कई नदियां उफान पर हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी का पानी बाजार तक पहुंच गया, डिंडोरी-मंडला मार्ग बंद है और रीवा-सतना के कई रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है। शुक्रवार को 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है।

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Heavy Rain Havoc in MP Narmada and Mandakini Rivers Spate; Heavy Rainfall Alert Issued for 16 Districts
चित्रकूट में उफान पर मंदाकिनी नदी - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर से रफ्तार पकड़ ली है। पूर्वी हिस्से में सक्रिय मजबूत मौसम प्रणाली के कारण डिंडोरी, पन्ना, रीवा, सतना, छतरपुर समेत कई जिलों में तेज बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। नदियों और जलप्रपातों में पानी का बहाव बढ़ गया है। मंडला में नर्मदा खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है, जबकि चित्रकूट में मंदाकिनी का पानी बाजार तक पहुंच गया। कई जगह सड़कों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है। शुक्रवार को निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर समेत 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है। ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, दमोह, पन्ना, सीधी और सिवनी में भी भारी बारिश की चेतावनी है।
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चित्रकूट में बाजार तक पहुंचा मंदाकिनी का पानी
लगातार बारिश के बाद चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। पानी बाजार तक पहुंचने से सड़कों पर नाव चलानी पड़ी। पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए गुप्त गोदावरी की दोनों गुफाएं बंद कर दी गई हैं। रीवा के निराला नगर छात्रावास समेत नौ इलाकों में पानी भर गया। घरों और दुकानों में रखा सामान भी पानी की चपेट में आ गया। सतना की कई बस्तियों और कॉलोनियों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। डिंडोरी में खरमेर नदी का पानी पुल के ऊपर आने के बाद डिंडोरी-मंडला राज्य मार्ग बंद हो गया। मंडला में नर्मदा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और छोटा पुल पानी में डूब गया है। मऊगंज में अष्टभुजा नदी के उफान ने हालात बिगाड़ दिए। नईगढ़ी गांव में नदी का पानी घरों में घुस गया। 
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बरगी बांध के 13 गेट खोले
जबलपुर में बरगी बांध के 13 गेट खोल दिए गए हैं। इससे निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की स्थिति बनी हुई है। खजुराहो में रनेह जलप्रपात तेज बहाव के साथ बह रहा है, जबकि पन्ना के बृहस्पति कुंड में भी लगातार पानी आ रहा है। नर्मदा का जलस्तर बढ़ने से धुआंधार जलप्रपात का सामान्य दृश्य भी दिखाई देना बंद हो गया है।
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आज इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर समेत 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, दमोह, पन्ना, सीधी और सिवनी में भी भारी बारिश हो सकती है। भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

प्रदेश में अब तक 23.6 इंच बारिश
मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार मानसून की द्रोणिका समेत अन्य मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश हो रही है। 20 से 24 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ने के संकेत हैं। प्रदेश में अब तक 599 मिलीमीटर यानी 23.6 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक 675.1 मिलीमीटर यानी 26.6 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में औसत से करीब 3 इंच यानी 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में भी 11 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 12 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है।

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39 जिलों में अब भी बारिश की कमी
पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश सामान्य से 19 प्रतिशत तक कम है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ में 4 से 58 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। पश्चिमी हिस्से में आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 5 से 39 प्रतिशत तक कम पानी गिरा है। वहीं अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

जून की कमी जुलाई-अगस्त में भी पूरी नहीं
मध्य प्रदेश में जून के दौरान सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश से स्थिति कुछ सुधरी, लेकिन इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक आया और कई दिनों तक बारिश थमी रही। अगस्त में भी अब मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय हुई है। जुलाई का बारिश कोटा पूरा हो चुका है, लेकिन जून में हुई कमी की पूरी भरपाई अभी नहीं हो सकी है। प्रदेश में पूरे मानसून सीजन की सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच रहता है।
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