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MP: 15 हजार शिक्षकों की नियुक्ति, चार लाख साइकिलें और छात्रवृत्तियां; जानें युवाओं के लिए क्या रहा बजट में खास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Wed, 18 Feb 2026 02:19 PM IST
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सार
मध्यप्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि यह बजट प्रधानमंत्री के सपने को साकार करेगा। बजट में शिक्षा, युवा विकास, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार, खेल और युवा कल्याण पर विशेष जोर दिया गया है।
मध्य प्रदेश बजट 2026
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपना बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट भाषण में कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने वाला है। उन्होंने बताया कि कार्यशील जनसंख्या का बढ़ता अनुपात प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देने के अवसर प्रदान करता है। हमारी सरकार युवा वर्ग के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, रोज़गार के अवसर एवं उनकी आवश्यकताओं तथा आकांक्षाओं की पूर्ति की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
विद्यालय और प्राथमिक शिक्षा में सुधार
वित्त मंत्री ने कहा कि शिक्षा नई पीढ़ी के सृजनात्मक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। सरकार नवीन शैक्षणिक संस्थाओं की शुरुआत करने के साथ पूर्व से संचालित संस्थाओं में उत्कृष्ट शैक्षणिक व्यवस्था और अधोसंरचना सुनिश्चित कर रही है। स्कूलों को बिजली आपूर्ति, इंटरनेट सुविधा और स्मार्ट कक्षाओं से सुसज्जित किया जा रहा है।
पी.एम.श्री और सांदीपनि विद्यालय योजना
प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए "पी.एम.श्री योजना" के अंतर्गत 799 विद्यालय संचालित हैं। साथ ही 274 "सांदीपनि विद्यालय" भी कार्यरत हैं। प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। छात्रों तक पहुँच आसान बनाने के लिए 4 लाख 85 हज़ार साइकिलें वितरित की गई हैं। 94,300 मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान किए गए हैं।
शिक्षक नियुक्ति और विद्यालय संधारण
प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक कक्षाओं के लिए 15,000 शिक्षकों की नियुक्तियाँ प्रक्रियाधीन हैं। विद्यालय भवनों के संधारण एवं रख-रखाव कार्य योजनाबद्ध रूप से किए जा रहे हैं। शिक्षा संबंधी प्रमुख योजनाओं जैसे सांदीपनि विद्यालय में 3,892 करोड़, साइकिल वितरण योजना में 210 करोड़, पी.एम.श्री योजना में 530 करोड़ और निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकों की योजना में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है।
जनजातीय विद्यार्थियों के लिए योजनाएं
जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित 25,439 विद्यालयों में लगभग 20 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। 94 सांदीपनि विद्यालयों को उत्कृष्ट अधोसंरचना और शैक्षणिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। वर्ष 2025-26 में लगभग 3,40,000 विद्यार्थियों को 458 करोड़ रुपये से अधिक की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति प्रदान की गई। अनुसूचित जनजाति की शैक्षणिक संस्थाओं हेतु 4,485 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रियाधीन है। छात्रवृत्ति की विभिन्न योजनाओं के लिए 2026-27 के बजट में 986 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है।
अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए प्रयास
अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों हेतु प्रदेश में 10 ज्ञानोदय विद्यालयों को सी.बी.एस.ई. मापदंडों के अनुसार अपग्रेड किया जा रहा है। इस वर्ग के विद्यार्थियों हेतु 1,913 छात्रावास संचालित हैं जिनकी कुल क्षमता 95,000 है। युवाओं के स्वरोज़गार के लिए संत रविदास स्वरोज़गार योजना के अंतर्गत 1,927 और डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना के अंतर्गत 2,316 प्रकरणों में ऋण वितरण किया गया है।
उच्च शिक्षा और स्टार्टअप पहल
प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 56 विश्वविद्यालय और 1,360 शासकीय उच्च शिक्षण संस्थानों में लगभग 16 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उच्च शिक्षा को सुलभ और रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए प्रत्येक जिले में "प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस" संचालित हैं। नैक मूल्यांकन के तहत 205 महाविद्यालय नैक एक्रिडिटेड हो चुके हैं। 31 नए महाविद्यालय भवनों का निर्माण और 96 भवनों का सुदृढ़ीकरण कार्य प्रचलित है। विश्वविद्यालयों में संचालित इन्क्यूबेशन केन्द्रों में एक वर्ष में 174 स्टार्टअप आरंभ किए गए और 22 पेटेंट कराए गए। विदेशों में उच्च शिक्षा अध्ययन हेतु छात्रवृत्ति भी प्रदान की जा रही है।
तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार
तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में लगातार वृद्धि हुई है। वर्ष 2025-26 में तकनीकी पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की संख्या 26 प्रतिशत बढ़ी। सभी शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में वाई-फाई कैंपस और स्मार्ट क्लास रूम स्थापित किए गए। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का परिसर राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल में शुरू हो चुका है। वर्ष 2025 में आयोजित 608 रोजगार मेलों और युवा संगम कार्यक्रमों के माध्यम से 85,000 युवाओं को ऑफर लेटर प्रदान किए गए।
खेल और युवा कल्याण
खेल गतिविधियां और स्वस्थ मनोरंजन युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। पिछले 2 वर्षों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 19 स्वर्ण, 29 रजत और 26 कांस्य पदक तथा राष्ट्रीय स्तर पर 189 स्वर्ण, 131 रजत और 118 कांस्य पदक प्राप्त कर प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया।
युवाओं की खेल अभिरुचियों को प्रोत्साहित करने हेतु "सी.एम. युवा-शक्ति" योजना के अंतर्गत सभी विधानसभा क्षेत्रों में सर्वसुविधा संपन्न स्टेडियम उपलब्ध कराने का कार्य प्रारंभ किया गया। वर्तमान में प्रदेश में 11 खेल अकादमियों में 18 खेलों की अंतरराष्ट्रीय स्तर की अधोसंरचना, उपकरण और प्रशिक्षण सुविधा एं हैं। साथ ही 4 हॉकी टर्फ और 30 खेल स्टेडियम निर्माणाधीन हैं। खेल और युवा कल्याण के लिए 815 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।
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विद्यालय और प्राथमिक शिक्षा में सुधार
वित्त मंत्री ने कहा कि शिक्षा नई पीढ़ी के सृजनात्मक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। सरकार नवीन शैक्षणिक संस्थाओं की शुरुआत करने के साथ पूर्व से संचालित संस्थाओं में उत्कृष्ट शैक्षणिक व्यवस्था और अधोसंरचना सुनिश्चित कर रही है। स्कूलों को बिजली आपूर्ति, इंटरनेट सुविधा और स्मार्ट कक्षाओं से सुसज्जित किया जा रहा है।
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पी.एम.श्री और सांदीपनि विद्यालय योजना
प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए "पी.एम.श्री योजना" के अंतर्गत 799 विद्यालय संचालित हैं। साथ ही 274 "सांदीपनि विद्यालय" भी कार्यरत हैं। प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। छात्रों तक पहुँच आसान बनाने के लिए 4 लाख 85 हज़ार साइकिलें वितरित की गई हैं। 94,300 मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान किए गए हैं।
शिक्षक नियुक्ति और विद्यालय संधारण
प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक कक्षाओं के लिए 15,000 शिक्षकों की नियुक्तियाँ प्रक्रियाधीन हैं। विद्यालय भवनों के संधारण एवं रख-रखाव कार्य योजनाबद्ध रूप से किए जा रहे हैं। शिक्षा संबंधी प्रमुख योजनाओं जैसे सांदीपनि विद्यालय में 3,892 करोड़, साइकिल वितरण योजना में 210 करोड़, पी.एम.श्री योजना में 530 करोड़ और निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकों की योजना में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है।
जनजातीय विद्यार्थियों के लिए योजनाएं
जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित 25,439 विद्यालयों में लगभग 20 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। 94 सांदीपनि विद्यालयों को उत्कृष्ट अधोसंरचना और शैक्षणिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। वर्ष 2025-26 में लगभग 3,40,000 विद्यार्थियों को 458 करोड़ रुपये से अधिक की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति प्रदान की गई। अनुसूचित जनजाति की शैक्षणिक संस्थाओं हेतु 4,485 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रियाधीन है। छात्रवृत्ति की विभिन्न योजनाओं के लिए 2026-27 के बजट में 986 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है।
अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए प्रयास
अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों हेतु प्रदेश में 10 ज्ञानोदय विद्यालयों को सी.बी.एस.ई. मापदंडों के अनुसार अपग्रेड किया जा रहा है। इस वर्ग के विद्यार्थियों हेतु 1,913 छात्रावास संचालित हैं जिनकी कुल क्षमता 95,000 है। युवाओं के स्वरोज़गार के लिए संत रविदास स्वरोज़गार योजना के अंतर्गत 1,927 और डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना के अंतर्गत 2,316 प्रकरणों में ऋण वितरण किया गया है।
उच्च शिक्षा और स्टार्टअप पहल
प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 56 विश्वविद्यालय और 1,360 शासकीय उच्च शिक्षण संस्थानों में लगभग 16 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उच्च शिक्षा को सुलभ और रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए प्रत्येक जिले में "प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस" संचालित हैं। नैक मूल्यांकन के तहत 205 महाविद्यालय नैक एक्रिडिटेड हो चुके हैं। 31 नए महाविद्यालय भवनों का निर्माण और 96 भवनों का सुदृढ़ीकरण कार्य प्रचलित है। विश्वविद्यालयों में संचालित इन्क्यूबेशन केन्द्रों में एक वर्ष में 174 स्टार्टअप आरंभ किए गए और 22 पेटेंट कराए गए। विदेशों में उच्च शिक्षा अध्ययन हेतु छात्रवृत्ति भी प्रदान की जा रही है।
तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार
तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में लगातार वृद्धि हुई है। वर्ष 2025-26 में तकनीकी पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की संख्या 26 प्रतिशत बढ़ी। सभी शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में वाई-फाई कैंपस और स्मार्ट क्लास रूम स्थापित किए गए। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का परिसर राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल में शुरू हो चुका है। वर्ष 2025 में आयोजित 608 रोजगार मेलों और युवा संगम कार्यक्रमों के माध्यम से 85,000 युवाओं को ऑफर लेटर प्रदान किए गए।
खेल और युवा कल्याण
खेल गतिविधियां और स्वस्थ मनोरंजन युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। पिछले 2 वर्षों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 19 स्वर्ण, 29 रजत और 26 कांस्य पदक तथा राष्ट्रीय स्तर पर 189 स्वर्ण, 131 रजत और 118 कांस्य पदक प्राप्त कर प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया।
युवाओं की खेल अभिरुचियों को प्रोत्साहित करने हेतु "सी.एम. युवा-शक्ति" योजना के अंतर्गत सभी विधानसभा क्षेत्रों में सर्वसुविधा संपन्न स्टेडियम उपलब्ध कराने का कार्य प्रारंभ किया गया। वर्तमान में प्रदेश में 11 खेल अकादमियों में 18 खेलों की अंतरराष्ट्रीय स्तर की अधोसंरचना, उपकरण और प्रशिक्षण सुविधा एं हैं। साथ ही 4 हॉकी टर्फ और 30 खेल स्टेडियम निर्माणाधीन हैं। खेल और युवा कल्याण के लिए 815 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।

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