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MP Budget 2026-27: मप्र सरकार ने पेश किया देश का पहला रोलिंग बजट, क्या होता है रोलिंग बजट, जानें इसकी खूबियां
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 18 Feb 2026 05:02 PM IST
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सार
मध्य प्रदेश सरकार का बजट 18 फरवरी को पेश कर दिया गया है। इस बार के बजट से नया शब्द सामने आय़ा, वो था रोलिंग बजट। अब मन में सवाल उठता है कि रोलिंग बजट क्या है, और इसे लाने के क्या फायदे हैं। इस खबर में हम आपके इन्हीं सवालों के जवाब दे रहे हैं-
मप्र सरकार ने इस बार के बजट को रोलिंग बजट नाम दिया है।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश सरकार की ओर से वर्ष 2026–27 का बजट पेश कर दिया गया है। इसमें 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों को समर्पित बताए जा रहे इस बजट में किसान कल्याण के लिए 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि का प्रावधान किया गया है। खास बात ये रही कि इस बार का बजट रोलिंग बजट के रूप में बताया गया। इसके साथ ही इस तरह का बजट देने वाला मध्य प्रदेश देश में पहला राज्य बन गया है।
मप्र सरकार ने इस बार रोलिंग बजट पेश किया है। उद्देश्य है कि वार्षिक बजट को दीर्घकालिक दृष्टि से जोड़ा है। इसके आधार पर वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों के साथ वित्तीय वर्ष 2027-28 एवं 2028-29 के संभावित प्रस्तावों की एक झलक से सदन को अवगत कराने का नवाचार किया गया है।
सीएम ने क्यों बताया बजट को खास
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह देश का पहला रोलिंग बजट है, जिसमें दो वर्षों का खाका प्रस्तुत किया गया है। वर्ष 2026–27 के लिए 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस वर्ष को कृषि को समर्पित किया गया है और किसान कल्याण के लिए 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि का प्रावधान किया गया है। ये बजट GYANII के स्वरूप में है। इसमें गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान), नारी, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियलाइजेशन पर फोकस है। उन्होंने कहा कि यह बजट 'Gyani' पर आधारित है और इसमें 'I' यानी Industry को जोड़कर इसे विकास और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
ये भी पढ़ें- MP Budget 2026: 'चीता संरक्षण, धार्मिक पर्यटन और कृषि को समर्पित ये बजट', सीएम मोहन यादव की आई प्रतिक्रिया
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मप्र सरकार ने इस बार रोलिंग बजट पेश किया है। उद्देश्य है कि वार्षिक बजट को दीर्घकालिक दृष्टि से जोड़ा है। इसके आधार पर वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों के साथ वित्तीय वर्ष 2027-28 एवं 2028-29 के संभावित प्रस्तावों की एक झलक से सदन को अवगत कराने का नवाचार किया गया है।
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सीएम ने क्यों बताया बजट को खास
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह देश का पहला रोलिंग बजट है, जिसमें दो वर्षों का खाका प्रस्तुत किया गया है। वर्ष 2026–27 के लिए 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस वर्ष को कृषि को समर्पित किया गया है और किसान कल्याण के लिए 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि का प्रावधान किया गया है। ये बजट GYANII के स्वरूप में है। इसमें गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान), नारी, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियलाइजेशन पर फोकस है। उन्होंने कहा कि यह बजट 'Gyani' पर आधारित है और इसमें 'I' यानी Industry को जोड़कर इसे विकास और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
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एमपी बजट 2026
- फोटो : अमर उजाला
क्या होता है रोलिंग बजट
रोलिंग बजट जैसा कि नाम से स्पष्ट है कि जो रोल होता रहे यानी कि गतिशील बजट। ये एक ऐसा बजट होता है जो समय-समय पर अपडेट किया जाता है ताकि योजना हमेशा वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार बनी रहे। रोलिंग बजट प्रणाली में तय अवधि के बाद आगे की अवधि को जोड़ते हुए बजट लगातार अपडेट किया जाता है। बजट एक बार बनाकर छोड़ नहीं दिया जाता, बल्कि हर साल नई परिस्थितियों और जरूरतों के अनुसार उसमें बदलाव किया जाता है।
ये भी पढ़ें- 14 नए मेडिकल कॉलेज, 3,850 डॉक्टर पदों को भरने की तैयारी, जानें बजट में स्वास्थ्य में क्या रहा खास?
क्या है ऐसे बजट की खासियत
चूंकि राज्य का बजट सालाना होता है तो रोलिंग बजट में आने वाले साल को इसमें जोड़ा जाएगा। उदाहरण के तौर पर, सरकार ने 2026–27, 2027–28 और 2028–29 का तीन साल का बजट बनाया है, तो 2027–28 आते ही 2026–27 की अवधि बजट से हट जाएगी। उसकी जगह नया वर्ष 2029–30 जोड़ दिया जाएगा। इस तरह बजट हमेशा आने वाले तीन वर्षों के लिए तैयार रहता है। जानकार बताते हैं कि इस तरह के बजट की खासियत ये होती है कि ये लगातार अपडेट किए जा सकते हैं। वास्तविक परिस्थितियों के मुताबिक फेर-बदल हो सकता है। भविष्य की तैयारी को और अधिक मजबूत बनाता है।
रोलिंग बजट जैसा कि नाम से स्पष्ट है कि जो रोल होता रहे यानी कि गतिशील बजट। ये एक ऐसा बजट होता है जो समय-समय पर अपडेट किया जाता है ताकि योजना हमेशा वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार बनी रहे। रोलिंग बजट प्रणाली में तय अवधि के बाद आगे की अवधि को जोड़ते हुए बजट लगातार अपडेट किया जाता है। बजट एक बार बनाकर छोड़ नहीं दिया जाता, बल्कि हर साल नई परिस्थितियों और जरूरतों के अनुसार उसमें बदलाव किया जाता है।
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क्या है ऐसे बजट की खासियत
चूंकि राज्य का बजट सालाना होता है तो रोलिंग बजट में आने वाले साल को इसमें जोड़ा जाएगा। उदाहरण के तौर पर, सरकार ने 2026–27, 2027–28 और 2028–29 का तीन साल का बजट बनाया है, तो 2027–28 आते ही 2026–27 की अवधि बजट से हट जाएगी। उसकी जगह नया वर्ष 2029–30 जोड़ दिया जाएगा। इस तरह बजट हमेशा आने वाले तीन वर्षों के लिए तैयार रहता है। जानकार बताते हैं कि इस तरह के बजट की खासियत ये होती है कि ये लगातार अपडेट किए जा सकते हैं। वास्तविक परिस्थितियों के मुताबिक फेर-बदल हो सकता है। भविष्य की तैयारी को और अधिक मजबूत बनाता है।

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