{"_id":"6958f28ad4863f6280009cda","slug":"mp-news-public-grievance-redressal-camps-at-the-ward-level-daily-two-hour-hearings-regarding-the-voter-list-2026-01-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: वार्ड स्तर पर जनता दरबार,मतदाता सूची को लेकर रोज 2 घंटे सुनवाई, सीधे अफसरों के सामने रख सकेंगे आपत्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: वार्ड स्तर पर जनता दरबार,मतदाता सूची को लेकर रोज 2 घंटे सुनवाई, सीधे अफसरों के सामने रख सकेंगे आपत्ति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sat, 03 Jan 2026 04:12 PM IST
विज्ञापन
सार
मतदाता सूची में सुधार के लिए सोमवार से हर वार्ड कार्यालय में रोजाना 2 घंटे जनता दरबार लगेगा। नागरिक सीधे अधिकारियों के सामने दस्तावेज पेश कर नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। यह प्रक्रिया 5 जनवरी से शुरू होकर 14 फरवरी तक चलेगी, जबकि नए मतदाता 22 जनवरी तक नाम जुड़वा सकेंगे।
एसआईआर
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर अब नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सोमवार से शहर के हर वार्ड कार्यालय में रोजाना 2 घंटे की सार्वजनिक सुनवाई होगी, जहां मतदाता सीधे अपने दस्तावेज पेश कर सकेंगे। यह व्यवस्था विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत लागू की जा रही है। जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, प्रतिदिन प्रत्येक वार्ड से 50 मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे। इन्हें तय समय में वार्ड कार्यालय बुलाकर मतदाता सूची से जुड़ी आपत्तियों, नाम जोड़ने या हटाने और सुधार संबंधी मामलों की सुनवाई की जाएगी।
अफसर होंगे आमने-सामने
इस सुनवाई की जिम्मेदारी सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारियों (AERO) को सौंपी गई है। तहसीलदार, नायब तहसीलदार और निगम के संबंधित अधिकारी तय समय पर वार्ड कार्यालय में मौजूद रहेंगे। नागरिक अपने दस्तावेज सीधे अधिकारियों के सामने रख सकेंगे और मौके पर ही सत्यापन कराया जाएगा।
यह भी पढ़ें-भोपाल में नाबालिग का अपहरण कर रचाया बाल विवाह, पत्नी की तरह रखकर की दरिंदगी; गर्भपात भी कराया
5 जनवरी से शुरू, 22 जनवरी तक मौका
- 5 जनवरी से वार्ड कार्यालयों में यह प्रक्रिया शुरू होगी।
- दावा-आपत्ति की सुनवाई 14 फरवरी तक चलेगी।
- नए मतदाता 22 जनवरी तक अपना नाम जुड़वा सकेंगे।
- जो मतदाता सूची में नाम जुड़वाना चाहते हैं, उन्हें निर्धारित फॉर्म भरकर दस्तावेज जमा करने होंगे।
तीन श्रेणियों में हो रहा सत्यापन
निर्वाचन कार्यालय ने मतदाताओं को जन्मतिथि के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा है। हर श्रेणी के लिए अलग-अलग दस्तावेजों की मांग की गई है, ताकि फर्जी या त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों को हटाया जा सके।
यह भी पढ़ें-CAG ने 6 साल पहले चेताया था, सरकार सोती रही और 15 मौतें हो गईं; बोले नेता प्रतिपक्ष सिंघार
50 हजार नोटिस, वार्ड-वार सुनवाई
भोपाल में करीब 50 हजार नोटिस तैयार किए गए हैं। हर दिन वार्ड स्तर पर 50 मतदाताओं को बुलाकर सूची की जांच की जाएगी। अधिकारियों का दावा है कि इससे मतदाता सूची अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनेगी। वार्ड स्तर पर सुनवाई शुरू होने से बुजुर्गों, महिलाओं और कामकाजी लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्हें जिला या संभाग कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। वहीं, प्रशासन पर यह जिम्मेदारी बढ़ गई है कि तय समय में सभी मामलों का निष्पक्ष निपटारा किया जाए।
Trending Videos
अफसर होंगे आमने-सामने
इस सुनवाई की जिम्मेदारी सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारियों (AERO) को सौंपी गई है। तहसीलदार, नायब तहसीलदार और निगम के संबंधित अधिकारी तय समय पर वार्ड कार्यालय में मौजूद रहेंगे। नागरिक अपने दस्तावेज सीधे अधिकारियों के सामने रख सकेंगे और मौके पर ही सत्यापन कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह भी पढ़ें-भोपाल में नाबालिग का अपहरण कर रचाया बाल विवाह, पत्नी की तरह रखकर की दरिंदगी; गर्भपात भी कराया
5 जनवरी से शुरू, 22 जनवरी तक मौका
- 5 जनवरी से वार्ड कार्यालयों में यह प्रक्रिया शुरू होगी।
- दावा-आपत्ति की सुनवाई 14 फरवरी तक चलेगी।
- नए मतदाता 22 जनवरी तक अपना नाम जुड़वा सकेंगे।
- जो मतदाता सूची में नाम जुड़वाना चाहते हैं, उन्हें निर्धारित फॉर्म भरकर दस्तावेज जमा करने होंगे।
तीन श्रेणियों में हो रहा सत्यापन
निर्वाचन कार्यालय ने मतदाताओं को जन्मतिथि के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा है। हर श्रेणी के लिए अलग-अलग दस्तावेजों की मांग की गई है, ताकि फर्जी या त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों को हटाया जा सके।
यह भी पढ़ें-CAG ने 6 साल पहले चेताया था, सरकार सोती रही और 15 मौतें हो गईं; बोले नेता प्रतिपक्ष सिंघार
50 हजार नोटिस, वार्ड-वार सुनवाई
भोपाल में करीब 50 हजार नोटिस तैयार किए गए हैं। हर दिन वार्ड स्तर पर 50 मतदाताओं को बुलाकर सूची की जांच की जाएगी। अधिकारियों का दावा है कि इससे मतदाता सूची अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनेगी। वार्ड स्तर पर सुनवाई शुरू होने से बुजुर्गों, महिलाओं और कामकाजी लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्हें जिला या संभाग कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। वहीं, प्रशासन पर यह जिम्मेदारी बढ़ गई है कि तय समय में सभी मामलों का निष्पक्ष निपटारा किया जाए।

कमेंट
कमेंट X