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MP Weather Today: शीतलहर ने जमाया मध्यप्रदेश, राजगढ़ में पारा 2 डिग्री तक लुढ़का, भोपाल भी ठिठुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Tue, 06 Jan 2026 06:38 PM IST
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सार
मध्यप्रदेश में शीतलहर और घने कोहरे के कारण ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। राजगढ़ में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि भोपाल 3.8 डिग्री के साथ सबसे ठंडा बड़ा शहर रहा। कई जिलों में विजिबिलिटी 50 मीटर से कम रही, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।
मौसम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश में ठंड ने इस बार बेहद सख्त तेवर अपना लिए हैं। शीतलहर और घने कोहरे के चलते प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड स्तर तक गिर गया है। राजगढ़ प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां रात का तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। राजधानी भोपाल भी भीषण ठंड की चपेट में रही और यहां न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी सर्दी का असर कम नहीं रहा। रीवा में पारा 4 डिग्री, खजुराहो में 4.4 डिग्री, उमरिया में 4.6 डिग्री और मंडला में 4.9 डिग्री तक गिर गया। ठंडी हवाओं और कोहरे ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।
बड़े शहरों में भोपाल सबसे ठंडा
बड़े शहरों की बात करें तो राजधानी भोपाल इस बार सबसे ठंडी रही। यहां न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री दर्ज किया गया। ग्वालियर में 7.3 डिग्री, उज्जैन और जबलपुर में 7.8 डिग्री तथा इंदौर में 8.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। कोहरे ने घटाई रफ्तार, 50 मीटर से भी कम विजिबिलिटीघने कोहरे का सबसे ज्यादा असर दतिया में देखने को मिला, जहां दृश्यता 50 मीटर से भी कम रह गई। इसके अलावा ग्वालियर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, खजुराहो, भोपाल, रायसेन, नौगांव, रीवा, गुना, नर्मदापुरम, मंडला, सतना, उज्जैन, श्योपुर, रतलाम, इंदौर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर और सीधी जैसे जिलों में भी कोहरे की मोटी परत छाई रही।
स्कूलों पर पड़ा असर
तेज ठंड और कोहरे को देखते हुए प्रशासन ने 24 जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया है, जबकि 7 जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदली गई है। हालांकि 24 जिलों में अब तक कोई आदेश जारी नहीं किया गया है, जिससे वहां के बच्चों को कड़ाके की ठंड में स्कूल जाना पड़ रहा है।
यह भी पढ़ें-भोपाल में वॉटर ट्रीटमेंट पर बड़ा सवाल,कांग्रेस का आरोप- रॉ वाटर सीधे बड़े तालाब में मिलाया जा रहा
जनवरी में क्यों बढ़ जाती है ठंड?
मौसम विभाग के अनुसार दिसंबर और जनवरी ठंड के लिहाज से सबसे अहम महीने होते हैं। इस दौरान उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवाएं तेज हो जाती हैं, जिससे तापमान में तेज गिरावट आती है। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से जनवरी में मावठा गिरने की संभावना भी बनी रहती है।
यह भी पढ़ें-शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग, भोपाल में 2 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी सड़कों पर, DPI का किया घेराव
रिकॉर्ड तोड़ रही सर्दी
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बार नवंबर और दिसंबर में ठंड ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। नवंबर में 84 साल और दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है। इसी ट्रेंड को देखते हुए जनवरी में भी कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और शीतलहर का दौर जारी रहने का अनुमान जताया गया है।
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बड़े शहरों में भोपाल सबसे ठंडा
बड़े शहरों की बात करें तो राजधानी भोपाल इस बार सबसे ठंडी रही। यहां न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री दर्ज किया गया। ग्वालियर में 7.3 डिग्री, उज्जैन और जबलपुर में 7.8 डिग्री तथा इंदौर में 8.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। कोहरे ने घटाई रफ्तार, 50 मीटर से भी कम विजिबिलिटीघने कोहरे का सबसे ज्यादा असर दतिया में देखने को मिला, जहां दृश्यता 50 मीटर से भी कम रह गई। इसके अलावा ग्वालियर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, खजुराहो, भोपाल, रायसेन, नौगांव, रीवा, गुना, नर्मदापुरम, मंडला, सतना, उज्जैन, श्योपुर, रतलाम, इंदौर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर और सीधी जैसे जिलों में भी कोहरे की मोटी परत छाई रही।
स्कूलों पर पड़ा असर
तेज ठंड और कोहरे को देखते हुए प्रशासन ने 24 जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया है, जबकि 7 जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदली गई है। हालांकि 24 जिलों में अब तक कोई आदेश जारी नहीं किया गया है, जिससे वहां के बच्चों को कड़ाके की ठंड में स्कूल जाना पड़ रहा है।
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जनवरी में क्यों बढ़ जाती है ठंड?
मौसम विभाग के अनुसार दिसंबर और जनवरी ठंड के लिहाज से सबसे अहम महीने होते हैं। इस दौरान उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवाएं तेज हो जाती हैं, जिससे तापमान में तेज गिरावट आती है। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से जनवरी में मावठा गिरने की संभावना भी बनी रहती है।
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रिकॉर्ड तोड़ रही सर्दी
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बार नवंबर और दिसंबर में ठंड ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। नवंबर में 84 साल और दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है। इसी ट्रेंड को देखते हुए जनवरी में भी कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और शीतलहर का दौर जारी रहने का अनुमान जताया गया है।

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